BKU के राकेश टिकैत बोले- आत्मरक्षा में हत्यारा मारा जाए तो हत्या नहीं होती, कहा- हिस्ट्रीशीटर नहीं बन सकता गृह राज्य मंत्री

किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा कि सरकार को सात दिन का समय दिया गया है। निश्चित समय पर हर हाल में हमारी मांगें मानी जानी चाहिए। अगर 12 तारीख तक गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो देश भर में आंदोलन होगा।

किसान राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद हुए समझौते को लेकर कहा कि समझौता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को हटाने और दोनों पिता पुत्र की गिरफ़्तारी पर हुआ है। (एक्सप्रेस फोटो)

बीते 3 अक्टूबर को उत्तरप्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसक घटना में करीब आठ लोगों की मौत हो गई थी। इसमें चार किसान शामिल थे। किसानों को गाड़ी से कुचलने का आरोप केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे मोनू मिश्रा के ऊपर लगा। इसी मामले में किसान नेता राकेश टिकैत देश के गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा टेनी और उनके बेटे की गिरफ़्तारी की मांग कर रहे हैं। राकेश टिकैत ने अजय मिश्रा पर हमला बोलते हुए कहा है कि एक हिस्ट्रीशीटर गृह राज्य मंत्री नहीं बन सकता। साथ ही उन्होंने कहा कि आत्मरक्षा में हत्यारा मारा जाए तो हत्या नहीं होती है।

गुरुवार को रामपुर पहुंचे किसान नेता राकेश टिकैत ने समाचार एजेंसी एएनआई से बातचीत करते हुए केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को लेकर कहा कि वो तो अपने बचाव में कहेगा, चोर अदालत के अंतिम दरवाजे तक मना करता है और कातिल फांसी के अंतिम तख्ते तक मना करता है। कातिल हैं, हत्यारे हैं और हिस्ट्रीशीटर देश का गृह राज्य मंत्री नहीं बन सकता। साथ ही उन्होंने ट्वीट करते हुए कहा कि हत्यारों की रिपोर्ट किसानों पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आत्मरक्षा में हत्यारा मारा जाए तो हत्या नहीं होती है।

इसके अलावा राकेश टिकैत ने लखीमपुर खीरी हिंसा के बाद हुए समझौते को लेकर कहा कि समझौता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को हटाने और दोनों पिता पुत्र की गिरफ़्तारी पर हुआ है। यदि कोई यह समझ रहा है कि मुआवजे पर समझौता हुआ है तो जरुरत पड़ने पर मुआवजे का पैसा वापस भी कर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को सात दिन का समय दिया गया है। निश्चित समय पर हर हाल में हमारी मांगें मानी जानी चाहिए। अगर 12 तारीख तक गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को गिरफ्तार नहीं किया जाता है तो देश भर में आंदोलन होगा।

किसान नेता राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि कानून को निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए। जानबूझ कर लोगों के ऊपर गाड़ियां चढ़ाई गई। साथ ही उन्होंने लखीमपुर खीरी की हिंसा को लेकर कहा कि उस दौरान पुलिस वाले के ऊपर भी गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की गई। लेकिन वो लोग बच गए। किसान अपने घर की तरफ जा रहे थे और गाड़ी ने पीछे से उनके ऊपर चढ़ा दिया।

बता दें कि 3 अक्टूबर को उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई हिंसा में 8 लोगों की मौत हो गई। जिसमें 4 किसान, 3 भाजपा कार्यकर्ता और एक पत्रकार शामिल थे। लखीमपुर खीरी में हुई इस हिंसक घटना को लेकर केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा समेत 14 लोगों के खिलाफ हत्‍या, आपराधिक साजिश सहित कई धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई है। वहीं उत्तरप्रदेश की योगी सरकार ने इस मामले में एक सदस्यीय आयोग का गठन किया है। आयोग को मामले की जांच के लिए दो महीने का समय दिया गया है। इस जांच कमीशन में इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज प्रदीप कुमार श्रीवास्तव को शामिल किया गया है।

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