कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने रविवार को कहा कि केरल में वंदे मातरम का पूरा संस्करण ‘इस जन्म’ में नहीं गाया जाएगा। कासरगोड से कांग्रेस सांसद उन्नीथन ने कहा कि चाहे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमें गोली मारने की धमकी ही क्यों न दें, इसे पूरा नहीं गाया जाएगा।

हाल ही में केरल के मुख्य सचिव ने सरकारी विभागों को केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुसार स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान वंदे मातरम को पूरी तरह गाने का निर्देश दिया था। इससे पहले केरल के मुख्यमंत्री पी. विजयन ने कहा था कि पूरा वंदे मातरम गाने की आरएसएस की पॉलिसी देश को मंजूर नहीं है और इस संबंध में दिए गए निर्देश को वापस लिया जाना चाहिए। 

राजमोहन उन्नीथन ने कहा, ”यह उसी तरह गाया जाएगा जिस तरह अब तक गाया जाता रहा है। इससे ज्यादा कुछ नहीं गाया जाएगा।”

राजभवन घटिया राजनीति के केंद्र बन गए- उन्नीथन

राजमोहन उन्नीथन ने आरोप लगाया कि राजभवन घटिया राजनीति के केंद्र बन गए हैं और राज्यपाल अब धनबल के सहारे लोकतंत्र को खत्म करने के लिए काम कर रहे हैं। कांग्रेस सांसद ने दावा किया, ”ऐसे में हम राज्यपालों से क्या न्याय की उम्मीद कर सकते हैं? वे सभी केंद्र सरकार के गुलाम बन गए हैं।” उन्होंने कहा, ”हम वंदे मातरम के पूर्ण गायन को स्वीकार नहीं कर सकते। इस जन्म में तो बिल्कुल नहीं।”

कांग्रेस सांसद की यह प्रतिक्रिया केरल के मुख्य सचिव विश्वनाथ सिन्हा के छह अगस्त के उस पत्र के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान 2026 को राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ के 150 साल पूरे होने के अवसर पर देशभर में चल रहे तीसरे चरण के कार्यक्रम से जोड़ दिया गया है। इस फैसले को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता वाली राष्ट्रीय कार्यान्वयन समिति ने मंजूरी दी है।

पत्र में कहा गया था कि इस अवधि के दौरान सभी आयोजनों में राष्ट्रीय ध्वज फहराने के साथ-साथ वंदे मातरम का सामूहिक गायन किया जाएगा जबकि डिजिटल भागीदारी ‘हर घर तिरंगा’ पोर्टल के माध्यम से होगी जहां लोग तिरंगे के साथ अपनी सेल्फी अपलोड कर सकते हैं।

आरएसएस के एजेंडे के आगे घुटने टेकने का आरोप

केरल के विपक्षी दल मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) ने मुख्य सचिव के द्वारा इस पत्र को जारी किए जाने की आलोचना की थी और इसे वापस लेने की मांग की थी। सीपीएम ने आरोप लगाया था कि राज्य सरकार ऐसे निर्देश जारी करके आरएसएस (राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ) के एजेंडे के आगे घुटने टेक रही है।

वंदे मातरम पूरी तरह न गाने को लेकर विवाद

केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट का गठबंधन सत्ता में है। इस साल 29 मई को केरल में तब विवाद हुआ था जब 16वीं केरल विधानसभा के उद्घाटन सत्र के दौरान पुलिस बैंड ने वंदे मातरम को पूरी तरह नहीं गाया था। बीजेपी ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने उसके गठबंधन सहयोगी इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग के सामने आत्मसमर्पण कर दिया है। उस दौरान कांग्रेस के सांसद शशि थरूर ने इसे लेकर सवाल उठाया था और कहा था कि मोदी सरकार इसे अनावश्यक रूप से लोगों पर थोप रही है।

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मदरसों में वंदे मातरम के छह छंद को अनिवार्य बनाने के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए कलकत्ता हाई कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि आसमान नहीं गिर जाएगा। हाई कोर्ट वंदे मातरम के छह छंद के गाने के खिलाफ दायर याचिका पर सुनाई कर रहा था। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।