मशहूर टीचर खान सर ने एग्जाम पेपर लीक होने की घटनाओं पर चिंता जताते हुए राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) की सुरक्षा के लिए उठाए जा रहे कदमों की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने पेपर लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग भी की।

खान सर ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक की घटनाओं ने बार-बार उन हजारों छात्रों के सपनों को तोड़ा है जो सालों तक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उन्होंने कहा, “हजारों-लाखों छात्र परीक्षाओं की तैयारी करते हैं लेकिन प्रश्नपत्र लीक हो जाते हैं। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के इतने बच्चों के सपने टूट जाते हैं।”

NEET के एग्जाम पेपर को लाने-ले जाने मे भारतीय वायु सेना में मदद किए जाने की खबरों का जिक्र करते हुए खान सर ने कहा कि असली समस्या कहीं और है।

उन्होंने कहा, “वायुसेना NEET परीक्षा का प्रश्नपत्र पहुंचाएगी। लेकिन मलेरिया के लिए टायफॉइड का इंजेक्शन काम नहीं करता। समस्या प्रश्नपत्र की डिलीवरी में नहीं थी। समस्या यह थी कि प्रश्नपत्र वहीं से लीक हो रहा था जहां उसकी छपाई की जा रही थी।”

खान सर ने परीक्षा प्रश्नपत्र लीक मामलों में कथित रूप से शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की भी मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में पकड़े गए लोगों के खिलाफ अब तक कड़ी और प्रभावी कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

उन्होंने कहा कि जब तक पेपर लीक के दोषियों को सख्त सजा नहीं मिलेगी तब तक ऐसी घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा। उनके अनुसार, परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाना जरूरी है।

खान सर ने आगे कहा, “जो शिक्षक पकड़े गए हैं, उन्हें अभी तक फांसी क्यों नहीं दी गई? उनका एनकाउंटर क्यों नहीं हुआ? उनके घरों पर बुलडोजर क्यों नहीं चला?”

उन्होंने पेपर लीक के आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए जाएंगे, तब तक ऐसी घटनाएं रुकने वाली नहीं हैं।

आपको बता दें कि खान सर की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब प्रतियोगी परीक्षाओं की सुरक्षा और प्रश्नपत्र लीक रोकने के उपायों को लेकर देशभर में चर्चा जारी है। पिछले कुछ सालों में कई बड़ी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने छात्रों और अभिभावकों के बीच गंभीर चिंता पैदा की है।

इन घटनाओं के बाद परीक्षा प्रणाली में जवाबदेही बढ़ाने, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और प्रश्नपत्र लीक जैसी गड़बड़ियों को रोकने के लिए सख्त उपायों की मांग लगातार उठ रही है। छात्रों और अभिभावकों का मानना है कि निष्पक्ष परीक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए दोषियों के खिलाफ प्रभावी और कठोर कार्रवाई जरूरी है।