लखीमपुर कांड: पुलिस के समन पर हाज़िर नहीं हुआ मंत्री का बेटा, सीएम योगी बोले- केवल आरोपों के आधार पर गिरफ़्तारी नहीं होती; पिता बोले- उस दिन आशीष घटनास्थल पर होता तो मारा जाता

लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए आरोपी आशीष मिश्रा के पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने कहा कि “किसानों के रूप में दंगाइयों” ने उस दिन लोगों को पीटा था। अगर मेरा बेटा वहां होता तो उसे मार दिया गया होता। दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से उसके ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं।

शुक्रवार को पुलिस के सामने पेश नहीं होने के बाद घटना के मुख्य आरोपी और केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को फिर से समन भेजा गया है। वहीं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि केवल आरोपों के आधार पर गिरफ़्तारी नहीं होती है। (फोटो: एएनआई/ एक्सप्रेस फाइल)

लखीमपुर खीरी में किसानों को कथित रूप से अपनी गाड़ी से रौंदने के मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा को उत्तरप्रदेश पुलिस की क्राइम ब्रांच के सामने पेश होने के लिए समन जारी किया गया था लेकिन वे पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। जिसके बाद उसके घर पर दूसरा समन चस्पा किया गया। वहीं उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को एक कार्यक्रम के दौरान आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी को लेकर कहा कि केवल आरोपों के आधार पर गिरफ़्तारी नहीं होती है। आरोपी आशीष मिश्रा के पिता व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा ने भी अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा कि अगर वह उस दिन घटनास्थल पर होता तो मारा जाता।  

शुक्रवार को पुलिस के सामने पेश नहीं होने के बाद इस मामले में आरोपी आशीष मिश्रा के घर पर दोपहर के बाद फिर से समन चस्पा किया गया। इस समन में सीआरपीसी की धारा 160 के तहत लिखा गया है कि तिकुनिया पुलिस स्टेशन में एक मामले में आपको अपना पक्ष पेश करने के लिए पुलिस लाइन में क्राइम ब्रांच कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था, लेकिन आप उपस्थित नहीं हुए। इसलिए आप को शनिवार को फिर से पेश होने और अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया जाता है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

इस मामले में लखनऊ ज़ोन के एडीजी सत्य नारायण सबत ने द इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में कहा कि शुक्रवार को दूसरा नोटिस जारी किया गया। जांच के आधार पर अब तक 10 आरोपियों के नाम हमारे संज्ञान में आ चुके हैं। 10 में से दो को गिरफ्तार कर लिया गया है। अन्य पांच लोगों की पहचान कर ली गई है और हम उनकी भूमिका की जांच कर रहे हैं। बाकी तीन अन्य लोग जिनके नाम सामने आए हैं, वे मर चुके हैं। बता दें कि पुलिस में दर्ज शिकायतों के अनुसार आशीष मिश्रा इस मामले में इकलौता आरोपी है। उसके दो साथियों आशीष पांडे और लवकुश राणा को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। 

वहीं लखनऊ में पत्रकारों से बात करते हुए आरोपी आशीष मिश्रा के पिता केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा ने कहा कि “किसानों के रूप में दंगाइयों” ने उस दिन लोगों को पीटा था। अगर मेरा बेटा वहां होता तो उसे मार दिया गया होता। दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से उसके ऊपर झूठे आरोप लगाए जा रहे हैं। यूपी में योगी आदित्यनाथ और बीजेपी की सरकार है और यहां जांच निष्पक्ष होगी। अगर यहां किसी और पार्टी की सरकार होती तो इतने उंचे पद पर बैठे व्यक्ति के बेटे के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज नहीं होती।

इससे पहले सीएनएन-न्यूज 18 पर आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि लखीमपुर खीरी की घटना बेहद ही दुखद है। सरकार इस मामले को गंभीरता से देखेगी। लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है। जब कानून सबको सुरक्षा दे रहा है तो किसी को भी कानून हाथ में लेने का हक नहीं है। कोई भी हो कानून सबके लिए समान है। वहीं आशीष मिश्रा की गिरफ़्तारी को लेकर मुख्यमंत्री ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला है कि गिरफ्तारी से पहले आपके पास पर्याप्त सबूत होने चाहिए। हम किसी के आरोप के आधार पर किसी को गिरफ्तार नहीं करेंगे। लेकिन हां अगर कोई दोषी है तो हम उसे नहीं बख्शेंगे, चाहे वह कोई भी हो।

इसके अलावा उन्होंने कहा कि हमारी सरकार का यही संकल्प है और हमने राज्य भर में यही किया है। चाहे कोई भी हो, अगर उनके खिलाफ सबूत मिलते हैं, तो उन्हें कार्रवाई का सामना करना पड़ता है, चाहे वह भाजपा के विधायक हों या विपक्षी पार्टियों के विधायक। किसी भी पद बैठे होने के बावजूद हम किसी के प्रति नरमी नहीं दिखाते हैं और लखीमपुर खीरी मामले में भी हम ऐसा ही करेंगे।

कार्यक्रम के दौरान जब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से यह पूछा गया कि आखिर विपक्षी पार्टियों के नेता को लखीमपुर खीरी जाने से क्यों रोका गया, क्या केंद्र सरकार और राज्य सरकार इस मामले में कुछ छुपा रही थी तो उन्होंने कहा कि हम कुछ भी नहीं छिपा रहे हैं। हमने शिकायतों के आधार पर मामला दर्ज किया है। सरकार की पहली प्राथमिकता शांति और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करना है। विपक्षी नेता शांति के दूत नहीं हैं। उनमें से कई चेहरे हैं जो हिंसा के पीछे भी हो सकते हैं। तथ्यों को सामने आने दीजिए। तब सब कुछ साफ़ हो जाएगा। इस दौरान उन्होंने लखीमपुर खीरी आए कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल पर जमकर निशाना साधा।

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