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LAC विवादः ‘अपने चीनी संपर्कों से इनपुट्स लें राहुल गांधी’, नरेंद्र मोदी के मंत्री का तंज

प्रसाद ने जुलाई 2017 के राहुल गांधी के ट्वीट को साझा किया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने चीनी राजदूत, भूटान के राजदूत और पूर्वोत्तर के कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की थी। यह बैठक डोकलाम विवाद के समय हुई थी। कांग्रेस ने पहले ऐसी किसी बैठक से इंकार किया हालांकि बाद में भाजपा द्वारा निशाना साधे जाने के बाद स्वीकार किया।

China, LAC, Ravi Shankar Prasad, Rahul Gandhiकेंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद। (फाइल फोटो)

भाजपा ने शुक्रवार को चीनी राजदूत के साथ राहुल गांधी की मुलाकात का एक पुराना ट्वीट साझा करते हुए कांग्रेस नेता की उस टिप्पणी पर चुटकी ली, जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से चीन के साथ सीमा विवाद का ब्यौरा सार्वजनिक करने की मांग की है। पार्टी नेता रविशंकर प्रसाद ने तंज कसते हुए कहा है कि राहुल गांधी को अपने चीनी संपर्कों से इस मसले पर इनपुट्स लेने चाहिए।

उन्होंने कहा, ‘‘ राहुल गांधी ने चीन सीमा मुद्दे जैसे संवेदनशील विषय के बारे में प्रधानमंत्री से ब्यौरा सार्वजनिक करने को कहा है। मैं समझता हूं कि श्रीमान गांधी के पास समानांतर सूचना प्रणाली है। क्या उन्होंने डोकलाम संकट के दौरान चीनी राजदूत के साथ बैठक नहीं की थी? पहले इंकार किया लेकिन बाद में मामला सार्वजनिक होने पर स्वीकार किया।’’

प्रसाद ने जुलाई 2017 के राहुल गांधी के ट्वीट को साझा किया जिसमें उन्होंने कहा कि उन्होंने चीनी राजदूत, भूटान के राजदूत और पूर्वोत्तर के कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की थी। यह बैठक डोकलाम विवाद के समय हुई थी। कांग्रेस ने पहले ऐसी किसी बैठक से इंकार किया हालांकि बाद में भाजपा द्वारा निशाना साधे जाने के बाद स्वीकार किया।

राहुल गांधी ने पूर्वी लद्दाख सीमा पर भारत और चीन के बीच जारी गतिरोध को लेकर सरकार पर सवाल उठाया है। इस क्षेत्र में वर्तमान स्थिति साल 2017 के डोकलाम विवाद के बाद सबसे बड़े सैन्य गतिरोध जैसी है। भारत ने कहा है कि सीमा विवाद का निपटारा बातचीत के जरिये होगा।

भारत और चीन पूर्वी लद्दाख विवाद के समाधान के लिये संवाद बनाये रखने पर सहमत- विदेश मंत्रालय:भारत और चीन ने पूर्वी लद्दाख विवाद के जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिये सैन्य और राजनयिक स्तर पर संवाद बनाये रखने पर सहमति जतायी है। विदेश मंत्रालय ने बृहस्पतिवार को यह बात कही। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव ने साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा कि दोनों पक्षों ने स्थिति के जल्द शांतिपूर्ण समाधान के लिये सैन्य और राजनयिक बातचीत करने और सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने की भी बात कही है जो दोनों देशों के नेताओं के व्यापक मार्गदर्शन में हो। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति सुनिश्चित करने भी बात कही है।

उन्होंने हालांकि इस इस सवाल का जवाब नहीं दिया जिसमें पिछले कुछ दिनों में पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी और हॉट स्प्रिंग में संघर्ष के इलाकों से भारत और चीन दोनों देशों की सेनाओं के पीछे हटने की खबर के बारे में पूछा गया था। साल 2018 में चीन के वुहान शहर में पहली ऐतिहासिक अनौपचारिक शिखर वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने भारत-चीन सीमा के क्षेत्र के सभी इलाकों में द्विपक्षीय रिश्तों के विकास के लिए शांति की अहमियत को रेखांकित किया था।

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