ताज़ा खबर
 

लखवी जमानत मामला: भारत ने कहा ‘फैसला नामंजूर’

भारत ने मुंबई आतंकवादी हमलों के प्रमुख साजिशकर्ता और लश्कर ए तैयबा कमांडर जकी उर रहमान लखवी की जमानत पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यह कतई स्वीकार्य नहीं है और इस फैसले को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। इस घटनाक्रम के कुछ ही घंटे के बाद सूत्रों ने कहा कि यहां सरकार ने […]

हाई कोर्ट ने निलंबित किया पाक सरकार का आदेश

भारत ने मुंबई आतंकवादी हमलों के प्रमुख साजिशकर्ता और लश्कर ए तैयबा कमांडर जकी उर रहमान लखवी की जमानत पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यह कतई स्वीकार्य नहीं है और इस फैसले को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। इस घटनाक्रम के कुछ ही घंटे के बाद सूत्रों ने कहा कि यहां सरकार ने अदालत के फैसले के खिलाफ कड़ी प्रतिक्रिया के लिए इस्लामाबाद स्थित अपने उच्चायोग के साथ काम शुरू कर दिया है। गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने पेशावर के एक स्कूल में आतंकवादी हमले के महज दो दिन बाद लखवी को मिली जमानत को ‘बेहद दुर्भाग्यपूर्ण’ करार देते हुए राजनाथ ने उम्मीद जताई कि पाकिस्तान सरकार निचली अदालत के आदेश के खिलाफ ऊपरी अदालत में जाएगी और आदेश को रद्द कराएगी।

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता सैयद अकबरुद्दीन ने कहा कि हम इस बात को स्वीकार नहीं कर सकते कि लश्कर ए तैयबा के मुख्य आपरेशन कमांडर जकी उर रहमान लखवी को जमानत पर रिहा किया जा रहा है, जो कि मुंबई आतंकवादी हमलों का प्रमुख साजिशकर्ता था। उन्होंने कहा कि लखवी को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी करार दिया है। पेशावर के एक स्कूल में भयावह आतंकवादी हमले के महज दो दिन बाद लखवी की रिहाई पर प्रवक्ता ने कहा कि उसे जमानत मिलने से आतंकवादियों का हौसला बढ़ेगा जो जघन्य अपराधों को अंजाम देते हैं।

अकबरुद्दीन ने कहा कि हम पाकिस्तान की सरकार से मांग करते हैं कि इस फैसले को तत्काल वापस लेने के लिए कदम उठाए जाएं। आतंकवाद के प्रति कोई चुनिंदा रवैया नहीं हो सकता। पाकिस्तान ने खुद पिछले दिनों में जिन आपदाओं को सहा है, उनके स्तर को देखते हुए उसकी यह स्वीकार करने की जिम्मेदारी बनती है कि वह आतंकवादियों के साथ कोई समझौता नहीं करे। सूत्रों ने पहले ही संकेत दिया है कि सरकार आतंकवाद रोधी अदालत के फैसले का कड़ा जवाब देने की तैयारी के लिए पाकिस्तान में अपने मिशन के साथ काम कर रही है।

Lakshvi Bail Case भारत ने मुंबई आतंकवादी हमलों के प्रमुख साजिशकर्ता और लश्कर ए तैयबा कमांडर जकी उर रहमान लखवी की जमानत पर तीखी प्रतिक्रिया जताते हुए कहा कि यह कतई स्वीकार्य नहीं है और इस फैसले को तत्काल वापस लिया जाना चाहिए। (फोटो: रॉयटर्स)

 

लखवी के खिलाफ पर्याप्त सबूत नहीं होने संबंधी पाकिस्तान सरकार की टिप्पणी के बारे में पूछे जाने पर अकबरुद्दीन ने कहा कि पाकिस्तान के पास मुंबई हमलों के मामले में 99 फीसद साक्ष्य हैं और उस देश की सरकार की जिम्मेदारी है कि वह इन सबूतों को अदालत में पेश करे। उन्होंने कहा- हम यह नहीं भूलें कि मुंबई हमलों की पूरी साजिश पाकिस्तान में रची गई थी। हम यह नहीं भूलें कि साजिश में शामिल और इसे अंजाम देने वाले लोग पाकिस्तान के थे। इन सभी को पाकिस्तान में प्रशिक्षण दिया गया था। यह भी नहीं भूलना चाहिए कि हमले के लिए पैसे का इंतजाम पाकिस्तान में हुआ था। इसलिए सबूत पेश करने की जिम्मेदारी पाकिस्तान सरकार की है। हमारा मानना है कि पाकिस्तान में मुंबई आतंकी हमले के मामले में 99 फीसद सबूत हैं। एक फीसद सबूत जो हमारे पास हैं, हमने उन्हें मुहैया कराए हैं।

भारत में हमलों को अंजाम देने की लश्कर की साजिश की खबरों के बारे में पूछे जाने पर प्रवक्ता ने कहा कि भारत की सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता है। भारत के बारे में हाफिज सईद के हालिया बयान पर उन्होंने प्रतिक्रिया देने से मना कर दिया और कहा कि भारत के पास उनसे निपटने के तरीके हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लखवी को जमानत मिलने पर पाकिस्तान को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि मामले में अभियोजन पक्ष की कुछ खामियां हो सकती हैं। इस फैसले की जानकारी मिलने के तुरंत बाद सिंह ने एक संवाददाता सम्मेलन बुलाकर कहा कि भारत ने मुंबई आतंकवादी हमलों के मामले में पूरी शिद्दत से कार्रवाई की। नतीजतन तेज सुनवाई हुई और एक आतंकवादी अजमल कसाब को फांसी देने के साथ मामले में न्याय किया गया। लेकिन पाकिस्तान में ऐसा नहीं हो रहा। हमने आतंकवादियों के खिलाफ पर्याप्त सबूत दिए हैं।

उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री नवाज शरीफ ने कहा था कि उनके देश में आतंकवाद का सफाया होने तक आतंकी तत्वों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा। इसलिए मैं उम्मीद करता हूं कि जमानत रद्द करवाने के लिए पाकिस्तान सरकार ऊंची अदालत में अपील करेगी। उन्होंने लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक हाफिज सईद समेत सभी वांछित आतंकवादियों को भारत को सौंपने की मांग की। सिंह ने कहा कि वे विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से बात करेंगे ताकि नई दिल्ली इस मामले को सख्ती के साथ इस्लामाबाद के साथ उठाए।

 

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App