‘हम क्या करते, डॉक्टर ने जो कहा वो मान लिया लेकिन गोली तो लगी थी’, लखीमपुर में मृतक किसान के पिता की जुबानी

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक घटना में मारे गए चार किसानों में से एक किसान गुरविंदर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर हंगामा मचा हुआ है। गुरविंदर सिंह के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गाड़ी से घसीटने, शॉक और ब्रेन हेमरेज बताई गई थी।

लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक घटना में मारे गए किसान गुरविंदर सिंह के पिता सुखविंदर सिंह (एक्सप्रेस फोटो)

बीते 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले में हुई हिंसक घटना में चार किसानों की मौत हो गई थी। इस घटना में मारे गए चार किसानों में से एक किसान गुरविंदर सिंह की पोस्टमार्टम रिपोर्ट पर हंगामा मचा हुआ है। गुरविंदर सिंह के पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह गाड़ी से घसीटने, शॉक और ब्रेन हेमरेज बताई गई थी। हालांकि इसके बाद परिवार वालों ने शरीर में गोली लगने का आरोप लगाया था। जिसके बाद दोबारा पोस्टमार्टम किया गया जिसमें फिर से गाड़ी से घसीटने, शॉक और ब्रेन हेमरेज ही बताया गया। अब गुरविंदर सिंह के परिवार वालों ने आपबीती सुनाते हुए कहा है कि हम क्या करते, हमें जो डॉक्टर ने कहा हमने वो मान लिया, लेकिन उसके शरीर में गोली लगी थी।

अपने 18 वर्षीय बच्चे के अंतिम संस्कार के बाद इंडियन एक्सप्रेस से बात करते हुए गुरविंदर सिंह के पिता सुखविंदर सिंह ने कहा कि हम क्या करते। डॉक्टरों ने जो कुछ भी कहा हमने मान लिया, हमें उसी से संतोष करना होगा क्योंकि हम तो डॉक्टर नहीं हैं। लेकिन उसके(गुरविंदर सिंह) शरीर में गोली लगी थी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि हमें अपने बेटे के शव को देखा उसे गोली लगी थी। उसके सर के पिछले हिस्से में और माथे के दाहिनी हिस्से में एक सुराख़ बना हुआ था। उसकी दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी गोली नहीं लगने की बात कही गई और आकस्मिक मौत बताई गई। हम कैसे यह विश्वास कर सकते हैं जब एक नहीं बल्कि कई प्रत्यक्षदर्शी कह रहे हैं कि उन्हें मोनू (केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा) नाम के किसी व्यक्ति ने गोली मार दी।

20 वर्षीय गुरविंदर के 20 वर्षीय भाई गुरसेवक भी कहते हैं कि उनके पूरे शरीर पर चोट के निशान थे। ऐसा कोई हिस्सा नहीं था जहां खून नहीं था। उसे सबसे क्रूर तरीके से मारा गया। अपने भाई के लिए न्याय की मांग करते हुए गुरसेवक कहते हैं कि गुरविंदर बहुत धार्मिक थे, वह संत बनना चाहते थे और हमेशा धार्मिक किताब पढ़ने में व्यस्त रहते थे। गुरविंदर अपने तीन भाई बहनों में सबसे छोटे थे।

3 अक्टूबर को हुई हिंसक घटना में मारे गए चारों किसानों का पोस्टमार्टम सोमवार को किया गया था। पोस्टमार्टम के बाद लवप्रीत सिंह, दिलजीत सिंह, नछत्तर सिंह का अंतिम संस्कार मंगलवार को किया गया। लेकिन गुरविंदर सिंह के परिजनों ने पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट को गलत बताते हुए दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की। हालांकि बाद में दोबारा पोस्टमार्टम होने के बाद बुधवार को सुबह 9 बजे गुरविंदर सिंह का अंतिम संस्कार किया गया।  

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