सुवेंदु अधिकारी के सबसे भरोसेमंद पीए चंद्रनाथ रथ की बुधवार रात मौत की खबर ने बंगाल की राजनीति को पूरी तरह से हिलाकर रख दिया है। पूरे विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान अथक प्रयास करने के बाद चंद्रनाथ अपने परिवार से मिलने चांदीपुर गए थे। कल जब वे वहां से लौट रहे थे, तभी सड़क पर उनकी गोली मारकर हत्या कर दी गई।
पत्नी ने कड़ी सजा की मांग
मृतक चंद्रनाथ रथ की पत्नी इंद्रानी रथ ने अपने पति के हत्यारों के लिए कड़ी सजा की मांग की है। बुधवार रात अस्पताल में, राज्य पुलिस के डायरेक्टर जनरल सिद्धनाथ गुप्ता ने उन्हें भरोसा दिलाया कि इस घटना की पूरी तरह से जांच की जाएगी और जल्द से जल्द कार्रवाई की जाएगी। अस्पताल पहुंचने पर चंद्रनाथ की पत्नी इंद्रानी उनके सामने फूट-फूटकर रो पड़ीं। उनके साथ उनकी बेटी भी थी।
चंद्रनाथ रथ की हत्या की खबर सुनकर चांदीपुर के लोग भी अपने आंसू नहीं रोक पा रहे हैं। कुछ लोगों ने कहा, “उन्होंने कभी किसी के साथ बुरा बर्ताव नहीं किया, कभी नहीं।” दूसरों ने कहा, “वे इतने सौम्य थे कि भयंकर उकसावे पर भी मुंह से कोई कड़वा शब्द नहीं निकालते थे।” उनका पूरा परिवार बिखर गया है।
रथ परिवार के सबसे बड़े बेटे थे
चंद्रनाथ कुल्टिया गांव के रथ परिवार के सबसे बड़े बेटे थे। उनके परिवार में उनके छोटे भाई, भाभी और मां हसीरानी रथ शामिल थे। उनके पिता का कुछ ही समय पहले निधन हो गया था। जहां उनकी बुजुर्ग मां कुल्टिया गांव में अपने पैतृक घर में अपने छोटे बेटे, बहू और पोती के साथ रहती थीं, वहीं चंद्रनाथ अपनी जिम्मेदारियों की वजह से अपना ज्यादातर समय जिले से बाहर बिताते थे।
हसीरानी देवी ने मांग की है कि उनके बेटे की मौत के लिए जिम्मेदार लोगों को सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा, “एक मां के तौर पर, मैं किसी के लिए भी मौत की सजा की मांग नहीं करूंगी, मैं सिर्फ आजीवन कारावास की मांग करती हूं। एक नई सरकार बनने वाली है, उनसे मेरी बस यही गुजारिश है कि मेरे बेटे की मौत का इंसाफ हो। अगर यह महज एक हादसा होता, तो मेरा दर्द इतना असहनीय न होता, लेकिन यह सोचकर कि उसे कितनी तकलीफें झेलनी पड़ीं, मैं पूरी तरह टूट जाती हूं। मेरा मानना है कि उसे जान-बूझकर निशाना बनाया गया था, क्योंकि आखिरकार वह नंदीग्राम और भवानीपुर में ऑपरेशंस का इंचार्ज था।” उन्होंने आगे कहा, “सुवेंदु बाबू ने ममता को हराया था, इसीलिए उसे निशाना बनाया गया।” पढ़ें पूरी खबर…
चंद्रनाथ शरीफ और नरम मिजाज इंसान थे- रिश्तेदार
इलाके के रहने वालों और उसके करीबी रिश्तेदारों का कहना है कि चंद्रनाथ बाबू बेहद शरीफ और नरम मिजाज इंसान थे। आज भी कोई यह सोच भी नहीं सकता कि इस पूर्व एयर फोर्स जवान का कोई दुश्मन हो सकता है। परिवार वालों को इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि क्या उसका किसी से कोई पुराना झगड़ा या दुश्मनी थी। असल में, किसी ने कभी उसे ऐसी बातों का जिक्र करते हुए सुना भी नहीं था। सुवेंदु अधिकारी के करीबी सहयोगी होने की वजह से यह घटना प्रशासन के लिए बहुत अहमियत रखती है।
जानें कैसे हुई सुवेंदु अधिकारी के PA की हत्या
मध्यमग्राम में हत्या की यह सनसनीखेज वारदात बुधवार देर रात करीब 10:30 बजे घटी। मध्यमग्राम के डोलतला के पास चंद्रनाथ रथ की स्कॉर्पियो मुख्य सड़क से मुड़कर अंदर की ओर बढ़ी, आगे चल रही एक कार ने अचानक ब्रेक लगाकर उनका रास्ता रोक दिया। उसी समय पीछे से एक बाइक सवार हमलावर पहुंचा और दोनों ओर से घेरकर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें…
