जम्मू के किश्तवाड़ जिले में सुरक्षाबलों ने शुक्रवार को आतंकवादियों की तलाश तेज कर दी गई है। इधर जिले के कुछ हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट भी बंद कर दिया गया है। हाल ही में किश्तवाड़ में सेना और आतंकियों के बीच एक मुठभेड़ हुई थी, जिसमें एक सेना का जवान शहीद हो गया।

इसके बाद सुरक्षाबलों ने जिले में आतंकियों की तलाशी अभियान को और तेज कर दिया है। साथ ही चल रहे अभियान के दौरान आतंकियों द्वारा इंटरनेट के दुरुपयोग से बचने के लिए जिले के सिंहपोरा, चिंगम और चतरू को कवर करने वाले छह किलोमीटर के दायरे में मोबाइल इंटरनेट सेवाएं 30 जनवरी की रात तक बंद कर दी गईं है। यह सेवाएं अस्थायी रूप से ठप की गई हैं।

जैश-ए-मोहम्मद ग्रुप के बताए जा रहे हैं आतंकी

अधिकारियों ने बताया कि किश्तवाड़ जिले में छिपे जैश-ए-मोहम्मद के तीन आतंकवादियों के एक ग्रुप का पता लगाने और उन्हें खत्म करने के लिए बर्फ से ढके चतरू इलाके में चल रहे आतंकवाद विरोधी अभियान को तेज कर दिया। इसके बाद जम्मू-कश्मीर गृह विभाग की ओर से जारी एक आदेश का हवाला देते हुए कहा कि सिंहपोरा, चिंगम और चतरू में मोबाइल इंटरनेट सेवाओं का निलंबन 30 जनवरी को रात 11:59 बजे तक बढ़ा दिया गया है।

मुठभेड़ के बाद आतंकवादी भाग रहे

जानकारी दे दें कि इस इलाके में अभियान 18 जनवरी को शुरू किया गया था, जिसके फलस्वरूप मन्द्रल-सिंहपोरा के पास सोनार जंगल में भीषण गोलीबारी हुई, जिसमें एक पैराट्रूपर शहीद हो गया और सात सैनिक घायल हो गए। हालांकि मुठभेड़ के दौरान घने जंगल और दुर्गम भूभाग का फायदा उठाते हुए आतंकवादी भागने में कामयाब रहे, पर सुरक्षाबलों ने दो फीट से अधिक बर्फबारी के बावजूद आतंकियों की तलाश जारी रखी हुई है। इसके बाद 22 जनवरी को माली दाना टॉप पर और 25 जनवरी को जंसीर-कंडीवार में आर्मी और आतंकवादियों के बीच दो और मुठभेड़ें हुईं और इस दौरान भी आतंकी एक बार फिर घने जंगल में घुस भाग गए।

एक इलाके में दो संदिग्ध व्यक्तियों की सूचना

इधर पुंछ जिले के सुरनकोट क्षेत्र में दो संदिग्ध व्यक्तियों की मौजूदगी की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा बलों ने पज्जा मोरह, नबाना टॉप और आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान शुरू किया है। अधिकारियों ने बताया कि अभी ऑपरेशन जारी है। आगे पढ़िए आतंकवाद के खात्मे की राह में कई रोड़े, किश्तवाड़ हमले के बाद उठे कई सवाल