कोलकाता के डीसीपी शांतनु सिन्हा बिस्वास को ईडी ने गुरुवार शाम को 11 घंटे की लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया। बिस्वास को धोखाधड़ी और जबरन वसूली का आरोप है। इस मामले की जानकारी अधिकारियों ने

चार बार समन की अवहेलना के बाद ईडी ने शांतनु सिन्हा बिस्वास के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। बिस्वास गुरुवार सुबह सॉल्ट लेक स्थित ईडी कार्यालय पहुंचे थे। लगभग एक महीने पहले 19 अप्रैल को ईडी ने बिस्वास के आवास और उनसे कथित तौर पर जुड़ी अन्य संपत्तियों पर छापेमारी की थी।

ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि सोना पप्पू नेटवर्क से जुड़े कथित भूमि हड़पने, जबरन वसूली और वित्तीय अनियमितताओं की जांच के सिलसिले में पूछताछ के दौरान उन्होंने (बिस्वास ने) सहयोग नहीं किया। उन्होंने बार-बार सीधे जवाब देने से परहेज किया… एकत्रित सामग्री और पूछताछ के दौरान उनके व्यवहार के आधार पर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।

ईडी के एक अधिकारी के अनुसार, केंद्रीय एजेंसी ने बिस्वास को पांच समन नोटिस भेजे थे। बिस्वास पर आरोप है कि उन्होंने कोलकाता में कुख्यात अपराधी सोना पापू के साथ मिलकर एक गिरोह में काम किया था।

ईडी के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, पहले गिरफ्तार किए गए रियल एस्टेट कारोबारी जॉय कामदार के पास से मिले व्हाट्सऐप चैट और डिजिटल डेटा में बिस्वास के इस अवैध नेटवर्क से जुड़े होने के संकेत मिले हैं। जांच में करीब 2.5 करोड़ रुपये के संदिग्ध लेनदेन का भी पता चला है। इसके अलावा, बिस्वास की अलग-अलग मामलों में भी जांच चल रही है। उन पर रेत तस्करी, अवैध बालू कारोबार, और जमीन कब्जाने से जुड़े मामले में वित्तीय गड़बड़ियों के आरोपों की भी जांच की जा रही है।

30 अप्रैल को प्रवर्तन निदेशालय ने भूमि हड़पने के एक मामले में करोड़ों रुपये के अवैध लेनदेन के आरोपों के चलते व्यवसायी जय एस कामदार को गिरफ्तार किया था। ईडी सूत्रों के अनुसार, सन एंटरप्राइज के प्रबंध निदेशक कामदार पर लगभग 1,100 करोड़ रुपये के अवैध लेनदेन का आरोप है।

ईडी के एक अधिकारी ने बताया कि एजेंसी ने कामदार के पास से कई डिजिटल उपकरण बरामद किए, जिनसे पता चला कि करोड़ों रुपये फर्जी कंपनियों में ट्रांसफर किए गए थे… कामदार, सोना पापू से घनिष्ठ रूप से जुड़ा हुआ है… सोना पापू के बैंक लेनदेन की जांच करते समय, हमें कई वित्तीय लेनदेन मिले, जिनमें बिस्वास के खाते में किए गए लेनदेन भी शामिल हैं। इसीलिए वह हमारी निगरानी में आए। अधिकारी ने आगे कहा कि हम अब उन अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रहे हैं जो इस नेटवर्क में शामिल हो सकते हैं।

बता दें, बिस्वास ने इससे पहले कोलकाता पुलिस में महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया है। जिनमें सबसे उल्लेखनीय पद टीएमसी सुप्रीमो ममता बनर्जी के गृह क्षेत्र कालीघाट पुलिस स्टेशन के पूर्व प्रभारी अधिकारी का था। इसी साल मार्च में ईडी ने कोयला घोटाला मामले में बिस्वास को पूछताछ के लिए तलब किया था।

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