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मुख्यमंत्री की कुर्सी के 3 दावेदार: किरण, माकन और केजरीवाल

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार को आप नेता अरविंद केजरीवाल, भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी और कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय माकन ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। आज दिल्ली चुनाव के लिए परचा भरने का अंतिम दिन था। परचे भरने के बाद तीनों नेताओं ने अपनी-अपनी जीत के […]

दिल्ली विधानसभा चुनाव को लेकर बुधवार को आप नेता अरविंद केजरीवाल, भाजपा की ओर से मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी और कांग्रेस के दिग्गज नेता अजय माकन ने अपने-अपने नामांकन पत्र दाखिल किए। आज दिल्ली चुनाव के लिए परचा भरने का अंतिम दिन था। परचे भरने के बाद तीनों नेताओं ने अपनी-अपनी जीत के दावे किए और एक दूसरे पर राजनीतिक आरोप लगाए। आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने नई दिल्ली के जामनगर हाउस स्थित निर्वाचन क्षेत्र से अपना परचा भरा। इसके साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए घमासान तेज हो गया है।

केजरीवाल मंगलवार को समय पर चुनाव कार्यालय नहीं पहुंच पाने पर परचा नहीं भर पाए थे। वे बुधवार को पूवाह्न करीब 11 बजे चुनाव कार्यालय पहुंचे। उस समय वहां मौजूद भाजपा के कुछ कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में नारे लगाए।

बाद में संवाददाताओं से बात करते हुए केजरीवाल ने कहा कि हमारी लड़ाई किसी व्यक्ति या किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं है। यह भ्रष्टाचार और महंगाई के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि पिछली बार दिल्ली के लोगों ने उन्हें बड़ा जनादेश दिया था। उन्हें उम्मीद है कि लोग उन्हें पांच साल तक सरकार चलाने के लिए पूर्ण बहुमत देंगे।

इसके पहले केजरीवाल ने किरण बेदी की ओर से लाला लाजपत राय की प्रतिमा को भाजपा का अंगवस्त्रम पहनाए जाने की खबरों पर भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार की निंदा की। उन्होंने कहा कि कम से कम स्वतंत्रता सेनानियों को बख्श दो। उनका भगवाकरण मत करो। कोई स्वतंत्रता सेनानी किसी पार्टी का नहीं होता। वह देश का होता है।

महरौली और मुंडका के असंतुष्ट उम्मीदवारों, जिन्हें आज आप को बदलना पड़ा, पर लगे आरोपों के बारे में केजरीवाल ने कहा कि उनके खिलाफ शिकायतें ‘सच’ पाए जाने के बाद कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि उनके बारे में पार्टी के आंतरिक लोकपाल को शिकायतें मिली थीं। उन्होंने उन शिकायतों को सच पाया और टिकट रद्द कर दिए। वे इस तरह की चीजें सहन नहीं करते।

उधर, पूर्वी दिल्ली की कृष्णानगर विधानसभा सीट से अपना नामांकन-पत्र दाखिल करते हुए भाजपा की मुख्यमंत्री पद की उम्मीदवार किरण बेदी ने कहा कि पार्टी की ‘पारंपरिक’ सीट से उतारे जाने के बाद उनकी जिम्मेदारी काफी बढ़ गई है। केंद्रीय मंत्री हर्षवर्धन, भाजपा की दिल्ली इकाई के प्रमुख सतीश उपाध्याय, विजय गोयल एवं महेश गिरि के साथ परचा दाखिल करने बेदी दोपहर करीब 12 बजे जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंची।

इससे पहले, बेदी ने इलाके के लाजपत राय चौक से सुबह 9.30 बजे अपने रोड शो की शुरूआत की थी। रोड शो शुरू करने से पहले भाजपा उम्मीदवार ने कृष्णा नगर में चाय और अखबार बेचने वालों से भी मुलाकात की और उनकी समस्याओं के बारे में पूछा। बेदी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि हर्षवर्धन ने इस इलाके को अपना पूरा जीवन दिया है। इस इलाके (कृष्णा नगर) को दो नेता- एक कैबिनेट मंत्री और एक मुख्यमंत्री- मिलेंगे। हर्षवर्धन ने कहा कि वे इस बात से बहुत खुश हैं कि लोगों ने उनकी मदद की है, उन्हें आशीर्वाद दिया और अब वही प्यार और स्नेह बेदी को भी दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पिछले साल वे मुख्यमंत्री पद से वंचित रहे लेकिन अब उन्हें एक बार फिर इसी क्षेत्र से मुख्यमंत्री मिलेगा।

यह पूछे जाने पर कि क्या बेदी को कृष्णा नगर से इसलिए उम्मीदवार बनाया गया क्योंकि जीत के लिहाज से यह सुरक्षित सीट है, इस पर हर्षवर्धन ने कहा कि वे समझते हैं कि भाजपा के लिए हर सीट एक सुरक्षित सीट है। आखिरकार, उन्हें एक सीट से लड़ना था। इसे सुरक्षित सीट समझने का उन्हें कोई कारण या तर्क नजर नहीं आता।

सदर बाजार सीट से बुधवार को परचा दाखिल करने वाले कांग्रेस नेता अजय माकन ने खुद को मुख्यमंत्री पद का तीसरा दावेदार पेश किया और अरविंद केजरीवाल और किरण बेदी पर हमला करते हुए उन पर आरोप लगाया कि दोनों ने अपनी राजनीतिक महत्त्वाकांक्षा पूरी करने के लिए अण्णा हजारे का इस्तेमाल किया।

कांग्रेस की प्रचार समिति प्रमुख माकन ने यह भी कहा कि ‘आप’ और भाजपा एक ही सिक्के के दो पहलू हैं क्योंकि ‘उनका सोच’ कांग्रेस विरोधी है। उन्होंने दावा किया कि ‘आप’ और भाजपा ने क्रमश: केजरीवाल और किरण बेदी को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया है और दोनों भविष्य में कभी भी साथ आ सकते हैं। उन्होंने कहा, कि दोनों हजारे के बगल में खड़े होकर झंडे लहराते थे, वे उनके कंधे पर चढ़ कर राजनीति में आए। बेदी आजकल जिस ‘पी’ और ‘एस’ की बातें कर रही हैं उसमें भ्रष्टाचार शामिल नहीं है, क्या भ्रष्टाचार उनके भाजपा में शामिल होते ही गैर-मुद्दा बन गया है।

माकन ने शास्त्री नगर मेट्रो स्टेशन के पास अपने चुनाव कार्यालय का उद्घाटन करने के बाद संवाददाताओं से कहा कि जब दोनों एक आंदोलन चला कर अपनी राजनीतिक महत्वाकांक्षाएं आगे बढ़ा रहे थे, वे खेल मंत्री के रूप में सुरेश कलमाड़ी को जेल भेजने की तैयारी कर रहे थे। माकन ने उसके बाद सदर बाजार विधानसभा क्षेत्र में एक खुली जीप से रोड-शो किया। इस दौरान उनके साथ सैकड़ों समर्थकों भी थे। वह दोपहर करीब दो बजे विकास भवन स्थित सहायक निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने अपना नामांकन पत्र दाखिल किया।

 

 

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