ताज़ा खबर
 

ISRO के पूर्व वैज्ञानिक नम्बी नारायणन हुए जासूसी के आरोपों से बरी, मिला 50 लाख रुपये का मुआवजा

मुख्यमंत्री पी. विजयन ने यहां राज्य सचिवालय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में 76 साल के नारायणन को 50 लाख रुपए का चेक सौंपा। शीर्ष अदालत ने तीन हफ्ते पहले नारायणन को मुआवजा देने का आदेश दिया था।

Author तिरुवनंतपुरम | October 10, 2018 4:40 PM
केरल के मुख्यमंत्री ने इसरो के पूर्व वैज्ञानिक नम्बी नारायणन को मुआवजे के तौर पर 50 लाख रुपए दिए

केरल सरकार ने भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के पूर्व वैज्ञानिक नम्बी नारायणन को मंगलवार को 50 लाख रुपए का मुआवजा दिया। सरकार ने उच्चतम न्यायालय के एक हालिया आदेश का पालन करते हुए नारायणन को यह मुआवजा राशि दी। साल 1994 के जासूसी कांड में नारायणन को आरोपी बनाया गया था, लेकिन बाद में अदालत ने उन्हें बरी कर दिया। मुख्यमंत्री पी. विजयन ने यहां राज्य सचिवालय की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम में 76 साल के नारायणन को 50 लाख रुपए का चेक सौंपा। शीर्ष अदालत ने तीन हफ्ते पहले नारायणन को मुआवजा देने का आदेश दिया था। न्यायालय ने कहा था कि नारायणन को ‘‘गैर-जरूरी तरीके से गिरफ्तार किया गया, परेशान किया गया और क्रूरता की गई।’’ नारायणन ने कहा कि उन्हें शुरू से ही यकीन था कि उनके खिलाफ मामला गलत है।

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि सरकार मेरे साथ है।’’ उच्चतम न्यायालय ने 14 सितंबर को इस मामले में केरल पुलिस की भूमिका की जांच और नारायणन को 50 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिए थे। उन्होंने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह आठ हफ्तों के भीतर मुआवजे का भुगतान करे। कार्यक्रम में विजयन ने कहा कि जांच में खामियों के लिए जिम्मेदार अधिकारियों से मुआवजे की रकम वसूलने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।

HOT DEALS

केरल के राजस्व मंत्री ई चंद्रशेखरन, उद्योग मंत्री ई पी जयराजन और मुख्य सचिव टॉम जोस भी कार्यक्रम में मौजूद थे। साल 1994 में सुर्खियों में आया इसरो जासूसी कांड भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के बारे में चुंिनदा गोपनीय दस्तावेज दो वैज्ञानिकों और मालदीव की दो महिलाओं सहित चार अन्य द्वारा दूसरे देशों को हस्तांतरित करने के आरोपों से जुड़ा है।
नारायणन को दो महीने जेल में बिताने पड़े थे। बाद में सीबीआई इस निष्कर्ष पर पहुंची थी कि उन पर लगे आरोप गलत हैं।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App