केरल: ईसाई युवती की मुस्लिम युवक से शादी अवैध, विवाह कराने वाले 2 पादरी भी दंडित

केरल के सायरो मालाबार चर्च (Syro Malabar Church) की 3 सदस्यीय जांच कमेटी ने कैथोलिक युवती और मुस्लिम युवक के बीच अंतरधार्मिक विवाह को अवैध करार दिया गया है। यह घटना केरल की है।

Author Edited By आलोक श्रीवास्तव नई दिल्ली | Updated: January 3, 2021 9:16 PM
Bishop Cathedral church New Delhi Kerala Kochiप्रतीकात्मक तस्वीर। (सोर्स- इंडियन एक्सप्रेस अर्काइव)

केरल के सायरो मालाबार चर्च (Syro Malabar Church) की 3 सदस्यीय जांच कमेटी ने कैथोलिक युवती और मुस्लिम युवक के बीच अंतरधार्मिक विवाह को अवैध करार दिया गया है। समाचार पत्र ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’ की रिपोर्ट के मुताबिक़, यह घटना केरल की है। समिति ने अपने आदेश में कहा कि शादी के दौरान कई नियमों का उल्लंघन हुआ है। इस शादी के दौरान ‘कैनन कानून’ (Canon law) का पालन नहीं किया गया इसलिए शादी ‘अवैध’ है।

समिति ने कहा, शादी कराने के दौरान दो पादरियों ने भी कई नियमों का ध्यान नहीं रखा। उन्हें भी दोषी ठहराने की सिफारिश की गई है। कैथोलिक युवती त्रिशूर जिले के इरिनजलक्कुडा और मुस्लिम युवक कोच्चि का रहने वाला है। दोनों की शादी पिछले साल 9 नवंबर को शादी हुई थी। इस घटना पर आर्क बिशप मार जॉर्ज एलेनचेरी (Mar George Alencherry) ने जांच का आदेश दिया है। उन्होंने पादरियों द्वारा अंतरधार्मिक शादियों को ‘बढ़ावा’ देने के पहलू पर भी जांच के आदेश दिए हैं।

इसके अलावा, सायरो मालाबार चर्च के पादरी ने कहा, ‘समिति ने इरिनजलक्कुडा के पादरी, बिशप और एर्नाकुलम-अंगालामी के आर्कडीओसेस (Archdiocese) की जानकारी इकट्ठा की है। यह जानकारी वरिष्ठ आर्की बिशप से भी साझा की जा चुकी है। जानकारी के मुताबिक़ शादी में कैनन लॉ का पालन नहीं किया गया है, इसलिए यह अमान्य है।’

कैथोलिक चर्च का ‘कैनन लॉ’ ऐसे नियमों का संग्रह है, जिसे कैथोलिक चर्च के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने तैयार किया है। कैथोलिक समुदाय के लोगों को इन दिशा निर्देशों का ही पालन करना होता है। इसके पहले भी सायरो मालाबार चर्च विवादों में रह चुका है। चर्च ने कहा था कि वह खुद सुनिश्चित करेगा कि ईसाई समुदाय में होने वाली हर शादी कैनन लॉ के आधार पर ही होंगी। इसके लिए सभी बिशप को इस क़ानून से संबंधित दिशा-निर्देश भेज दिए जाएंगे। जिससे यह तय किया जा सके कि दो अलग धर्म के लोगों बीच शादी कैथोलिक तरीके से ही हो रही है।

सायरो मालाबार चर्च पूर्वी (ओरिएंटल) के 22 कैथोलिक चर्चों में से एक है। इसका रोम के साथ भरपूर सामंजस्य है। साथ ही, इसने बिशपों को आदेश दे रखा है कि वह कैनन लॉ के तहत ही अंतरधार्मिक विवाह आयोजित कराएं। चर्च ने बिशपों को आदेश दिया है कि वह अंतरधार्मिक शादियों के साथ ‘समुदाय के विवाह की विषमता’ (Disparity of cult marriages) जैसा बर्ताव करें, लेकिन इनका आयोजन कैथोलिक तरीके से ही किया जाना चाहिए।

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