केरल विधानसभा चुनाव 2026 पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा कि चुनाव आयोग ने हमें बहुत कम समय दिया है। उन्होंने कहा कि हमारे पास मुश्किल से 3 सप्ताह से थोड़ा अधिक समय बचा है और वो चुनाव आयोग के इस फैसले से हैरान हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि कम्युनिस्ट इस बात के माहिर रहे हैं कि वे करदाताओं के पैसे को अपने कार्यकर्ताओं की जेबों में कैसे पहुंचाते हैं। न्यूज एजेंसी एएनआई से बातचीत के दौरान केरल विधानसभा चुनाव पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “मेरे सहयोगी 85 से 100 सीटों को लेकर बहुत आश्वस्त हैं।”
थरूर ने आगे बताया, “कम्युनिस्ट इस बात के माहिर रहे हैं कि वे करदाताओं के पैसे को अपने कार्यकर्ताओं की जेबों में कैसे पहुंचाते हैं। केरल में, एक कम्युनिस्ट मंत्री दो साल के लिए एक सहायक या निजी सलाहकार नियुक्त कर सकता है और फिर उसे आजीवन पेंशन मिलती है। इसलिए, इन सभी लोगों को करदाताओं के पैसे से ही वेतन मिलता है और वे अपनी पार्टी का काम करते हैं। स्वाभाविक रूप से, वे अपनी पार्टी के प्रति वफादार होंगे।”
केरल चुनाव में भाजपा की संभावनाओं पर क्या बोले शशि थरूर
केरल विधानसभा चुनाव 2026 में भाजपा की संभावनाओं पर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “उनकी स्थिति लगभग न के बराबर है, वे एक भी सीट नहीं जीत पाए हैं। हो सकता है वो एक, दो या तीन सीटें जीत जाएं, ये ही उनके लिए बड़ी जीत होगी। चुनाव यूडीएफ और एलडीएफ के बीच होने जा रहे हैं और एलडीएफ ने 10 वर्षों के कुशासन का प्रतिनिधित्व किया है जबकि हम बदलाव के लिए सबसे विश्वसनीय विकल्प हैं।” उन्होंने आगे कहा, “केरल को कभी आदर्श राज्य कहा जाता था और आज हम कर्ज का आदर्श बन गए हैं। हमें अर्थव्यवस्था को पूरी तरह से पुनर्जीवित करने और लोगों को यह मौका देने की जरूरत है कि वे यहीं रहें और अपने ही राज्य में अपना भविष्य देखें।”
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष पर बोले थरूर
पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के केरल के लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने कहा, “मुझे इस बात की चिंता है कि अगर खाड़ी देशों की अर्थव्यवस्थाएं लंबे समय तक चलने वाले युद्ध से प्रभावित होती हैं तो उनके करार पूरे नहीं हो पाएंगे, परियोजनाएं जारी नहीं रह पाएंगी और उन्हें हमारे लोगों को रोजगार देने की जरूरत नहीं रहेगी। यह एक गंभीर समस्या होगी क्योंकि जब ये सभी लोग केरल वापस आने लगेंगे तो हमारे पास फिलहाल उन्हें समायोजित करने की आर्थिक क्षमता नहीं है।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या वे केरल चुनावों में मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार होंगे तो कांग्रेस सांसद थरूर ने कहा, “नहीं, मेरा मानना है कि इन मामलों में किसी व्यक्ति को अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार नहीं है। नियम यह है कि हाई कमान निर्वाचित विधायकों से परामर्श करके निर्णय लेगी।”
शशि थरूर ने किया सरकार का बचाव
सांसद शशि थरूर ने पश्चिम एशिया युद्ध को लेकर मोदी सरकार की रणनीति का बचाव किया है। उन्होंने जोर देकर कहा है कि सरकार की चुप्पी उसकी हार नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार रणनीति है। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें
