लखीमपुर हिंसा पर किसान संघ का रेल-रोको आंदोलन, 130 जगहों पर दिखा असर, 50 ट्रेनों की आवाजाही बाधित

राजस्थान और हरियाणा में उत्तर पश्चिम रेलवे के अधीन आने वाले कुछ खंडों में संयुक्त किसान मोर्चा के ‘रेल रोको’ आंदोलन का असर रेलगाड़ियों के परिचालन पर पड़ा।

Kisan Rail Roko Andolan
हरियाणा के ने बहादुरगढ़ में रेलवे ट्रैक जाम करते प्रदर्शनकारी। Photo Source- ANI

लखीमपुर हिंसा के मामले में केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी की मांग को लेकर आज (18 अक्टूबर) संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) द्वारा ‘रेल रोको’ आंदोलन किया गया। ‘रेल रोको’ प्रदर्शन के दौरान सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक सभी रूट्स पर छह घंटे के लिए रेल यातायात को रोका गया। किसान संगठनों के संयुक्त मंच एसकेएम ने एक बयान में कहा, ‘‘जब तक लखीमपुर खीरी मामले में न्याय नहीं मिल जाता प्रदर्शन और तेज होगा।’’

उत्तर रेलवे मंडल पर असर: लखीमपुर खीरी हिंसा पर संयुक्त किसान मोर्चा के सोमवार को छह घंटे के ‘रेल रोको’ प्रदर्शन से उत्तर रेलवे मंडल में 130 स्थानों पर असर पड़ा और 50 ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई। उसके मुख्य जन संपर्क अधिकारी (सीपीआरओ) ने यह जानकारी दी। प्रदर्शन के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे (एनडब्ल्यूआर) के राजस्थान और हरियाणा में कुछ प्रखंडों में रेल यातायात बाधित रहा, दो ट्रेनों को रद्द कर दिया गया, 13 को आंशिक रूप से रद्द किया गया और एक ट्रेन का मार्ग परिवर्तित किया गया।

ये रूट्स रहे प्रभावित: किसान संगठनों का कहना है कि जब तक गृह राज्य मंत्री अजय मिश्रा को बर्खास्त कर गिरफ्तार नहीं की जाती है तब तक आवाज उठाते रहेंगे। आंदोलन के चलते जिन रेलवे रूट्स के सेवाएं ज्यादा प्रभावित रहीं उनमें दिल्ली से रोहतक, पानीपत, सोनीपत, कुरुक्षेत्र, कैथल, जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़, अमृतसर, जम्मू, मेरठ, गाजियाबाद, मुरादाबाद समेत कुछ स्टेशन शामिल हैं।

यातायात पर आंदोलन का असर: राजस्थान और हरियाणा में उत्तर पश्चिम रेलवे के अधीन आने वाले कुछ खंडों में संयुक्त किसान मोर्चा के ‘रेल रोको’ आंदोलन का असर रेलगाड़ियों के परिचालन पर पड़ा। इसके कारण दो ट्रेनें रद्द कर दी गईं,वहीं 13 को आंशिक रूप से रद्द किया गया।

आंदोलन में हिस्सा लेने वालों पर पुलिस करेगी कार्रवाई: आंदोलन को देखते हुए यूपी पुलिस ने ऐलान किया है कि किसान संगठनों द्वारा बुलाए गए रेल रोको आंदोलन में हिस्सा लेने वालों लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करेगी। ज़िले में सीआरपीसी की धारा 144 लगाई गई है, अगर कोई सामान्य स्थिति को बाधित करने की कोशिश करता है तो उस पर एनएसए लगाया जाएगा।

सरकार ने नहीं की हमसे कोई बात’: किसान संगठनों के रेल रोको आंदोलन पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने कहा कि ये अलग-अलग ज़िलों में अलग-अलग जगह होगा। पूरे देश में वहां के लोगों को पता रहता है ​कि हमें कहां ट्रेन रोकनी है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने इस मुद्दे पर अभी हमसे कोई बात नहीं की है।

ट्रैक पर किसान, प्रशासन हुआ हैरान: संयुक्त किसान मोर्चा के ​रेल रोको आंदोलन के आह्वान के मद्देनज़र सोनीपत जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा बल को तैनात किया गया है। वहीं अमृतसर के देवीदास पुरा गांव में प्रदर्शनकारी रेलवे ट्रैक पर बैठे हुए है। इसी तरह हरियाणा के बहादुरगढ़ में भी बड़े पैमान पर पुरुष और महिलाओं ने रेलवे ट्रैक को पूरी तरह से रोक दिय़ा है।

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