पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बुधवार को कहा कि पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार द्वारा शुरू की गई महिलाओं के लिए प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना “लक्ष्मी भंडार” के लगभग 30 लाख लाभार्थी अपात्र पाए गए हैं। यह ऐसे लोग है या तो उन्हें मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटा दिया गया है या उन्होंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) से संबंधित न्यायाधिकरण में या नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के तहत नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया है। नई भाजपा सरकार ने लक्ष्मी भंडार योजना के स्थान पर अपनी अन्नपूर्णा योजना शुरू की है, जो 1 जून से प्रभावी होगी।

शुभेंदु अधिकारी की ये टिप्पणियां उस दिन आईं जब सुप्रीम कोर्ट ने मतदाता सूची के एसआईआर की कानूनी वैधता को बरकरार रखते हुए कहा कि चुनाव आयोग (EC) का निर्णय चुनावी उद्देश्यों तक सीमित होने के कारण, नागरिकता के प्रश्न पर अंतिम नहीं हो सकता।

मुख्यमंत्री ने राज्य प्रशासनिक मुख्यालय, नबन्ना से आयोजित एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हमें लगा था कि लक्ष्मी भंडार लाभार्थियों की सूची सत्यापित हो चुकी है। लेकिन, हमें कई शिकायतें मिली हैं कि लगभग 30 लाख लोग, जिनके नाम मतदाता सूची से स्थायी रूप से हटा दिए गए हैं, जिन्होंने सीएए के तहत नागरिकता के लिए आवेदन नहीं किया है, या जिन्होंने किसी न्यायाधिकरण में अपील नहीं की है, उन्हें पैसा मिल रहा है। जब हमें फॉर्म प्राप्त होंगे, तब हमें (संख्या के बारे में) स्पष्ट जानकारी मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि लक्ष्मी भंडार के वर्तमान में 2.2 करोड़ लाभार्थी हैं।

शुभेंदु ने कहा कि लक्ष्मी भंडार से धनराशि प्राप्त करने वाले लोग अन्नपूर्णा योजना के फॉर्म भरने और मंजूरी मिलने के बाद भी धनराशि प्राप्त करते रहेंगे। सरकार का मुख्य उद्देश्य लक्ष्मी भंडार से अपात्र व्यक्तियों को हटाकर अन्नपूर्णा योजना शुरू करने से पहले एक स्पष्ट सूची तैयार करना है।

उन्होंने बताया कि कई पुरुषों को भी महिलाओं के लिए बनी योजना का लाभ मिला है। उन्होंने आगे कहा, “रकीबुल शेख, जिनके पिता का नाम मंसूर शेख है और जो बहरामपुर के राधरघाट-1 ग्राम पंचायत के निवासी हैं, उन्हें लक्ष्मी भंडार का पैसा मिल रहा है। सत्यापन की कमी के कारण ऐसी फर्जी घटनाएं हुईं।”

इससे पहले, महाराष्ट्र में भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने अपनी प्रमुख मुख्यमंत्री मांझी लड़की बहन योजना का ऑडिट किया था और अपात्र लोगों को योजना से बाहर कर दिया था। सरकार ने एक व्यापक सत्यापन अभियान के दौरान पात्रता मानदंडों को पूरा न करने वाले लगभग 69 लाख नामों को हटा दिया है, जिनमें ई-केवाईसी अनुपालन और दस्तावेज़ सत्यापन शामिल हैं। लाभार्थियों की संख्या अब 2024 के विधानसभा चुनावों के समय लगभग 2.46 करोड़ से घटकर लगभग 1.77 करोड़ रह गई है। इस योजना के तहत, पात्र महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये मिलते हैं। लाभार्थियों की संख्या में कमी के साथ, योजना का वार्षिक व्यय अनुमानित 45,000 करोड़ रुपये से घटकर लगभग 26,000 करोड़ रुपये हो गया है।

नए प्रपत्र जारी किए जाएंगे

ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली सरकार ने 2021 में लक्ष्मी भंडार योजना शुरू की थी। इसके तहत, 25 से 60 वर्ष की आयु की महिलाओं को कुछ बढ़ोतरी के बाद प्रति माह 1,500 रुपये मिलते थे, जबकि अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को 1,700 रुपये मिलते थे। भाजपा ने अन्नपूर्णा योजना के तहत इस राशि को बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया है।

वहीं अब शुभेंदु सरकार नए फॉर्म जारी करेगी और लाभ उठाने के इच्छुक लोगों को फॉर्म भरने के लिए 90 दिन का समय दिया जाएगा। जो लोग 2 जून तक फॉर्म भरेंगे और स्वीकृत हो जाएंगे, उन्हें अगले महीने से ही धनराशि मिलनी शुरू हो जाएगी। जब तक उनका दोबारा सत्यापन नहीं हो जाता, लक्ष्मी भंडार योजना के लाभार्थियों को पिछली योजना के तहत मिलने वाली धनराशि मिलती रहेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि अग्निमित्रा पॉल के नेतृत्व वाला महिला एवं बाल विकास विभाग नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।

अधिकारी ने कहा कि चूंकि यह एक बहुत बड़ा कार्य है (नई योजना में बदलाव करना), मुख्य सचिव के नेतृत्व में कई विभाग, स्थानीय प्रशासन और सूचना प्रौद्योगिकी विभाग भी एक पारदर्शी सूची बनाने में सहयोग करेंगे। इस फॉर्म में हमें लोगों से उनके परिवार का विवरण देने के लिए कहना पड़ा, क्योंकि हम एक डेटाबेस बनाना चाहते हैं। इसलिए, हम सभी से इस फॉर्म में वह सारी जानकारी देने की अपील करते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि लोगों को जल्दबाजी करने की जरूरत नहीं है, क्योंकि सरकार इस योजना में पंजीकरण कराने के लिए 90 दिन का समय दे रही है। फॉर्म ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से जमा किया जा सकता है। पंचायत और नगरपालिका क्षेत्रों में स्थानीय निकाय शामिल होंगे और पर्यवेक्षक घर-घर जाकर फॉर्म एकत्र करेंगे। नव निर्वाचित विधायक भी इस प्रक्रिया में शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार 15 से 17 जून तक राज्य भर में जनकल्याण शिविरों का आयोजन करेगी। लोग इन शिविरों में भी अपने फॉर्म जमा कर सकते हैं। सरकारी अधिकारियों ने बताया कि इनकम टैक्स देने वाली महिलाएं, केंद्र या राज्य सरकार के वर्तमान या पूर्व कर्मचारी इस योजना के लाभ प्राप्त करने के पात्र नहीं हैं।

TMC सांसद काकोली घोष ने पार्टी के सभी पदों से दिया इस्तीफा, CM शुभेंदु अधिकारी की बैठक में हुईं थीं शामिल

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद से तृणमूल कांग्रेस को अपने ही सांसदों और विधायकों के असंतोष का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच, तृणमूल कांग्रेस की सांसद काकोली घोष दस्तीदार ने पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया है। राज्य तृणमूल अध्यक्ष सुब्रता बख्शी को लिखे पत्र में बारासात सांसद ने कहा कि वह गहरे मानसिक संघर्ष और लंबे चिंतन के बाद पद छोड़ रही हैं। पढ़ें पूरी खबर।