केरल के राजनीतिक विचारक और भाजपा के पूर्व पदाधिकारी टीजी मोहनदास को महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में सोमवार को जमानत मिल गई। उन्हें रविवार देर रात कोच्चि स्थित उनके आवास से गिरफ्तार किया गया था। तिरुवनंतपुरम की एक मजिस्ट्रेट अदालत ने पुलिस की हिरासत की मांग खारिज करते हुए उन्हें जमानत दे दी।
शहर की साइबर पुलिस ने सोमवार को मोहनदास की गिरफ्तारी दर्ज की। पुलिस ने अदालत से उनकी हिरासत मांगी थी, लेकिन अदालत ने इसे स्वीकार नहीं किया। मोहनदास पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 192, 79 और 353(1) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इनमें दंगा भड़काने के लिए उकसाने, महिला की गरिमा का अपमान करने और सार्वजनिक उपद्रव पैदा करने के लिए गलत बयान प्रसारित करने से संबंधित प्रावधान शामिल हैं।
बीजेपी ने बयान से असहमति जताई, गिरफ्तारी के समय पर उठाए सवाल
टीजी मोहनदास पहले केरल में भाजपा के इंटेलेक्चुअल सेल के संयोजक रह चुके हैं। उनकी गिरफ्तारी के बाद पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने उनके कथित बयानों से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि अगर मोहनदास के नाम से दिए गए बयान गलत या आपत्तिजनक हैं तो पार्टी उनसे पूरी तरह असहमत है।
हालांकि, राजीव चंद्रशेखर ने गिरफ्तारी के समय पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि भाजपा इस पूरी कार्रवाई, खासकर आधी रात को हुई गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध के तौर पर देखती है। उनके मुताबिक, जब केरल की कांग्रेस सरकार कई मुद्दों पर विपक्ष के निशाने पर है, ऐसे समय में यह कार्रवाई जनता का ध्यान भटकाने की कोशिश हो सकती है।
26 जुलाई को वीडियो में की थी टिप्पणी
मोहनदास ने 26 जुलाई को सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए एक वीडियो में दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे युवाओं के प्रदर्शन का जिक्र किया था। वीडियो में उन्हें कथित तौर पर यह कहते हुए सुना गया कि अगर उन्हें प्रदर्शन को संभालने की जिम्मेदारी दी जाती तो वह जंतर-मंतर इलाके में कर्फ्यू लगा देते।
उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि प्रदर्शनकारियों को वहां से हटने के लिए कहा जाता और सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली के जरिए तीन बार चेतावनी दी जाती। इसके बाद गोली चलाने की बात भी उन्होंने कही थी। उन्होंने यह भी दावा किया था कि कुछ लोगों की मौत और कुछ के घायल होने के बाद कुछ घंटों में स्थिति नियंत्रण में आ जाएगी।
मोहनदास पर महिला प्रदर्शनकारियों के खिलाफ भी कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करने का आरोप है। इन टिप्पणियों को लेकर साइबर पुलिस ने 29 जुलाई को प्राथमिकी दर्ज की थी, लेकिन गिरफ्तारी की कार्रवाई 9 अगस्त को की गई।
सीपीआई(एम) ने सरकार पर साधा था निशाना
मोहनदास के खिलाफ कार्रवाई में देरी को लेकर विपक्षी सीपीआई(एम) ने केरल की कांग्रेस सरकार पर सवाल उठाए थे। पार्टी ने आरोप लगाया था कि सरकार इस मामले में नरम रुख अपना रही है। इसके बाद रविवार रात पुलिस ने मोहनदास को उनके कोच्चि स्थित आवास से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, सोमवार को अदालत से उन्हें जमानत मिलने के बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
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झारखंड की राजधानी में छात्रों के विधानसभा घेराव और लाठीचार्ज के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस और प्रशासन की स्थिति संभालने के लिए धन्यवाद दिया है। साथ ही उन्होंने युवा प्रदर्शनकारियों के नाम अपना संदेश भी जारी किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें।
