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भयंकर बाढ़ से जूझ रहा केरल, मगर जर्मनी में कॉन्‍फ्रेंस अटेंड करने गए हैं वन मंत्री

के राजू जर्मनी के बेयर्न में अगस्त 17 से 19 तक आयोजित वर्ल्ड मलयाली काउंसिल द्वारा आयोजित 11 वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने गये थे। के राजू के फैसले से सीपीएम नेतृत्व भी गुस्से में है और इन्हें तुरंत वापस लौटने को कहा है।

कोच्चि में बाढ़ का एक दृश्य (फोटो- पीटीआई, 17 अगस्त 2018)

केरल 100 सालों का सबसे भीषण बाढ़ झेल रहा है। बाढ़ की वजह से लगभग पौने दो सौ लोग मारे जा चुके हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद बाढ़ की निगरानी कर रहे हैं। लोग त्राहिमाम की पुकार कर रहे हैं। लाजिमी है कि पूरा सरकारी अमला राहत और बचाव कार्य में लगा है। लेकिन इस विपत्ति की हालत में भी केरल सरकार के एक मंत्री विदेश में एक कॉन्फ्रेंस में शिरकत कर रहे हैं। हम बात कर रहे हैं केरल के वन और वाइल्डलाइफ संरक्षण मंत्री के राजू की। के राजू जर्मनी में एक कॉन्फ्रेंस में शिरकत कर रहे हैं। के राजू पुनलूर विधानसभा का प्रतिनिधित्व करते हैं। इस मुद्दे पर कड़ी आलोचना के बाद माकपा ने के राजू को जर्मनी से वापस बुला लिया है। न्यूज-18 की एक रिपोर्ट के मुताबिक के राजू 2 दिनों केरल लौट जाएंगे। के राजू जर्मनी के बेयर्न में अगस्त 17 से 19 तक आयोजित वर्ल्ड मलयाली काउंसिल द्वारा आयोजित 11 वें ग्लोबल कॉन्फ्रेंस में शिरकत करने गये थे। के राजू के फैसले से सीपीएम नेतृत्व भी गुस्से में है और इन्हें तुरंत वापस लौटने को कहा है।

केरल के वन मंत्री के राजू।

बता दें कि केरल में प्रचंड बाढ़ से लाखों प्रभावित हुए हैं। सीएम पी विजयन के मुताबिक 70,000 से ज्यादा परिवारों के लगभग 3.14 लाख लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है। उन्होंने कहा कि 29 मई, जब दक्षिण-पश्चिम मानसून ने केरल में दस्तक दी थी, के बाद से 385 लोग मारे जा चुके हैं। कुछ जगहों पर बारिश में थोड़ी कमी आई लेकिन चार जिलों – पथनमथिट्टा, अलफुजा, एर्नाकुलम और त्रिचूर में मानसून का कहर जारी है। अधिकारियों ने बताया कि एर्नाकुलम जिले के कई निजी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी हो गयी है। इस कारण अधिकारियों को मरीजों को निकट के अस्पतालों में भेजने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अस्पतालों में बाढ़ का पानी घुस आने के कारण कई मरीजों को वहां से निकालना पड़ा।

राहत शिविरों में रह रहे लोग भी खाना और पेयजल की किल्लत की शिकायत कर रहे हैं। कई पेट्रोल पंपों, यहां तक कि तिरुवनंतपुरम में भी पेट्रोल नहीं है। तिरुवनंतपुरम जिले के कई ईंधन स्टेशनों में आज लंबी-लंबी कतारें देखी गई। अधिकारियों ने प्रत्येक ईंधन स्टेशन से कहा है कि वे 3,000 लीटर डीजल और 1,000 लीटर पेट्रोल का भंडार सुरक्षित रखें ताकि राहत अभियानों में इनका इस्तेमाल किया जा सके। पीएम मोदी ने शनिवार (18 अगस्त) को बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया है। उन्होंने राज्य सरकार को 500 करोड़ रुपये तत्काल मदद की घोषणा की है। इससे पहले भी पीएम केरल के लिए 100 करोड़ रुपये की मदद की घोषणा कर चुके हैं।

(एजेंसी इनपुट्स के साथ)

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