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संविधान में सेक्युलरिज्म असदुद्दीन ओवैसी को क्यों लगती है सबसे बड़ी गाली, दिया ये जवाब

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी अक्सर विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं।

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी। (फोटोः फेसबुक)

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुसलमीन (एआईएमआईएम) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी अक्सर विवादित बयानों को लेकर सुर्खियों में रहते हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि संविधान में सेक्युलरिज्म (धर्मनिरपेक्षता) शब्द गाली जैसा लगता है। ऐसा क्यों है, इसके पीछे की वजह उन्होंने हिंदी चैनल आज तक के थर्ड डिग्री में बताई।

उन्होंने इसमें एंकर अंजना ओम कश्यप, निशांत चतुर्वेदी और अशोक सिंघल से बात की। बेबाकी के साथ मुस्लिम राजनीति और साल 2019 के लोकसभा चुनावों पर सवालों के जवाब दिए। बातचीत के दौरान अंजना ने पूछा- आपने हाल में कहा था कि सेक्युलरिज्म आपको गाली समझ में आती है। जो भारत के संविधान की प्रस्तावना का हिस्सा है। जिसके बलबूते देश में 17 करोड़ मुसलमान रहते हैं, वह आपको गाली लगने लगी?

जवाब देते हुए ओवैसी बोले, “संविधान में जो लिखा है, हम उसके मतलब और रूह को समझे ही नहीं है। सेक्युलरिज्म का मतलब ये बना कर रख दिया है कि मुस्लिम सेक्युलर पार्टी की गुलामी करें। सेक्युलरिज्म का मतलब ये नहीं है कि हिंदुस्तान की लोकसभा (सबसे बड़ी पंचायत) में सिर्फ चार फीसदी मुसलमान जीत कर आए। सेक्युरलिज्म का ये भी मतलब नहीं है बीजेपी मुस्लिमों को टिकट न दें। गुजरात, कर्नाटक और यूपी में।”

हैदराबाद से सांसद आगे बोले, “सेक्युरलिज्म का हरगिज मतलब ये नहीं है कांग्रेस अध्यक्ष मंदिरों को जाएं पर मस्जिदों में न जाएं। संघ (आरएसएस) मुख्यालय जाकर मुसलमानों को सांप कहता है, उसे आप बगल में बैठाते हैं। सेक्युलरिज्म के नाम पर हमारा इस्तेमाल किया गया। अगर आज सच्चर कमेटी जो सच कह रही है, वह झूठ है क्या? वह सेक्युलरिज्म की वजह से है।”

आगे पूछा गया- पीएम मोदी से बड़े दुश्मन राहुल हो गए हैं? ओवैसी ने कहा, “दोनों उतने ही बराबर हो चुके हैं, क्योंकि दोनों हिंदुत्व पर आ चुके हैं।” सुनिए बाकी बातचीत में क्या बोले ओवैसी-

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