केरल के वायनाड में हुए भूस्खलन में एक व्यक्ति की मौत हो गई जबकि सात लोग घायल हो गए और सात लापता हैं। अधिकारियों ने बताया कि यह भूस्खलन कल्लाडी में मीनाक्षी पुल के पास सुबह 11 बजे हुआ, जहां कोझिकोड और वायनाड जिलों को जोड़ने वाली सुरंग सड़क परियोजना का काम चल रहा था। इस सबके बीच एक बड़ी लापरवाही सामने आई है जहां सुरंग ढहने से पहले जिला कलेक्टर की चेतावनी को नजरअंदाज कर दिया गया था।
20 जून 2026 को वायनाड की जिला कलेक्टर मेघाश्री डीआर ने एक पत्र लिखकर कहा कि केरल के वायनाड जिले के मीनाक्षी क्षेत्र के पास स्थित ट्विन टनल परियोजना पर काम को अस्थायी रूप से रोक दिया जाना चाहिए, जब तक कि सुरंग निर्माण के बाद जमा हुई मिट्टी को क्षेत्र से हटा नहीं दिया जाता।
कलेक्टर ने साइट पर जमा हो रही मिट्टी को हटाने के निर्देश दिए थे
केरल के पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री सनी जोसेफ ने इंडियन एक्सप्रेस को बताया कि मंगलवार को हुए भूस्खलन का कारण मिट्टी का धंसना था। इस घटना में एक की मौत हो गई है और सात लोग लापता हैं जबकि कई अन्य को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सनी जोसेफ ने कहा, “जिला कलेक्टर ने साइट पर जमा हो रही मिट्टी को हटाने के लिए निर्देश दिए थे। इस आदेश पर ध्यान नहीं दिया गया और निर्माण कंपनी ने सुरंग खोदने का काम जारी रखा।”
सनी जोसेफ ने कहा, “यह मानव निर्मित आपदा है क्योंकि चेतावनी को नजरअंदाज किया गया। हम उन लापरवाहियों की गंभीरता से जांच कर रहे हैं जिनके कारण लोगों की जान खतरे में पड़ी।” जोसेफ ने बताया कि केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने कथित खामियों का संज्ञान लिया है।
केरल के कृषि मंत्री बोले- यह मानव निर्मित आपदा
वहीं, केरल के कृषि मंत्री टी सिद्दीकी ने मीडिया से बातचीत के दौरान कहा, “परियोजना स्थल पर मिट्टी को अवैज्ञानिक तरीके से डालने के कारण यह त्रासदी हुई है। यह प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि मानव निर्मित आपदा है। इससे पहले, सरकार ने कोंकण रेलवे निगम को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि भारी बारिश के दौरान सभी सुरक्षा उपायों का पालन सुनिश्चित किया जाए और निर्माण कार्य रोक दिया जाए।”
कोंकण रेलवे निगम इस परियोजना पर काम कर रहा है जिसके चार सालों में पूरा होने की उम्मीद है। ट्यूब सुरंगों के निर्माण का ठेका भोपाल स्थित दिलीप बिल्डकॉन को दिया गया है जबकि परियोजना में शामिल सड़कों और पुलों का निर्माण कोलकाता स्थित रॉयल कंस्ट्रक्ट द्वारा किया जाएगा। यह सुरंग कोझिकोड के अनाक्कम्पॉयिल को वायनाड के मेप्पाडी से जोड़ती है। सुरंग की लंबाई 8.2 किलोमीटर है, जो इसे भारत की सबसे लंबी सुरंगों में से एक बनाती है। सुरंग की अनुमानित लागत 2,400 करोड़ रुपये है और इसका उद्देश्य कोझिकोड और वायनाड जिलों बीच यात्रा के समय को कम करना है।
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केरल के वायनाड में मेप्पाडी के पास कल्लाडी में जबरदस्त भूस्खलन हुआ है। इस भूस्खलन की वजह से एक व्यक्ति की मौत हो गई है जबकि सात लोग घायल हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की रिपोर्ट में बताया गया है कि यह भूस्खलन वायनाड सुरंग परियोजना वाली जगह पर हुआ है। खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
