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पार्क स्ट्रीट सामूहिक बलात्कार कांड: अदालत ने तीन लोगों को दोषी करार दिया

शहर की एक अदालत ने पॉश पार्क स्ट्रीट इलाके में 40 वर्षीय महिला के साथ चलती कार में सामूहिक बलात्कार करने के मामले में आज तीन लोगों को दोषी करार दिया..

Author कोलकाता | December 10, 2015 8:13 PM

शहर की एक अदालत ने पॉश पार्क स्ट्रीट इलाके में 40 वर्षीय महिला के साथ चलती कार में सामूहिक बलात्कार करने के मामले में आज तीन लोगों को दोषी करार दिया। तीन साल से भी ज्यादा पहले हुई इस घटना में बाद में पीड़िता ने पहचान गोपनीय रखने के अपने अधिकार को छोड़ दिया था। मुख्य सरकारी वकील तमल मुखर्जी ने कहा कि पार्क स्ट्रीट सामूहिक बलात्कार कांड में आरोपियों को भारतीय दंड संहिता की धाराओं 376 (2) जी (सामूहिक बलात्कार), 120बी (आपराधिक षड्यंत्र), 323 (जानबूझकर चोट पहुंचाना), 506 :आपराधिक धमकी: और 34 :समान मंशा: के तहत दोषी करार दिया है।

बंद कमरे में फैसला सुनाते हुये अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश चिरंजीब भट्टाचार्य ने कहा कि दोषियों को सजा शुक्रवार को सुनायी जाएगी। इन आरोपों में अधिकतम उम्र कैद की सजा हो सकती है। मुखर्जी ने बताया कि अदालत ने रूमन खान, नसीर खान और सुमित बजाज को सामूहिक बलात्कार का दोषी माना। हालांकि पुलिस अभीतक मुख्य आरोपी कादर खान और एक अन्य आरोपी अली को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।

गोपनीयता छोड़कर कई बार लोगों के सामने आयी, इस कांड की पीड़िता ने कहा था कि उसे अपना नाम बार-बार प्रकाशित होने से कोई एतराज नहीं है क्योंकि यह अन्य बलात्कार पीड़ितों को खुलकर बोलने को प्रोत्साहित करेगा। पीड़िता की इस वर्ष मार्च में दिमागी बुखार से मौत हो गयी।

पांच फरवरी 2012 को पॉश पार्क स्ट्रीट इलाके में स्थित एक नाइट क्लब के सामने से जब इस महिला को अगवा कर इसके साथ सामूहिक बलात्कार किया गया तो उसकी उम्र 40 वर्ष थी। पूरे घटनाक्रम के बाद आरोपियों ने उसे नाइट क्लब से करीब दो किलोमीटर दूर फेंक दिया था।

पीड़िता के परिवार ने न्याय पर प्रसन्नता जतायी है। अदालत के बाहर महिला की बहन ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘अब उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। न्याय हुआ है और हम बहुत खुश हैं। यह उसके और उसके परिवार के लिए मुश्किल वक्त रहा।’’

महिला के पिता यह कहते हुए रो पड़े कि यदि उनकी बेटी फैसला सुनने के लिए जीवित होती तो उसे कितनी खुशी हुई होती। उन्होंने कहा, ‘‘हमने बहुत सहा है। मेरी बेटी अब जीवित नहीं, लेकिन न्याय हुआ है।’’

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने इस घटना के बाद बयान दिया था कि इसपर हो रहा हंगामा सिर्फ उनकी सरकार की छवि खराब करने का प्रयास है। इस बयान को लेकर वह विवादों में घिर गयी थीं। हालांकि कानून बलात्कार पीड़ितों को गोपनीयता का अधिकार देता है, लेकिन घटना के करीब एक साल बाद पीड़ित महिला ने सबसे सामने अपनी पहचान जाहिर की थी।

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