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अगर ग‍िरफ्तार नहीं क‍िया गया तो ट्रंप के आने तक अनशन पर बैठी रहूंगी- अहमदाबाद में झोपड़पट्टी के पास दीवार बनाने का व‍िरोध कर रहीं कार्यकर्ता ने कहा

सामाजिक कार्यकर्ता अश्वथी 'ज्वाला फाउंडेशन' की संस्थापक है जो विस्थापितों और बुजुर्गों को भोजन और आश्रय देने की दिशा में काम करता है।

केरल की मशहूर कार्यकर्ता अश्वथी ज्वाला ने सरकार के इस कदम के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। (photo reuters)

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अहमदाबाद आगमन से पहले शहर में झोपड़पट्टी को ढंकने के लिए दीवार निर्माण पर विवाद शुरू हो गया है। केरल की मशहूर कार्यकर्ता अश्वथी ज्वाला ने सरकार के इस कदम के खिलाफ भूख हड़ताल शुरू कर दी है। 24 फरवरी को ट्रंप के गुजरात आने से पहले अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने 600 मीटर लंबी दीवार का निर्माण कराया है। अधिकारियों का तर्क हैं सड़क के सौंदर्यीकरण अभियान के तहत दीवार का निर्माण कराया गया है।

अश्वथी ज्वाला ने अहमदाबाद मिरर से कहा कि अगर उन्हें गिरतफ्तार नहीं किया गया तो वो सोमवार को वहीं बैठी रहेंगी जहां से ट्रंप का काफिला गुजरेगा। बता दें कि सामाजिक कार्यकर्ता अश्वथी ‘ज्वाला फाउंडेशन’ की संस्थापक है जो विस्थापितों और बुजुर्गों को भोजन और आश्रय देने की दिशा में काम करता है। अश्वथी ने मांग की कि जो लोग दशकों से झोपड़पट्टी में रह रहे हैं उनका पुनर्वास हो और सरकार द्वारा आवास मुहैया कराए जाएं। इस दौरान जब उनसे केरल से गुजरात आने का कारण पूछा तो ज्वाला फाउंडेशन की संस्थापक ने कहा, ‘ये मेरी मानवता है।’

अश्वथी ज्वाला ने अंग्रेजी अखबार द हिंदू से कहा, ‘झोपड़ियों को छिपाने के बजाय अधिकारियों और सरकारों को देश को बेहतर बनाने का काम करना चाहिए। क्यों ना गरीबी मिटाने का काम किया जाए ताकि झुग्गी-झोपड़ियों को छिपाने की जररुत ही ना पड़े और ना ही इन्हें बनाने की जरुरत पड़े।’

उल्लेखनीय है कि गुजरात के अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने नवनिर्मित मोटेरा स्टेडियम के समीप झोपड़ियों को ढंकने के लिए 600 मीटर लंबी दीवार का निर्माण कराया। इसके अलावा मंगलवार को इन झोपड़ियों में रह रहे कम से कम 45 परिवारों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 24 फरवरी को निर्धारित यात्रा से पहले उस जगह को खाली करने का नोटिस दिया है।

हालांकि अधिकारियों ने इस प्रस्तावित हाईप्रोफाइल यात्रा और नोटिस जारी किए जाने के बीच किसी तरह के संबंध से इनकार किया है लेकिन झोपड़ी में रह रहे लोगों इस कदम के समय को लेकर सवाल उठाया है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब महज कुछ दिन पहले एएमसी ने उस सड़क पर पड़ने वाली झुग्गियों को कथित रूप से ढ़कने के लिए एक दीवार खड़ी करनी शुरू की जहां से अमेरिकी राष्ट्रपति के गुजरने की संभावना है।

नोटिस में कहा गया है, ‘आपने एएमसी की जमीन का अतिक्रमण किया है। अगले सात दिनों में अपने सारे सामानों के साथ यह जगह खाली करिए वरना खाली कराने के लिए विभागीय कार्रवाई की जाएगी। यदि आपको कोई आवेदन देना है तो आप 19 फरवरी की दोपहर तीन बजे तक दें।’ ये झोपड़पट्टी अहमदाबाद और गांधीनगर को जोड़ने वाली सड़क के साथ लगी हुई हैं और मोटेरा स्टेडियम से करीब डेढ़ किलोमीटर की दूरी पर हैं।

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