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किरण बेदी होंगी दिल्ली मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार

भाजपा संसदीय बोर्ड ने हाल में भाजपा में शामिल हुर्इं पूर्व आइपीएस अधिकारी किरण बेदी को सात फरवरी को होने जा रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संसदीय बोर्ड की बैठक में किए गए फैसले की घोषणा पार्टी अध्यक्ष अमित […]

बीजेपी की CM उम्मीदवार होंगी किरण बेदी (एक्सप्रेस फाइल)

भाजपा संसदीय बोर्ड ने हाल में भाजपा में शामिल हुर्इं पूर्व आइपीएस अधिकारी किरण बेदी को सात फरवरी को होने जा रहे दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति में संसदीय बोर्ड की बैठक में किए गए फैसले की घोषणा पार्टी अध्यक्ष अमित शाह ने की। शाह ने कहा कि चुनाव प्रचार की कमान किरण बेदी संभालेंगी और पार्टी को पूरी उम्मीद है कि उनकी अगुआई में भाजपा पूर्ण बहुमत हासिल करेगी। शाह ने कहा कि बेदी कृष्णानगर सीट से चुनाव लडेंÞगी।

भाजपा अध्यक्ष ने इन खबरों को पूरी तरह से गलत बताया कि किरण बेदी को पार्टी की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार बनाने को लेकर किसी तरह का मतभेद है। उन्होंने कहा कि पार्टी का हर नेता, हर कार्यकर्ता संसदीय बोर्ड के फैसले से खुश और राजी है।

किरण बेदी को ‘बाहरी’ व्यक्ति बताए जाने पर शाह ने कहा कि पार्टी में हर सदस्य किसी समय ‘बाहरी’ होता है। इसलिए किरण बेदी बाहरी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि आइपीएस अधिकारी के रूप में वह अपनी प्रशासनिक काबिलियत सारी दुनिया को दिखा चुकी हैं और वह भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम भी चला चुकी हैं और पार्टी को उनकी नेतृत्व क्षमता में पूरा विश्वास है, इसलिए उन्हें यह जिम्मेदारी सौंपी गई है।

संसदीय बोर्ड की बैठक में उम्मीदवारों के नाम भी तय किए गए और देर रात 62 उम्मीदवारों के नाम की सूची जारी की गई। पार्टी ने नई दिल्ली सीट से अरविंद केजरीवाल के खिलाफ नुपूर शर्मा को मैदान में उतारा है। विनोद कुमार बिन्नी को पटरड़गंज से आप नेता मनीष सिसोदिया के खिलाफ उतारा गया है। भाजपा के वरिष्ठ नेता जगदीश मुखी अपनी परंपरागत जनकपुरी सीट से लड़ेंगे। दिल्ली भाजपा के अध्यक्ष सतीश उपाध्याय चुनाव नहीं लड़ेंगे।

इस बीच, पूर्व केंद्रीय मंत्री और प्रमुख कांग्रेस नेता कृष्णा तीरथ सोमवार को भाजपा में शामिल हो गईं। तीरथ के इस कदम से हक्की बक्की कांग्रेस ने केंद्र में सत्तारूढ़ पार्टी पर आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव से पूर्व ‘हताशा में नेताओं को आयात’ करने का आरोप लगाया। कृष्णा तीरथ का यहां भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने फूलों का गुलदस्ता देकर पार्टी में उनका स्वागत किया। मनमोहन सिंह की अगुआई वाली यूपीए सरकार में महिला एवं बाल विकास मंत्री रहीं तीरथ के साथ दिल्ली में पार्टी मामलों के प्रभारी प्रभात झा और दिल्ली भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय थे।

1993 से 2004 के बीच दिल्ली विधानसभा की सदस्य रहीं और 2004 से 2014 तक दिल्ली उत्तर पश्चिम सीट से कांग्रेस सांसद, दिल्ली सरकार में मंत्री और प्रदेश कांग्रेस का प्रमुख दलित चेहरा रही हैं। इससे पहले कांग्रेस नेतृत्व ने सभी पूर्व सांसदों को अपनी पसंद की सीट से विधानसभा चुनाव लड़ने की पेशकश की। इस आधार पर अजय माकन और महाबल मिश्र उम्मीदवार बनाए गए। सूत्रों के मुताबिक तीरथ ने पटेल नगर से टिकट की मांग की थी पर उन्हें मना कर दिया गया। वैसे भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि यह विचारधारा का सवाल है। मैंने जनता की सेवा करने के लिए भाजपा अध्यक्ष अमित शाह से मुलाकात की और मैं इस लक्ष्य के साथ भाजपा में आई हूं। भाजपा में उनकी भूमिका के बारे में पूछे जाने पर तीरथ ने कहा कि पार्टी प्रमुख इसका फैसला करेंगे।

पार्टी छोड़ने के कृष्णा तीरथ के इस कदम से हकबकाई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अजय माकन ने कहा कि यह भाजपा की ‘बेचैनी और हताशा’ को दर्शाता है जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली को मिली ‘ठंडी प्रतिक्रिया’ के बाद से किसी भी नेता को पार्टी में लाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि उन्हें अन्य दलों से नेताओं को आयात करना पड़ रहा है क्योंकि उनका अपने नेताओं पर कोई भरोसा नहीं है। सात फरवरी को होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले तीरथ पिछले एक सप्ताह में भाजपा में शामिल होने वाली तीसरी हाई प्रोफाइल महिला हैं। इससे पहले पूर्व आइपीएस अधिकारी किरण बेदी और पूर्व आप नेता शाजिया इल्मी भी भाजपा में शामिल हो चुकी हैं।

तीरथ के भाजपा में शामिल होने को राष्ट्रीय राजधानी में दलित मतदाताओं को आकर्षित करने के भाजपा के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है। शाह ने भी एक दलित रैली को संबोधित कर अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत कर दी है। दिल्ली में 12 आरक्षित सीटें हैं जिनमें से अधिकतर पर पिछले विधानसभा चुनाव में आप ने जीत हासिल की थी। भाजपा को केवल दो और कांग्रेस के खाते में मात्र एक सीट आई थी। तीरथ पहले दिल्ली विधानसभा की सदस्य और शीला दीक्षित की अगुआई वाली दिल्ली सरकार में मंत्री रह चुकी हैं इस दौरान उन्होंने समाज कल्याण, अनुसूचित जाति-जनजाति और श्रम तथा रोजगार मंत्रालय का जिम्मा संभाला था। वे दिल्ली विधानसभा की पूर्व उपाध्यक्ष और दिल्ली अनुसूचित जाति वित्त एवं विकास निगम की अध्यक्ष भी रह चुकी हैं।

 

 

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