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कोल्लम में नियमों की अनदेखी से हुआ हादसा, पटाखों में था प्रतिबंधित रसायन

कोल्लम मंदिर त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 109 पहुंच गई है।

Author कोल्लम (केरल) | April 12, 2016 1:16 AM
सौ साल पुराने मंदिर में रविवार (10 अप्रैल) तड़के साढ़े तीन बजे के करीब धमाका हुआ, जब मंदिर परिसर में आतिशबाजी चल रही थी। (रॉयटर्स फोटो)

पुत्तिंगल देवी मंदिर में लगी भीषण आग की घटना के एक दिन बाद रविवार को यह बात सामने आई कि विस्फोटक संबंधी नियमों का घोर उल्लंघन हुआ और बुनियादी सावधानियों को नजरअंदाज किया गया। इस त्रासदी में मरने वालों की संख्या बढ़कर 109 पहुंच गई है। मुख्य विस्फोटक नियंत्रक सुदर्शन कमल ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद संवाददाताओं को बताया, ‘यहां विस्फोटक संबंधी नियमों का घोर उल्लंघन दिखाई देता है।’ उन्होंने कहा, ‘हम आतिशबाजी के लिए इस्तेमाल विस्फोटकों की जांच करने आए हैं।’ अधिकारी ने यह भी कहा कि पटाखे बनाने वालों और आतिशबाजी कराने वालों की ओर से प्रतिबंधित रसायनों का इस्तेमाल किया गया है। उन्होंने कहा, ‘बुनियादी तौर पर जो सावधानियां बरती जानी चाहिए थीं उनको भी नजरअंदाज किया गया।’

कोल्लम की जिला अधिकारी ए. शैनामुल ने कहा कि आतिशबाजी के लिए अनुमति देने या नहीं देने को लेकर उन पर किसी तरह का दबाव नहीं था। उन्होंने कहा, ‘मैंने सिर्फ अपना काम किया है। मुझ पर किसी ने दबाव नहीं डाला था। अनुमति देने या इससे इनकार करने के लिए कुछ निश्चित प्रक्रियाओं की जरूरत होती है। हमने पुलिस और तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी है।’
इस बीच, तिरुवनंतपुरम स्थित विभिन्न अस्पतालों में तीन और घायल लोगों ने दम तोड़ दिया। कोल्लम और राज्य की राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में कम से कम 383 घायलों का उपचार चल रहा है। सरकार के चिकित्सा दल स्थिति का जायजा लेने के लिए उन सभी अस्पतालों का दौरा करेंगे, जहां घायलों को भर्ती कराया गया है। रविवार आधी रात से चल रही अनधिकृत आतिशबाजी के दौरान 100 साल पुराने पुत्तिंगल देवी मंदिर परिसर में तड़के भीषण आग फैल गई थी।

यह त्रासदी रविवार तड़के साढ़े तीन बजे के करीब हुई, जब मंदिर परिसर में आतिशबाजी चल रही थी। हजारों लोग इसे देखने के लिए एकत्र हुए थे। आतिशबाजी के दौरान कुछ चिंगारियां गोदाम ‘कंबापुरा’ में चली गईं और वहां रखे पटाखों में भारी आवाज के साथ विस्फोट हो गया। इससे लगी आग तेजी से फैल गई और परिसर में मौजूद श्रद्धालु वहीं फंस गए।

इससे पहले त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड (टीडीबी) ने कहा था कि वह ऐसी आतिशबाजी प्रदर्शनी पर पूरी तरह प्रतिबंध के पक्ष के नहीं है। बोर्ड राज्य में करीब 1255 मंदिरों का प्रबंधन संभालता है। टीडीबी अध्यक्ष प्रयार गोपालकृष्णन ने कहा कि बोर्ड मंदिर के उत्सवों के दौरान पटाखों पर पाबंदी के खिलाफ है क्योंकि ये परंपराओं का हिस्सा हैं। लेकिन उन्होंने कहा कि पर्याप्त सुरक्षा उपायों के साथ सरकार की पाबंदियों और अदालती आदेशों के अनुरूप इनका आयोजन होना चाहिए।

आतिशबाजी प्रदर्शन में नियमों की गंभीर अवहेलना की बात सामने आने के बाद एक निजी ट्रस्ट द्वारा संचालित मंदिर की 15 सदस्यीय प्रबंध समिति में से किसी ने अभी तक इस दुखद हादसे पर प्रतिक्रिया नहीं दी है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि वे ‘फरार’ हैं।

अब भी सदमे से उबर नहीं पा रहे स्थानीय लोग दुर्घटना में मारे गए अपने प्रियजनों को अंतिम विदाई देने के लिए धीरे धीरे तैयार हो रहे हैं। अधिकारियों ने कहा कि जिन लोगों के शवों की पहचान कर ली गई है उन्हें रिश्तेदारों को सौंपा जा रहा है। तिरुवनंतपुरम मेडिकल कॉलेज अस्पताल समेत अस्पतालों में मार्मिक दृश्य था जहां अपनों के शव के इंतजार में लोगों को बिलखते देखा जा सकता है।

इस बीच पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ हत्या की कोशिश समेत अन्य आरोपों के तहत मामला दर्ज किया है। इन लोगों में मंदिर प्रबंधन समिति के सदस्य और आतिशबाजी ठेकेदारों के सहायक शामिल हैं। पांच लोगों को पूछताछ के लिए भी हिरासत में लिया गया है लेकिन पुलिस ने उन लोगों की पहचान उजागर नहीं की है जिनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया है या जिन्हेंं हिरासत में लिया गया है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता की धारा 307 (हत्या का प्रयास) और 308 (गैर इरादतन हत्या के प्रयास) के तहत और विस्फोटक सामग्री कानून की धारा चार के तहत मामला दर्ज किया है।

अपराध शाखा के विशेष जांच दल का नेतृत्व कर रहे एडीजीपी (अपराध शाखा) एस अनंतकृष्णन ने बताया, ‘अपराध शाखा ने मंदिर परिसर में दुर्घटनास्थल पर साक्ष्य एकत्र करके जांच शुरू कर दी है।’ उन्होंने कहा, ‘दस्तावेज और साक्ष्य जुटाने के बाद और अधिक लोगों को आरोपी के तौर पर शामिल किया जाएगा।’

आरोपियों में ठेकेदार – सुरेंद्रन और कृष्णाकुट्टी के सहयोगी शामिल हैं। इन लोगों ने मंदिर में आतिशबाजी का मुकाबला करवाया था। पुलिस ने कहा कि ठेकेदार से जुड़े पांच कर्मचारियों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। केरल सरकार ने इस मामले में हाई कोर्ट के एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश के नेतृत्व में न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही अपराध शाखा की जांच के भी आदेश जारी किए गए हैं।

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