संबित पात्रा बोले, राहुल और प्रियंका लखीमपुर हिंसा पर कर रहे हैं वोट की खेती, राजस्थान की घटना याद दिलाते हुए पूछा- मानवाधिकारों पर सेलेक्टिव एप्रोच क्यों?

लखीमपुर खीरी मामले पर बीजेपी ने विपक्ष पर वोट की खेती करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस पर निशाना साधते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राजस्थान में दलितों पर अत्याचार हो रहा है, वहां कोई विपक्ष का नेता क्यों नहीं जाता।

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लखीमपुर मामले पर बीजेपी ने साधा कांग्रेस पर निशाना (फोटो- @BJP4India)

लखीमपुर खीरी मामले में कांग्रेस के आक्रमक रुख के बाद अब बीजेपी ने भी पलटवार करना शुरू कर दिया है। बीजेपी ने आरोप लगाया है कि राहुल और प्रियंका गांधी लखीमपुर हिंसा पर वोट की खेती कर रहे हैं।

लखीमपुर मामले को लेकर भाजपा ने राजस्थान में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। मीडिया को संबोधित करते हुए भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस और अन्य राजनीतिक दलों पर दूसरे राज्यों में ऐसी घटनाओं पर चुप रहने का आरोप लगाया। उन्होंने कांग्रेस पर कांग्रेस शासित राज्यों में मानवाधिकारों के उल्लंघन पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया।

संबित पात्रा ने कहा कि लखीमपुर में जो कुछ हुआ वो दुखद है, उसकी जांच चल रही है, लेकिन कुछ राजनीतिक दल इस मामले पर राजनीति कर रहे हैं। खासतौर से गांधी परिवार, प्रियंका और राहुल गांधी अपने आप को चैंपियन ऑफ दलित राइट्स के तौर पर पेश कर रहे हैं। लेकिन ये राजस्थान के मामले पर चुप हो जाते हैं।

पात्रा ने आगे कहा कि राजस्थान में एक युवक की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई, दलितों पर अत्याचार हो रहा है, महिलाओं के खिलाफ अपराध हो रहे हैं। वहां तो कोई नहीं जाता। राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, अखिलेश यादव या बंगाल से कोई नेता राजस्थान नहीं गया। अलवर के योगेश जाटव को पीट-पीट कर मार दिया गया, उसपर राहुल गांधी ने ट्वीट क्यों नहीं किया। किसी ने भी इसपर चर्चा नहीं की। विपक्ष का मानवाधिकारों पर सलेक्टिव एप्रोच घातक है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि राजस्थान का प्रशासन वहां दलितों के साथ हो रही घटनाओं पर कोई कार्रवाई नहीं करता, क्या राजस्थान के दलित का कोई मानवाधिकार नहीं है? पात्रा ने कहा कि प्रधानमंत्री जी आज ही कहा है कि मानवाधिकार का बहुत ज्यादा हनन तब होता है जब उसे राजनीतिक रंग से देखा जाता है, राजनीतिक चश्मे से देखा जाता है, राजनीतिक नफा-नुकसान के तराजू से तौला जाता है। इस तरह का सलेक्टिव व्यवहार, लोकतंत्र के लिए भी नुकसानदायक होता है।

बता दें कि लखीमपुर में किसान जब प्रदर्शन कर रहे थे, तब गाड़ियों ने उन्हें पीछे से रौंद दिया था। जिसमें चार किसानों की मौत हो गई थी। इस घटना के लिए गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर किसानों ने आरोप लगया है। गाड़ी से रौंदने के बाद इस जगह पर हिंसा भी भड़क उठी थी, जिसमें तीन बीजेपी कार्यकर्ता और एक स्थानीय पत्रकार की मौत हो गई थी।

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