ताज़ा खबर
 

अध्यक्ष केवी थॉमस बोले- मेरा आज भी मानना है कि पीएसी को है पीएम को बुलाने का हक़

इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में थॉमस ने कहा कि प्रधानमंत्री एक कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेते हैं इसलिए वो एक मंत्री भी हैं।

Author Updated: January 22, 2017 10:49 AM
लोक लेखा समिति के अध्यक्ष के वी थॉमस (दाएं)। (एक्सप्रेस फोटो- अभिनव साहा)

संसद की लोक लेखा समिति के अध्यक्ष और पूर्व केन्द्रीय मंत्री के वी थॉमस ने कहा है कि उनका आज भी मानना है कि डिमोनेटाइजेश पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लोक लेखा समिति के सामने बुलाने का हक है। इंडियन एक्सप्रेस से खास बातचीत में उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री एक कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेते हैं इसलिए वो एक मंत्री भी हैं। थॉमस ने कहा कि उनके बयान को थोड़ा गलत अंदाज में पेश किया गया। उन्होंने फिर दोहराया, “अगर लोक लेखा समिति एकमत होकर फैसला करती है और लोकसभा की स्पीकर भी उस पर सहमत होती हैं तब हम प्रधानमंत्री को बुला सकते हैं। क्यों? क्योंकि प्रधानमंत्री उन सबमें एक जैसे हैं वो कैबिनेट मंत्री के रूप में शपथ लेते हैं न कि प्रधानमंत्री के रूप में।”

प्रोफेसर थॉमस ने बताया कि पीएसी की पिछली बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा हुई है और हमलोग इस नतीजे पर पहुंचे कि आज की तारीख में नियमों के मुताबिक पीएसी के पास किसी भी मामले से संबंधित मंत्री और प्रधानमंत्री को बुलाने का हक है, जबकि अधिकारियों को बुलाकर उनसे लेखा परीक्षण संबंधित साक्ष्य की मांग की जा सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएसी के सामने किसी भी मंत्री को साक्ष्य प्रस्तुत करने के लिए नहीं बुलाया जाता है।

थॉमस ने बताया कि उसी कमेटी ने यह भी माना है कि अगर कमेटी के अध्यक्ष को लगता है कि किसी मंत्री को पीएसी के सामने बुलाना आवश्यक है तो उन्हें बुलाकर अनौपचारिक बात की जा सकती है। उन्होंने कहा, मैं भी पीएसी का सदस्य हूं और लंबे समय तक संसद सदस्य रहा हूं, इसलिए जहां तक मेरा मानना है कि कमेटी के पास किसी मंत्री या प्रधानमंत्री को बुलाने का हक है। उन्होंने कहा कि इसका मकसद किसी मंत्री या प्रधानमंत्री के खिलाफ काम करना नहीं बल्कि लोकतंत्र को मजबूत बनाना है।

गौरतलब है कि संसद की लोक लेखा समिति (पीएसी) ने नोटबंदी के मुद्दे पर वित्त मंत्रालय के अधिकारियों और रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल से पूछताछ की है। पीएसी  अध्यक्ष ने कहा था कि इनका जवाब संतोषजनक नहीं रहने पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भी बुलाया जा सकता है। इस बयान की भाजपा ने कड़ी आलोचना की थी।

वीडियो देखिए- नोटबंदी: RBI गवर्नर उर्जित पटेल ने संतोषजनक जवाब न दिए, तो पीएम मोदी को तलब कर सकती है संसदीय समिति

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 जल्लीकट्टू: विरोध प्रदर्शन के चलते मुख्यमंत्री नहीं कर पाए शुरुआत, फिर भी कई जगह खेल
2 आंध्र प्रदेश में बड़ा ट्रेन हादसा, इंजन समेत 8 कोच पटरी से उतरे, 32 लोगों की मौत
3 सिपाही चंदू चव्‍हाण के भाई ने कहा- गांव में खुशी, अब दादी की अस्थियों का विसर्जन होगा
जस्‍ट नाउ
X