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मोदी कालिया नाग, कुचल देंगे हम: लालू यादव

राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘कालिया नाग’ बताया और कहा कि ‘‘हम उन्हें कुचल देंगे।’’
Author July 27, 2015 08:31 am
राजद अध्यक्ष लालू यादव टमटम से गांधी मैदान की ओर जाते हुए। (फोटो-पीटीआई)

कृष्ण की नगरी द्वारका के वासी के तौर पर खुद को पेश कर बिहार के यादव वोटरों को लुभाने की मोदी की कोशिश के एक दिन बाद राजद प्रमुख लालू यादव ने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उन्हें ‘कालिया नाग’ बताया और कहा कि ‘हम उन्हें कुचल देंगे।’

जातिगत जनगणना का आंकड़ा जारी करने के लिए एक दिनी उपवास की शुरुआत करते हुए लालू ने संवाददाताओं से कहा कि कृष्ण ने कालिया नाग को मारा। नरेंद्र मोदी के तौर पर उसका फिर से जन्म हुआ है और वे पूरे बिहार को डस रहे हैं। हम यदुवंशी एक बार फिर उसे मार डालेंगे और उनकी पार्टी को राज्य से उखाड़ फेंकेंगे। उन्होंने केंद्र पर आंकड़ों को दबा कर रखने का आरोप लगाया।

मोदी ने शनिवार को मुजफ्फरपुर में भाजपा की एक रैली में यादवों को लुभाते हुए उन्हें यदु भाई के तौर पर संबोधित किया और खुद को भगवान कृष्ण की भूमि के निवासी के तौर पर पेश किया। लालू रविवार को एक तांगा पर उपवास स्थल गांधी मैदान पहुंचे। तुरंत जातिगत आंकड़ा जारी करने की मांग करते हुए लालू ने कहा कि आंकड़ों से अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों की असल संख्या का पता चलेगा। उन्होंने दावा किया कि इन जातियों की संख्या इन वर्षों में तीन गुणा बढ़ी है। अंतिम जातिगत जनगणना ब्रिटिश शासन के दौरान 1931 में हुई थी।

लालू ने कहा कि नए आंकड़े से उनके लिए कल्याण कार्यक्रमों के खर्चे को लेकर आरक्षण में इजाफे का आधार बनेगा। उन्होंने कहा कि एससी और एसटी के लिए उनकी आबादी के मुताबिक अनुपातिक आरक्षण के लिए संवैधानिक प्रावधान है। अभी यह 1931 की जातिगत जनगणना के आधार पर दिया जा रहा है। नई जातिगत जनगणना का जब आंकड़ा आएगा तो हम उस आधार पर उनके लिए आरक्षण की मांग करेंगे। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि नया जातिगत जनगणना आंकड़ा बेहद चौंकाऊ है। एससी और एसटी की आबादी 1931 के बाद तिगुनी हो गई है और भाजपा नीत केंद्र सरकार इसे दबाना चाहती है। वह गरीब को वास्तविक हक नहीं देना चाहती।

स्मार्ट शहर बनाने की मोदी की योजना पर निशाना साधते हुए कहा कि देश स्मार्ट नौकरी चाहता है। उन्होंने कहा कि हमारे देश के अधिकतर लोग भूमिहीन और बेरोजगार हैं। मोदी रास्ता भटक गए हैं और विकास की बात करते हुए पटरी से उतर गए।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं- अध्यक्ष रामचंद्र पूर्वे, विधायी दल के नेता अब्दुल बारी सिद्दिकी, पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह, विधानपार्षद भोला यादव और बेटों तेजस्वी और तेजप्रताप के साथ लालू ने कहा कि लोग अपनी जाति की संख्या व आबादी में अपने हिस्से के बारे में जानना चाहते हैं।

जातिगत जनगणना आंकड़ा जारी करने की मांग को अपनी पार्टी का समर्थन देने के लिए दोपहर में पहुंचे जद (एकी) अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि वे खास तौर पर दिल्ली से अपने ‘साहसी भाई’ (लालू) के लिए आए हैं जिन्होंने देश में ‘बुरी स्थिति’ के खिलाफ संघर्ष शुरू किया है। ‘बुरी स्थिति’ के बारे में बताते हुए यादव ने कहा कि देश के विकास के लिए अपना पसीना बहाने वाला समाज का शोषित तबका आजादी के 68 साल बाद भी दयनीय स्थिति में है और केंद्र में शासन कर रहे लोग जातिगत जनगणना आंकड़े को छिपाकर उनका हक नहीं देना चाहते।

शरद ने कहा कि जातिगत जनगणना आंकड़े से एससी, एसटी और पिछड़ी जातियों के बीच अशिक्षा, आर्थिक असमानता और गरीबी के शिकार लोगों की संख्या का पता चलेगा। उन्होंने मांग की कि केंद्र या तो जाति व्यवस्था को खत्म कर दे या फिर तुरंत जातिगत आंकड़े जारी करे।

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