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कोरोना के बीच कुंभः CM का था दावा- हैं पुख्ता इंतजाम; पर शाही स्नान में टूटे नियम, संक्रमित महंत नरेंद्र गिरी AIIMS में, 102 अन्य साधु भी पॉजिटिव

मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा तैयार सभी कोविड दिशानिर्देशों को लागू करना सुनिश्चित किया है।

Kumbh,Covid-19,Haridwarहरिद्वार कुंभ में उमड़ी भीड़ (फोटो- PTI)

हरिद्वार महाकुंभ के दूसरे शाही स्नान में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। कोरोना संकट के बीच चल रहे इस कुंभ मेले में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत के बयान के विपरीत सुरक्षा इंतजाम की काफी कमी देखने को मिली। कोरोना से बचाव के लिए जारी गाइडलाइन को कई जगह तोड़ा गया। कई लोग बिना मास्क लगाए घूमते देखे गए वहीं सोमवार को हरिद्वार पहुंचे 28 लाख लोगों में से महज 18,169 लोगों की दिन के 11 बजे से शाम पांच बजे तक जांच की गयी थी जिनमें 102 लोग संक्रमित पाए गए।

सुरक्षा को लेकर किए जा रहे दावों के विपरीत थर्मल स्क्रीनिंग तक की व्यवस्था कई जगहों पर नहीं देखने को मिली। इंडियन एक्सप्रेस ने लगभग 50 से अधिक लोगों से आरटीपीसीआर रिपोर्ट को लेकर बात की जिसमें से 15 लोगों के पास रिपोर्ट नहीं थे। एमपी के भिंड से आए सरकारी शिक्षक राज प्रताप सिंह ने कहा कि वो सोमवार सुबह कार से हरिद्वार पहुंचे हैं। उन्होंने कहा: “हमारी आरटी-पीसीआर रिपोर्ट को उत्तर प्रदेश सीमा पर नारसन चेकपॉइंट पर चेक किया गया था। मेला क्षेत्र में किसी ने इसके लिए नहीं कहा। कोई थर्मल स्क्रीनिंग नहीं की गई है।

जम्मू से आए व्यवसायी प्रमोद शर्मा अनिवार्य आरटी-पीसीआर रिपोर्ट के बिना ही मेला में आए थे। उन्होंने कहा कि हरिद्वार के यात्रियों को लगभग 3 किमी पहले ज्वालापुर रेलवे स्टेशन पर उतरने के लिए कहा गया था। लेकिन बहुत सारे यात्री थे, और किसी ने आरटी-पीसीआर रिपोर्ट के बारे में नहीं पूछा। बाद में, हमने गऊ घाट पर गंगा में स्नान किया। कहीं भी थर्मल स्क्रीनिंग नहीं हुई।

कुंभ मेला के दौरान तैनात आईजी संजय गुंज्याल ने कहा कि मास्क नहीं पहनने पर होने वाले चलान को आज भीड़ को कंट्रोल करने के लिए टाल दिया गया है।हालांकि, मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने कहा था कि राज्य सरकार ने केंद्र द्वारा तैयार सभी कोविड दिशानिर्देशों को लागू करना सुनिश्चित किया है। रावत ने कहा, ‘हमने भारत सरकार के दिशानिर्देशों का 100 प्रतिशत पालन किया है।’

रविवार को द इंडियन एक्सप्रेस ने तीन अखाड़ों – जूना, अवहान और निरंजनी के शिविरों का दौरा किया। निरंजनी अखाड़े में केवल आगंतुकों के लिए मास्क अनिवार्य थे जहां नरेंद्र गिरि, जो अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष भी हैं कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे। इधर महंत नरेंद्र गिरी की तबियत बिगड़ गयी है। उन्हें बेहतर इलाज के लिए एम्स ऋृषिकेष में भर्ती करवाया गया है। सोमवार को उनके कोरोना संक्रमित होने की बात सामने आयी थी। 11 मार्च को पहला शाही स्नान आयोजित किया गया था, जिसमें 32 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया था। अगला शाही स्नान बुधवार को होगा।

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