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कोरोना से महामंडलेश्वर की मौत के बाद निरंजनी अखाड़ा कुंभ से बाहर, उत्तराखंड सरकार का फ़रमान- कुंभ को छोड़ कहीं नहीं जुटेंगे 200 से ज़्यादा लोग

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार में अब तक 30 साधु कोरोना संक्रमित हो चुके हैं, वहीं कुंभ मेले में पिछले तीन दिन में 1300 लोग पॉजिटिव पाए गए हैं।

Edited By कीर्तिवर्धऩ मिश्र हरिद्वार | Updated: April 16, 2021 11:09 AM
हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले में शाही स्नानों के दिन कुल 28 लाख लोग तक जुट चुके हैं। (फोटो- एजेंसी)

भारत में कोरोनावायरस की दूसरी लहर में हर दिन संक्रमितों का नया रिकॉर्ड बन रहा है। इन स्थितियों के बीच कई लोग अलग-अलग राज्यों में जारी चुनावी रैलियों और हरिद्वार में चल रहे कुंभ मेले पर सवाल उठा रहे हैं। दरअसल, कुंभ मेले से तो पिछले तीन दिनों में 1300 से ज्यादा केस मिले हैं। इनमें 30 साधु भी संक्रमित पाए गए हैं, जबकि एक अखाड़े के महामंडलेश्वर की जान भी जा चुकी है। अब हरिद्वार कुंभ में शामिल संतों के 13 अखाड़ों में से एक निरंजनी अखाड़े ने कोविड-19 के बढ़ते मामलों और राज्य में खराब होती स्थिति के मद्देनजर आयोजन से हटने का फैसला किया है।

निरंजनी अखाड़ा के सचिव रवींद्र पुरी ने बताया, “मुख्य शाही स्नान 14 अप्रैल को मेष संक्राति के साथ संपन्न हो गया। हमारे अखाड़ा में कई लोगों में कोविड-19 के लक्षण सामने आ रहे हैं। ऐसे में हमारे लिए कुंभ मेला संपन्न हो गया।” सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, हरिद्वार में अब तक 30 साधु कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। इनमें निर्वाणी अखाड़े के महामंडलेश्वर कपिल देव का बुधवार को कोरोना संक्रमण से निधन हो गया था। वह मध्यप्रदेश के चित्रकूट से कुंभ में शामिल होने के लिए हरिद्वार गए थे। पॉजिटिव होने के बाद से उनका देहरादून के कैलाश हॉस्पिटल में इलाज चल रहा था। लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।

गौरतलब है कि कोविड-19 की वजह से हरिद्वार कुंभ की अवधि घटाकर मात्र एक महीने रखी गई थी जबकि सामान्य परिस्थितियों में हर 12 साल में लगने वाले वाला कुंभ मेला मध्य जनवरी से अप्रैल तक चलता है। कोरोना के चलते इस साल कुंभ का मेला जनवरी की बजाय 1 अप्रैल से शुरू किया गया था। केंद्र सरकार की गाइडलाइंस के मुताबिक स्थिति को देखते हुए इसका समय कम किया जा सकता है।

कोरोना के बढ़ते केसों के नई गाइडलाइंस जारी, पर कुंभ को छूट: इस बीच उत्तराखंड सरकार ने भी कोरोना महामारी को रोकने के लिए नई गाइडलाइंस जारी की हैं। सरकार ने कोचिंग संस्थान और स्पा को खोलने पर पूर्ण प्रतिबंध लगाते हुए विवाह तथा अन्य समारोहों में 200 से ज्यादा व्यक्तियों के शामिल होने पर रोक जैसे कई उपाय लागू किए हैं। प्रदेश के मुख्य सचिव ओम प्रकाश ने कहा कि सभी धार्मिक, राजनीतिक और विवाह जैसे सामाजिक समारोहों में 200 से अधिक व्यक्ति शामिल नहीं हो सकेंगे। हालांकि, हरिद्वार महाकुंभ क्षेत्र में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा पूर्व में जारी दिशानिर्देश लागू होंगे।

शुक्रवार से प्रभावी होने वाले इस आदेश में मुख्य सचिव ने कहा कि बस, विक्रम, आटो, रिक्शा आदि सार्वजनिक वाहन अधिकतम 50 प्रतिशत क्षमता के साथ ही संचालित होंगे जबकि जिम, सिनेमा हॉल, रेस्तरां तथा बार भी 50 फीसदी क्षमता के साथ ही खुलेंगे। आदेश के मुताबिक पूरे प्रदेश में कोचिंग संस्थान पूर्णत: बंद रहेंगे। स्वीमिंग पूल और स्पा भी नहीं खुलेंगे।

कंटेनमेंट (निषिद्ध क्षेत्र) और माइक्रोकंटेनमेंट क्षेत्रों में सभी प्रकार के समारोह, सार्वजनिक वाहनों का संचालन, सिनेमा हाल, जिम, रेस्टोरेंटों के खुलने पर पूरी तरह से पाबंदी रहेगी। आदेश में कहा गया है कि रात साढे़ दस बजे से सुबह पांच बजे तक लागू रात्रि कफर्यू के दौरान केवल कुछ आवश्यक कार्यों के लिए ही आवागमन की छूट रहेगी।

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