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IMD मुहैया करा रहा डेटा, फिर भी विजयन सरकार निजी एजेंसियों पर खर्च करेगी 1 करोड़ रुपए, अफसर बोले- मौसम विभाग के तथ्य ‘सही नहीं’

उधर, IMD के डीजी मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि उनका विभाग हर तरह की जरूरी जानकारी/डेटा राज्यों को भारत सरकार की गाइडलाइंस के तहत मुहैया कराता रहता है।

Kerala, IMD, Pinarayi Vijayanकेरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन। (एक्सप्रेस आर्काइव फोटोः निर्मल हरिंदरन)

देश के अधिकतर राज्य मौसम के सही पूर्वानुमान के लिए निजी कंपनियों/एजेंसियों का सहारा ले रहे हैं। ऐसा तब है, जब वे पूरी तरह से Indian Meteorological Department (IMD) यानी कि सरकारी मौसम विभाग पर निर्भर हैं। जून में केरल भी ऐसे ही सूबों (ओडिशा, महाराष्ट्र और कर्नाटक) की फेहरिस्त में शामिल हो गया है, जो प्राकृतिक आपदाओं (खासकर पिछले दो सालों से आने वाली बाढ़, जिससे भारी तबाही हुई) आदि के पूर्वानुमान के लिए प्राइवेट वेदर मॉनिटरिंग एजेंसियों की मदद ले रहे हैं।

केरल इसी के तहत मौसम का पूर्वानुमान लगाने वाली निजी क्षेत्र की एजेंसियों Skymet Weather, IBM Weather Company और Earth Networks के साथ एक साल के पाइलट प्रोजेक्ट पर आगे बढ़ा है। ‘The Print’ की रिपोर्ट के मुताबिक, केरल के इस प्लान पर करीब एक करोड़ रुपए का खर्च आएगा, जिससे वह और बेहतर सेवाएं हासिल करने के बारे में सोच रहा है।

Kerala State Disaster Management Authority (KSDMA) के अफसरों के हवाले से अंग्रेजी न्यूज साइट की रिपोर्ट में आगे कहा गया कि राज्य सरकार ऐसा कर आईएमडी से मिले डेटा को और बेहतर करेगी, ताकि उसे बाढ़ और सूखा आदि से निपटने में दिक्कत न आए। KSDMA के सदस्य सचिव शेखर कुरियाकोसे ने बताया कि सेंट्रल एजेंसी तालुका (ब्लॉक) स्तर पर अलर्ट मुहैया नहीं कराती है, जो कि आलोचनात्मक ढंग से आपदा प्रबंधन के लिए रोड़े जैसा है।

बकौल कुरियाकोसे, “हम प्राइवेट कंपनियों/एजेंसियों से मिलने वाले डेटा से अपने पूर्वानुमान संबंधी जानकारी को बढ़ाएंगे। हम पूरी तरह से आईएमडी के डेटा से दूरी नहीं बनाएंगे, बल्कि उसे इस्तेमाल करते रहेंगे। अक्सर ऐसी चीजें होती हैं, जो हम आईएमडी से उम्मीद करते हैं, पर वे हमें मुहैया नहीं कराई जा पाती हैं। हालांकि, निजी कंपनियों से हमें वे चीजें हासिल हो सकती हैं। केरल अब और बेहतर सेवाओं की मांग कर रहा है।”

नाम न बताने की शर्त पर कुछ और केएसडीएमए के अफसरों ने बताया कि निजी एजेंसियां आईएमडी से बेहतर मौसम का पूर्वानुमान लगाती हैं और उनका डेटा यूजर फ्रेंडली होने के साथ आसानी से अपडेट भी हो जाता है। इस सिस्टम से तापमान, आद्रता, हवा की गति, हवा की दिशा और हर घंटे बारिश को आसानी से मापा जा सकता है। इस पाइलट प्रोजेक्ट के जरिए केरल और स्पेसिफिक डेटा की उम्मीद करता है। इसी बीच, IMD के डीजी मृत्युंजय महापात्रा ने बताया कि उनका विभाग हर तरह की जरूरी जानकारी/डेटा राज्यों को भारत सरकार की गाइडलाइंस के तहत मुहैया कराता रहता है।

IMD संग है केरल सरकार विवाद!: केरल सरकार का निजी मौसम एजेंसियों की ओर रुख करना नई बात नहीं है। साल 2018 में आई बाढ़ के बाद इसकी शुरुआत हुई थी और 2019 में भी कुछ ऐसा ही हुआ। दरअसल, 2018 में बाढ़ में 350 लोगों की जान चली गई थी और सरकारी आकलन के अनुसार तब लगभग 19,512 करोड़ रुपए की संपत्ति का नुकसान हुआ था, जबकि पिछले साल बाढ़ के कारण 121 लोगों की मौत हो गई थी। पर इस बार विजयन सरकार लोगों की जान जोखिम में नहीं डालना चाहती है और आईएमडी के पूर्वानुमानों के भरोसे पूरी तरह नहीं रहना चाहती, लिहाजा उसने अन्य सूबों की तरह निजी मौसम एजेंसियों से संपर्क साधा।

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