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केरल: सरकारी कॉलेज की मैगजीन में छपा सेक्‍स करते जोड़े का स्केच, उड़ाया सि‍नेमा हॉल में राष्‍ट्रगान बजाने का मजाक

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता बग्गा के अलावा केरल बीजेपी ने भी इस तस्वीर को ट्वीट किया है। मैगजीन में छपी इस तस्वीर की सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही है।

केरल के सरकारी कॉलेज की मैगजीन को लेकर आपत्ति। (Photo Source: Twitter/Tejinder Bagga)

केरल के थालास्सेरी जिले में ब्रेनन कॉलेज में जारी हुई एक मैगजीन को लेकर विवाद पैदा हो गया है। आरोप लग रहा है कि मैगजीन में एक स्केच को राष्ट्रगान का अपमान करने के नियत से शामिल किया है। इस पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) और बीजेपी समेत छात्र संगठनों ने भी विरोध किया है। दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता तेजिंदर बग्गा ने ट्वीट के जरिए स्केच शेयर करते हुए स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) पर राष्ट्रगान के अपमान का आरोप लगाया है। बग्गा ने अपने ट्वीट में लिखा- “एसएफआई (SFI) की ओर से केरल के ब्रेनन कॉलेज में प्रकाशित की गई मैगजीन ने राष्ट्रगान का अपमान किया है। इसमें 2 लोगों से सेक्स करने का आग्रह किया जा रहा है, जबकि थियेटर में राष्ट्रगान बजता हुआ दिखाया जा रहा है।”

मातृभूमि वेबसाइट के मुताबिक Pellet नाम से छ्पी इस मैगजीन के 12-13वें नंबर पेज पर इस तस्वीर को प्रकाशित किया गया है। इस स्केच में थियेटर के स्क्रीन में राष्ट्रगान होने के दौरान पीछे सीट पर दो लोगों को यौन संबंध बनाते हुए दिखाया गया है। इस तस्वीर की कड़ी आलोचना की जा रही है। कॉलेज स्टूडेंट यूनियन पर काबिज स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) पर आरोप है कि क्षुद्र राजनीतिक लाभ लेने के लिए उसने इस मैगजीन का इस्तेमाल किया है। वहीं, एबीवीपी और केएसयू ने कहा कि इस पत्रिका में अश्लील चित्र और सीपीएम के पक्ष वाले लेखों को शामिल किया गया है। जबकि स्टूडेंट यूनियन का कहना है कि मैगजीन में केवल समकालीन मुद्दों पर चर्चा की गई है।

दिल्ली बीजेपी के प्रवक्ता बग्गा के अलावा केरल बीजेपी ने भी इस स्केच को ट्वीट किया है। मैगजीन में छपी स्केच की सोशल मीडिया पर तीखी आलोचना हो रही है। शशांक प्रधान नाम के एक यूजर ने लिखा- “और क्या उम्मीद की जा सकती है इन लोगों से, ये अपना चरित्र-प्रदर्शन कर रहे हैं Comrade अब ‘काम’रेड बनकर ‘कमरों में क्रांति’ के लायक रह गये हैं। वहीं, दूसरे यूजर रामकृष्णन ने लिखा- “केरल के वर्तमान मुख्यमंत्री पिन्नयारी विजयन इस कॉ़लेज के पूर्व छात्र है और क्या उम्मीद की जा सकती है।”

344030बता दें कि किताबों इस तरह की आपत्तिजनक चीजों के ज़िक्र को लेकर पहले भी काफी विवाद हो चुका है। हाल ही में दिल्ली यूनिवर्सिटी की बीकॉम (ऑनर्स) की एक किताब में छात्रों को सलाह दी गई है कि वह स्कर्ट की तरह छोटा ईमेल लिखें जिससे दिलचस्पी बनी रहे। इसको लेकर विवाद खड़ा हो गया था। किताब में कहा गया, ‘ईमेल संदेश स्कर्ट की तरह होने चाहिये—इतना छोटा हो कि उसमें दिलचस्पी बनी रहे और लंबा इतना हो कि सभी महत्वपूर्ण बिंदू इसमें शामिल हो जाएं।’

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