चुनाव आयोग (EC) ने रविवार को केरल समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनावों के तारीखों की घोषणा कर दी। केरल में CPIM के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट और कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) के बीच मुकाबला देखने को मिलता रहा है। वहीं हाल के वर्षों में बीजेपी ने भी ठीकठाक प्रदर्शन किया है। केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में वोट डाले जाएंगे, जबकि नतीजे बाकी राज्यों के साथ 4 मई को घोषित किए जाएंगे।

केरल में इन पांच बातों पर रहेगी नजर:

CPIM के लिए हैट्रिक का मौका

CPIM के नेतृत्व वाली लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) सरकार पिछले एक दशक से पिनाराई विजयन के नेतृत्व में सत्ता में है। सीपीएम का दावा है कि उसकी सरकार पर ‘सत्ता-विरोधी लहर’ (Anti-Incumbency) का कोई साया नहीं है। लेफ्ट पार्टी पिछले 10 वर्षों में विजयन के नेतृत्व में आए ‘बदले हुए केरल’ की बात करते हुए लगातार तीसरी बार सत्ता में आने की कोशिश कर रही है। इस चुनाव से यह पता चलेगा कि लेफ्ट सरकार द्वारा अलग-अलग मोर्चों पर किए गए बदलाव लोगों से जुड़ पाए हैं या नहीं, या फिर वोटर एक बार फिर सरकार बदलने का फैसला करते हैं।

UDF के लिए ‘करो या मरो’ की स्थिति

कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF के लिए ये चुनाव ‘करो या मरो’ की लड़ाई से कम नहीं हैं। एक दशक तक विपक्ष में रहने के बाद कांग्रेस इस चुनाव के नतीजों को केरल में अपने राजनीतिक भविष्य के लिए बेहद अहम मान रही है। पिछली बार UDF को विधानसभा चुनावों में निर्णायक जनादेश 2001 में मिला था, जब उसने 140 में से 99 सीटें जीती थीं। 2011 के विधानसभा चुनावों में उसकी जीत भी बहुत कम अंतर से हुई थी। उसे सिर्फ़ दो सीटों की बढ़त मिली थी। इसलिए इस बार UDF और कांग्रेस दोनों ही एक स्पष्ट और निर्णायक जनादेश पाने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं।

BJP का फैक्टर कितना अहम?

बीजेपी पिछले 12 वर्षों से केंद्र की सत्ता में है। बीजेपी एक नई रणनीति और ‘विकसित केरलम (विकसित केरल)’ के चुनावी नारे के साथ केरल के चुनावी मैदान में उतर रही है। उम्मीद है कि दो फैक्टर पार्टी के चुनाव प्रचार और आत्मविश्वास को नई ऊर्जा देंगे। तिरुवनंतपुरम नगर निगम में उसकी ऐतिहासिक जीत हुई जहां पार्टी ने चार दशक लंबे वामपंथी शासन को समाप्त कर दिया और दूसरी तरफ 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी ने केरल में अपनी पहली सीट जीती।

बीजेपी की नेमोम, वट्टियूरकावु और कझाकूटम विधानसभा सीटों पर बहुत कुछ दांव पर लगा है, जिनमें तिरुवनंतपुरम नगर निकाय के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र शामिल हैं। इसके अलावा पार्टी के बढ़ते वोट ग्राफ़ का असर उन कई विधानसभा क्षेत्रों के नतीजों पर पड़ने की संभावना है, जहां CPIM और कांग्रेस के बीच सीधा मुकाबला है।

विजयन का क्या होगा?

चुनाव के नतीजों से CPIM के अंदर एक और सवाल का जवाब मिलेगा। क्या विजयन, जो पिछले 10 सालों से पार्टी की चुनावी राजनीति का चेहरा रहे हैं, उसी पद पर बने रहेंगे, या CPM की संसदीय राजनीति के चेहरे के तौर पर कोई नया नेता उभरेगा? चुनाव के नतीजे चाहे जो भी हों, विजयन का अपना उत्तराधिकारी चुनने में अहम रोल होने की संभावना है।

मुख्य मुद्दे क्या हैं?

सबरीमाला मंदिर में महिलाओं के प्रवेश का राजनीतिक रूप से संवेदनशील मुद्दा एक बार फिर चुनाव प्रचार में उठने की उम्मीद है। राज्य सरकार ने पहले सुप्रीम कोर्ट के उस फैसले का समर्थन किया था जिसमें सभी उम्र की महिलाओं को इस पहाड़ी मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी गई थी, लेकिन अब उसने इस मामले पर अपना रुख बदल लिया है। इससे उस पर यह आरोप लग रहा है कि वह चुनावों से पहले हिंदू वोटों को ध्यान में रखते हुए एक मुश्किल संतुलन बनाने की कोशिश कर रही है।

कई जंगली इलाकों में, खासकर ऊंचे पहाड़ी इलाकों में, इंसानों और जंगली जानवरों के बीच टकराव भी एक गंभीर चिंता का विषय है। इन इलाकों में जंगली हाथियों, जंगली सूअरों और दूसरे जानवरों के हमलों में कई लोगों की जान जा चुकी है। किसानों ने भी फसलों के नुकसान का मुद्दा उठाया है और जल्द मुआवज़े के साथ-साथ बचाव के उपायों की मांग की है।

सत्ताधारी गठबंधन सीपीएम इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास को अपनी मुख्य उपलब्धियों में से एक के तौर पर पेश कर सकता है। इसके लिए वह सड़कों के विकास, सार्वजनिक परिवहन में सुधार, बंदरगाह और तटीय परियोजनाओं, और स्थानीय स्वास्थ्य सुविधाओं के विकास का हवाला दे सकता है। पढ़ें केरल: सीपीएम ने 81 उम्मीदवारों का किया ऐलान

(यह भी पढ़ें- 5 राज्यों के चुनाव के लिए ये है बीजेपी का प्लान)

चुनाव आयोग (EC) ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में विधानसभा चुनावों की तारीखों की घोषणा कर दी है। इसके साथ ही बीजेपी का प्लान भी साफ हो गया है। पार्टी असम में अपनी सत्ता बनाए रखना चाहती है जबकि बंगाल जीतना या कम से कम वहां अपनी स्थिति बेहतर करना चाहती है। पढ़ें पूरी खबर