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क्‍या खुद को अगले PM के तौर पर देखते हैं? जानिए क्या कहा राहुल गांधी ने

राहुल गांधी ने लंदन में कहा कि मैं फिलहाल प्रधानमंत्री बनने के बारे में नहीं सोच रहा हूं। मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लड़ने वाले के रूप में देखता हूं। यह परिवर्तन मेरे अंदर वर्ष 2014 के बाद आया है।

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी (Photo: ANI)

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इन दिनों विदेश दौरों पर हैं। इन दौरों पर राहुल गांधी भारत के मौजूदा हालात, भविष्य की चुनौतियों आदि पर खुलकर अपनी बात रख रहे हैं। फिलहाल राहुल गांधी लंदन में हैं। वहां उन्होंने इंडियन जर्नलिस्ट एसोसिएशन के साथ बात करते हुए कई सारी बातें शेयर की। जब एक पत्रकार ने उनसे पूछा कि कि क्या वे खुद को भारत के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखते हैं? इस सवाल पर राहुल गांधी ने बड़ा ही सधा हुआ जवाब दिया और कहा कि, “मैं यह सपना नहीं देखता। फिलहाल मैं इस बारे में नहीं सोच रहा हूं। मैं खुद को एक वैचारिक लड़ाई लड़ने वाले के रूप में देखता हूं। यह परिवर्तन मेरे अंदर वर्ष 2014 के बाद आया। मुझे यह महसूस हुआ कि जिस तरीके से भारत में घटनाएं हो रही है, उससे भारत और भारतीयता पर खतरा मंडरा रहा है। मुझे इससे देश की रक्षा करनी है।” हालांकि, राहुल गांधी अभी भले ही खुद को भावी प्रधानमंत्री के रूप में न देखने की बात कर रहे हैं, लेकिन कुछ समय पहले उन्होंने इसी तरह के सवाल पर कहा था कि, हां क्यों नहीं?

तीन तलाक के मुद्दे पर राहुल गांधी ने कहा कि, “हमें तीन तलाक को अपराध घोषित करने को लेकर समस्या है, इसके बावजूद हम इसकी राह में रूकावट पैदा नहीं कर रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी तीन तलाक बिल पास न होने का आरोप कांग्रेस पर लगाती है। लेकिन 29 दिसंबर 2017 को लोकसभा में पास हुए बिल को अभी राज्यसभा में नहीं लाया गया है। भाजपा का लक्ष्य बजट सेशन में बिल पास करवाना था। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्ष ने मांग की है कि विधेयक आगे की जांच के लिए चयन समिति को भेजा जाना चाहिए।”

राहुल गांधी ने डोकलाम पर एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि, “चीनी सैनिक अभी भी डोकलम में हैं और वहां बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण किया है। प्रधानमंत्री हाल ही में चीन गए और डोकलम पर चर्चा नहीं की।” उन्होंने पीएम मोदी पर तंज करते हुए कहा कि, “कोई यहां आ गया है, आपको अपने चेहरे पर थप्पड़ मारता है और आपके पास चर्चा का कोई एजेंडा नहीं है। अगर वे इस पर सावधानी से नजर रखते तो इसे रोक सकते थे। लेकिन पीएम मोदी को लगता है कि डोकलाम कोई इवेंट है। मोदी सरकार भले ही यह कहती है कि चीन से डोकलाम से अपनी सेना हटा ली है, लेकिन सच्चाई इसे अलग है।”

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