लखीमपुर खीरीः सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार से मांगी रिपोर्ट, CJI बोले- मृतक की मां का भी इलाज करवाओ

शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह उन दोनों वकीलों का पक्ष जानना चाहती है जिन्होंने लखीमपुर खीरी घटना में सीबीआई को शामिल करते हुए उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया था।

lakhimpur Khiri, Priyanka
लखीमपुर में विरोध प्रदर्शन के दौरान किसान (एक्सप्रेस फोटो/विशाल श्रीवास्तव)

लखीमपुर हिंसा और बवाल पर गुरुवार को सुनवाई करते हुए उच्चतम न्यायालय ने यूपी सरकार से घटना की पूरी रिपोर्ट मांगी है। साथ ही निर्देश दिया है कि घटना में मृत एक किसान की मां काे तत्काल उचित और जरूरी चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए। कोर्ट ने कहा कि हमें अभी एक संदेश मिला है कि बेटे की मौत के सदमे की वजह से मां की हालत गंभीर है। राज्य सरकार इस पर तुरंत अमल करे।

अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से गुरुवार को यह बताने के लिए कहा कि तीन अक्टूबर की लखीमपुर खीरी हिंसा के सिलसिले में किन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है और उन्हें गिरफ्तार किया गया है या नहीं। घटना में आठ लोगों की मौत हो गई थी। प्रधान न्यायाधीश एन वी रमण, न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति हिमा कोहली की पीठ ने उत्तर प्रदेश सरकार की तरफ से पेश हुए वकील को इस बारे में स्थिति रिपोर्ट में जानकारी देने का निर्देश दिया। वकील ने पीठ से कहा कि घटना की जांच के लिए एक न्यायिक आयोग का गठन किया गया है और राज्य मामले में एक स्थिति रिपोर्ट दाखिल करेगा।

शीर्ष अदालत ने मामले में अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की है। लखीमपुर खीरी में किसानों के प्रदर्शन के दौरान तीन अक्टूबर को हुई हिंसा में आठ लोग मारे गए थे। इससे पहले, दोपहर में शीर्ष अदालत ने कहा था कि वह उन दोनों वकीलों का पक्ष जानना चाहती है जिन्होंने लखीमपुर खीरी घटना में सीबीआई को शामिल करते हुए उच्च स्तरीय जांच का अनुरोध किया था।

इससे पहले कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेता और सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने उच्चतम न्यायालय पर सवाल खड़े किए। दरअसल मामले को सुप्रीम कोर्ट द्वारा स्वत: संज्ञान ना लिए जाने पर सिब्बल ने एक ट्वीट में हैरानी जताते हुए कहा कि, लोग मारे जा रहे हैं, कुचले जा रहे हैं, लेकिन सर्वोच्च अदालत संज्ञान नहीं ले रहा। उन्होंने देश की सबसे बड़ी अदालत से इस मामले में कार्रवाई के लिए अनुरोध किया था।

इस बीच कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने गुरुवार को कहा कि अगर लखीमपुर खीरी मामले की जांच निष्पक्ष करनी है तो गृह राज्य मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। साथ ही जांच सेवानिवृत्त नहीं बल्कि मौजूदा न्यायाधीश से कराने की मांग की।

मृतक किसानों के परिजनों से मिलने के लिए बहराइच जाने से पहले प्रियंका गांधी वाद्रा ने यहां पत्रकारों से कहा, “मेरे नजरिये में ही नहीं बल्कि परिवारों के नजरिये से भी इस मामले की सेवानिवृत्त न्यायधीश नहीं बल्कि उच्चतम न्यायालय या उच्च न्यायालय के मौजूदा न्यायधीश से जांच करवानी चाहिए। मैं जांच पर टिप्पणी नहीं करना चाहती क्योंकि यह अभी शुरू ही नहीं हुई है लेकिन मैं इतना कह सकती हूं कि अगर जांच निष्पक्ष करनी है तो उस मंत्री (गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा) को इस्तीफा देना पड़ेगा क्योंकि वह गृह (राज्य) मंत्री हैं और यह सब उन्हीं के अन्तर्गत आता है।”

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