जब लखीमपुर मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने की सीबीआई पर तल्ख टिप्पणी, जानें पूरा मामला

कोर्ट ने कहा कि वह दशहरा की छुट्टी के बाद मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने ये भी कहा कि राज्य तब तक मामले में सबूतों को संरक्षित करे।

CJI NV Ramana
आरोपी आशीष मिश्रा को नोटिस भेजने के मामले में CJI ने कहा कि क्या हम अन्य आरोपियों के साथ भी ऐसा करते हैं? (चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया एनवी रमना। एक्सप्रेस आर्काइव)

सुप्रीम कोर्ट ने लखीमपुर खीरी कांड में सुनवाई के दौरान शुक्रवार को केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर तल्ख टिप्पणी की है। भारत के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना और जस्टिस सूर्यकांत और हेमा कोहली की खंडपीठ ने शुरू में यूपी सरकार की ओर से पेश वकील हरीश साल्वे से पूछा था कि क्या राज्य सरकार ने सीबीआई को मामले की जांच अपने हाथ में लेने के लिए कहा है।

इसके जवाब में साल्वे ने कहा कि पूरी तरह से आधिपत्य आपके हाथ में है। राज्य ने ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया है। अगर आप इस पर संतुष्ट नहीं हैं, तो इसे सीबीआई को सौंप दें।

इसके बाद सीजेआई रमना ने कहा कि मिस्टर साल्वे हम आपका सम्मान करते हैं। हमें उम्मीद है कि राज्य इस मुद्दे की संवेदनशीलता के कारण जरूरी कदम उठाएगा। हम कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं। सीबीआई समाधान नहीं है, बेहतर है कि कोई और व्यक्ति (मामले) को देखे।

बता दें कि केंद्रीय राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर अपने वाहन से प्रदर्शन कर रहे किसानों को कुचलने और मारने का आरोप है। इस मामले में साल्वे ने अदालत को बताया था कि मिश्रा को कल सुबह 11 बजे अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए नोटिस भेजा गया है।

जिसके बाद सीजेआई ने पूछा था कि क्या हम अन्य आरोपियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार करते हैं? उन्हें भी नोटिस बगैरह भेजा जाता है?

उन्होंने कहा कि यह बेंच की राय है। यह एक जिम्मेदार राज्य सरकार और पुलिस है। जब मौत की वजह से गंभीर आरोप लगे हैं और बंदूक की गोली से चोट लगी है, तो क्या इस देश में अन्य आरोपियों के साथ भी ऐसा ही व्यवहार किया जाएगा?

कोर्ट ने आखिर में कहा कि वह दशहरा की छुट्टी के बाद मामले की सुनवाई करेगी। कोर्ट ने ये भी कहा कि राज्य तब तक मामले में सबूतों को संरक्षित करे।

क्या है लखीमपुर मामला: लखीमपुर खीरी में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा पर किसान संगठनों ने आरोप लगाया है कि उनकी गाड़ी किसानों को रौंदती हुई निकल गई थी, जिससे चार किसानों की मौत गई, जबकि कई घायल हो गए हैं। इस घटना का वीडियो भी वायरल हो रहा है। किसान इस मामले में आशीष मिश्रा की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं। ऐसे में बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व पर भी प्रेशर बढ़ गया है क्योंकि इस घटना की वजह से विपक्षी पार्टियां चारों तरफ से उसे घेर रही हैं।

पढें राष्ट्रीय समाचार (National News). हिंदी समाचार (Hindi News) के लिए डाउनलोड करें Hindi News App. ताजा खबरों (Latest News) के लिए फेसबुक ट्विटर टेलीग्राम पर जुड़ें।

अपडेट