Know Ground Reality of Congress mukta Bharat, BJP wave, Truth of Saffron India, BJP Full majority in Five state during Modi-Shah Leadership, less than 40 percent BJP MLA in Country - चार साल में 18 राज्यों में चुनाव, केवल पांच में बीजेपी को बहुमत, देश में भाजपा के विधायक 40 फीसदी से भी कम  - Jansatta
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चार साल में 18 राज्यों में चुनाव, केवल पांच में बीजेपी को बहुमत, देश में भाजपा के विधायक 40 फीसदी से भी कम 

2015 से मई 2018 के बीच कुल 18 राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए हैं। इनमें से मात्र पांच में ही पूर्ण बहुमत की बीजेपी की सरकार बन सकी है। छह राज्‍यों में जोड़-तोड़ की एनडीए सरकार और बाकी सात राज्यों में अन्य दलों की सरकार बनी है।

Author May 28, 2018 6:54 PM
भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पीएम नरेंद्र मोदी को माला पहनाते हुए। (Image source – PTI)

भाजपा बीते चार साल से कांग्रेस मुक्‍त भारत का नारा दे रही है और देश भर में अपने विस्‍तार का दावा कर रही है लेकिन हकीकत यह है कि उसके विधायकों की संख्‍या देश में एक-तिहाई से थोड़ी ही ज्‍यादा है। कुल मिलाकर देश की कुल 4139 विधान सभा सीटों में से 1516 सीटें (करीब 37 फीसदी) ही बीजेपी के पास हैं। इनमें से 950 सीटें सिर्फ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और कर्नाटक की हैंं। यह सच है कि बीते चार सालों में कई नए राज्‍यों में भाजपा ने सत्‍ता पाई है, पर अपने दम पर नहीं। 2015 से मई 2018 के बीच कुल 18 राज्यों में विधान सभा चुनाव हुए हैं। इनमें से मात्र पांच में ही पूर्ण बहुमत की बीजेपी की सरकार बन सकी है। छह राज्‍यों में जोड़-तोड़ की एनडीए सरकार और बाकी सात राज्यों में अन्य दलों की सरकार बनी है। यानी अप्रैल-मई 2014 से मई 2018 तक देश के कुल 27 राज्यों या केंद्रशासित प्रदेशों के विधानसभा चुनावों में मात्र 7 में ही बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बन पाई है। 10 में राजनीतिक गठजोड़ की एनडीए सरकार सरकार बनी है। बाकी बचे 10 राज्यों में दूसरे दलों की सरकार है। इन चुनावों से पहले मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ में बीजेपी की सरकार 2013 से ही है जबकि मिजोरम में कांग्रेस की सरकार है।

कुल मिला कर देश के 29 राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों (दिल्ली और पुदुचेरी) में से 20 राज्यों में बीजेपी की सरकार है। लेकिन, इनमें से केवल 10 में ही बीजेपी का बहुमत है। वरिष्ठ पत्रकार विनोद दुआ की एक रिसर्च के मुताबिक सिक्किम, मिजोरम और तमिलनाडु की विधानसभाओं में तो पार्टी को एक भी सीट हासिल नहीं हुई है। आंध्र प्रदेश की 294 विधान सभा सीटों में से 9 पर ही बीजेपी का कब्जा है। केरल में भी 140 में से सिर्फ एक सीट बीजेपी को मिली है। पंजाब की 117 में से 3, पश्चिम बंगाल की 294 में से सिर्फ 3 सीटें ही बीजेपी के पास हैं। तेलंगाना में भी 119 में से सिर्फ 5 सीट बीजेपी के पास है। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की 70 में से 3 सीटों पर ही बीजेपी की जीत हुई है। ओडिशा में भी 147 में 10 सीटें और नगालैंड में 60 में से 12 सीटें बीजेपी के पास है। उप चुनावों की वजह से इन आंकड़ों में एक-दो सीटों का अंतर हो सकता है लेकिन अधिकांश राज्यों में बीजेपी बहुत कमजोर पार्टी है।

गठबंधन सरकार वाले राज्यों में भी बीजेपी की स्थिति कमतर:  मेघालय की 60 विधानसभा सीटों में 2 बीजेपी के पास है। बिहार की 243 में से सिर्फ 53 पर ही बीजेपी का कब्जा है। जम्मू-कश्मीर की 87 में से 25 और गोवा में 40 में से 13 सीटें ही बीजेपी के पास है।

2014 में नौ में केवल दो राज्‍यों में अपने दम की सरकार: मोदी लहर में 2014 में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज की। उसी साल आंध्र प्रदेश (तेलंगाना समेत), अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, झारखंड, महाराष्ट्र, ओडिशा, सिक्किम और जम्मू-कश्मीर में असेंबली चुनाव हुए थे। इनमें केवल हरियाणा और झारखंड में ही बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बन सकी। महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ और जम्मू-कश्मीर में पीडीपी के साथ गठबंधन सरकार है। सिक्किम में भी बीजेपी गठबंधन सरकार की पार्टनर है जबकि अरुणाचल प्रदेश में पहलेे कांग्रेस की सरकार बनी थी, लेकिन दल-बदल के बाद वह बीजेपी सरकार में बदल गई।

2015 में दिल्‍ली में लगा सबसे बड़ा झटका: 2015 की शरुआत में ही बीजेपी को बड़ा झटका दिल्ली में तब लगा, जब विधानसभा की 70 सीटों में से 67 पर आम आदमी पार्टी की जीत हुई। इसी साल अक्टूबर-नवंबर में बीजेपी और मोदी-शाह की जोड़ी को दूसरा बड़ा झटका बिहार में लगा जब लालू यादव और नीतीश कुमार के गठबंधन को पूर्ण बहुमत मिला और बीजेपी तीसरे नंबर की पार्टी बन गई। हालांकि, जुलाई 2017 आते-आते बीजेपी वहां भी जोड़-तोड़ कर जेडीयू से गठबंधन कर सरकार में शामिल हो गई। साल 2016 के चुनावों में असम, केरल, पुदुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विधान सभा चुनाव हुए मगर पांच में से एक में भी बीजेपी को बहुमत नहीं मिल सका। केवल एक राज्‍य (असम) में बीजेपी ने गठबंधन के बूते सर्वानंद सोनेवाल की अगुवाई में सरकार बनाई।

सरकार बनाने के लिहाज से 2017 रहा बड़ी कामयाबी वाला साल: इस साल कुल सात राज्यों (गोवा, गुजरात, मणिपुर, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश) में विधान सभा चुनाव हुए। इनमें से चार राज्यों (उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गुजरात और हिमाचल प्रदेश) में बीजेपी की पूर्ण बहुमत की सरकार बनी, जबकि गोवा और मणिपुर में अमित शाह की टीम ने राजनीतिक तत्परता दिखाते हुए गठबंधन की सरकार बना ली। उत्‍तर प्रदेश में पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई। उत्‍तराखंड और हिमाचल में भी भाजपा ने कांग्रेस से सत्‍ता छीन कर अच्‍छा प्रदर्शन किया, लेकिन गुजरात में पार्टी के विधायकों की संख्‍या 117 से 99 रह गई। हालांकि, बीजेपी सरकार बन गई। गोवा और मणिपुर में जिस तरह से भाजपा की सरकार बनी, उसे लेकर पार्टी पर अब भी सवाल उठ रहे हैं।

2018 में एक राज्‍य में बहुमत सरकार: इस साल मई तक चार राज्यों (मेघालय, नगालैंड, त्रिपुरा और कर्नाटक) में विधान सभा चुनाव हुए। इनमें से सिर्फ त्रिपुरा में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई है। दो (मेघालय और नगालैंड) में बीजेपी गठबंधन सरकार में साझीदार है, जबकि कर्नाटक में सबसे बड़ी पार्टी होते हुए भी सत्ता हाथ से निकल गई। अब इस साल के आखिर में बीजेपी शासित राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और कांग्रेस शासित मिजोरम में विधान सभा चुनाव होने हैं।

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