मानवता की मिसालः केरल के शारीरिक रूप से विकलांग बीड़ी वर्कर ने दान की जीवन भर की कमाई, कहा- गरीबों को फ्री वैक्सीन दे सरकार

शारीरिक रूप से विकलांग बीड़ी मजदूर जनार्दन ने अपने जीवन भर की कमाई को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दान कर दिया है। जनार्दन की ख्वाहिश है कि उनके दान किए गए पैसे से गरीब लोगों को फ्री में कोरोना की वैक्सीन दी जाए।

kerala, vaccine, humanityगरीबों को फ्री वैक्सीन मिले इसके लिए केरल के बीड़ी मजदूर जनार्दन ने करीब 2 लाख रुपए मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा कर दिया। (फोटो- स्क्रीनशॉट/मीडियावन)

कोरोना के बेकाबू हो चुके संक्रमण के आगे अधिकांश लोग मजबूर हो चुके हैं। लेकिन इस भयंकर महामारी में भी मानवता के लिए आगे आने वाले और दूसरों की मदद करने वाले चंद लोग अभी भी इस समाज में मौजूद हैं। केरल के कन्नूर में रहने वाले एक शारीरिक रूप से विकलांग बीड़ी मजदूर ने सिर्फ अपनी जिंदगी भर की कमाई को इसलिए दान कर दिया ताकि गरीबों को फ्री में कोरोना की वैक्सीन दी जा सके।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार केरल के कन्नूर जिले के रहने वाले जनार्दन बीड़ी मजदूर हैं। जनार्दन शारीरिक रूप से विकलांग हैं और वो दोनों कानों से सुन नहीं पाते हैं। शारीरिक रूप से विकलांग बीड़ी मजदूर जनार्दन ने अपने जीवन भर की कमाई को मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में दान कर दिया है। शारीरिक रूप से अक्षम इस बीड़ी मजदूर की ख्वाहिश है कि उनके दान किए गए पैसे से गरीब लोगों को फ्री में कोरोना की वैक्सीन दी जाए। जनार्दन कन्नूर के कुरुवा में रहते हैं।

जनार्दन ने पिछले हफ्ते एक स्थानीय बैंक में जाकर 2 लाख रुपए मुख्यमंत्री आपदा राहत कोष में जमा कर दिया। 2 लाख रुपए जमा करने के बाद जनार्दन के अकाउंट में सिर्फ 850 रुपए बचा। आपदा राहत में पैसा जमा करने के दौरान जब बैंक के अधिकारी ने जनार्दन से पूछा कि आप इतने कम पैसों में अपना गुजर बसर कैसे कर पाएंगे। तो उन्होंने कहा कि उनके पास राज्य सरकार की मासिक पेंशन के साथ एक नौकरी भी है और उनकी कमाई राज्य के गरीब भाई बहनों से ज्यादा महत्वपूर्ण नहीं हैं। 

एक बैंक कर्मचारी ने ही जनार्दन के इस नेक कार्य के बारे में फेसबुक पोस्ट लिखकर लोगों को जानकारी दी। जिसके बाद लोगों ने जनार्दन के इस कदम की खूब प्रशंसा की थी। लोग जनार्दन के बारे में जानने को लेकर भी काफी उत्सुक थे। केरल के एक स्थानीय टीवी चैनल से बातचीत के दौरान जनार्दन ने कहा कि जब मैंने टीवी पर यह खबर देखी कि राज्य के लोगों को 400 रुपए में कोरोना की वैक्सीन दी जाएगी तो मैं काफी परेशान हो गया। उस रात मैं सो नहीं पाया और अगले दिन बैंक जाकर मैंने अपनी सारी कमाई को मुख्यमंत्री राहत कोष में जमा कर दिया ताकि गरीब लोगों को फ्री में वैक्सीन दी जा सके।

जनार्दन के अलावा उनके परिवार में दो बेटी भी है। जनार्दन की पत्नी की मौत कई सालों पहले ही हो चुकी है। जनार्दन पिछले 13 साल से बीड़ी मजदूर हैं। केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने भी बिना नाम लिए जनार्दन की तारीफ़ की है। सीएम पिनराई विजयन ने कहा कि इससे लोगों की सच्ची भावनाओं का पता चलता है कि वो मानवता का कितना सम्मान करते हैं।

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