चौधरी पुष्पेंद्र बोले- प्रचार न करो, भड़के किसान नेता, लाइव शो में देने लगे धमकी

लखीमपुर हिंसा मामले में पुष्पेंद्र सिंह ने मांग करते हुए कहा कि, जबतक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा इस्तीफा नहीं देते हैं, तबतक इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है।

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भानू प्रताप सिंह और चौधरी पुष्पेंद्र सिंह(फोटो सोर्स: यूट्यूब/वीडियो ग्रैब)

लखीमपुर खीरी हिंसा मामले में टीवी चैनलों पर इन दिनों खूब डिबेट चल रही है। ऐसे में एक निजी न्यूज चैनल के डिबेट शो में दो किसान नेता आपस में ही भिड़ गये। जहां एक तरफ भारतीय किसान यूनियन(भानू) के राष्ट्रीय अध्यक्ष भानू प्रताप सिंह थे तो दूसरी तरफ किसान शक्ति संघ के अध्यक्ष चौधरी पुष्पेंद्र सिंह थे। बात यहां तक बढ़ गई कि, भानू प्रताप ने चौधरी पुष्पेंद्र को धमकी देते हुए उन्हें पागल तक कह दिया।

दरअसल एंकर ने जब भानु प्रताप सिंह को बोलने का मौका दिया तो शुरुआत में अपनी बात रखने से पहले वो अपना परिचय देने लगे। जिसपर पुष्पेंद्र सिंह ने उन्हें टोकते हुए कहा कि, आप मुद्दे पर आ जाओ, प्रचार मत करो। इतना सुनते ही किसान नेता भानू पूरी तरह से भड़क गए और पुष्पेंद्र सिंह को धमकी देने लगे।

भानू प्रताप सिंह ने कहा कि, “भारतीय किसान यूनियन(भानू) का मैं राष्ट्रीय अध्यक्ष हूं। बरसाना, मथुरा में मेरा कार्यालय है। मैं कभी झूठ नहीं बोलता।” इतने में पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि, “मुद्दे पर आओ, ये प्रचार मत करो। ये परिचय पांच सौ बार दे चुके हो आप।” इसपर भानू प्रताप सिंह ने कहा कि, बकवास मत करो, दम हो तो मेरे पास आ जाओ।

बताया राकेश टिकैत और कांग्रेस का षड्यंत्र: उन्होंने पुष्पेंद्र सिंह को पागल कहते हुए लखीमपुर हिंसा मामले पर कहा कि, “तुम पागल हो, तुम्हारे कांग्रेस और राकेश टिकैत की वजह से ही यह सब मामला हुआ है। काले झंडे क्यों दिखाए उपमुख्यमंत्री को। यह सब राकेश टिकैत और कांग्रेस का षड्यंत्र है। दिल्ली की सीमाओं पर चल रहा आंदोलन इसी से जुड़ा हुआ है। ये लोग संविधान, लोकतंत्र कुछ नहीं मानते।” उन्होंने कहा कि, “कांग्रेस कितना भी जोर लगा ले, उत्तर प्रदेश में सत्ता वापसी नहीं कर पाएगी।”

वहीं लखीमपुर मामले में पुष्पेंद्र सिंह ने मांग करते हुए कहा कि, जबतक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा इस्तीफा नहीं देते हैं, तबतक इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हो सकती है।

बता दें कि भानू प्रताप सिंह उन किसान नेताओं में शामिल हैं, जिन्होंने इसी साल 26 जनवरी को दिल्ली के लाल किले पर हुई हिंसा के बाद किसान आंदोलन से खुद को अलग कर लिया था। इस आंदोलन से अलग होने के बाद से ही भानू लगातार राकेश टिकैत पर जुबानी हमला करते रहते हैं।

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