ताज़ा खबर
 

केरल जाकर निपाह वायरस पीड़ितों का इलाज करना चाहते थे गोरखपुर के डॉ. कफील, सरकार ने रोका

केेेेरल सरकार ने उत्‍तर प्रदेश के डॉ. कफील खान को निपाह वायरस से पीडि़तों का इलाज करने के लिए अाने से मना कर दिया है। डॉ. कफील गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के निलंबित बाल रोग विशेषज्ञ हैं। उनका नाम ऑक्‍सीजन की कमी से 30 बच्‍चों की मौत्‍ा के बाद सुर्खियों में आया था।

डॉक्टर कफील खान। (फोटो- फेसबुक)

केरल सरकार ने शुक्रवार (25 मई) को यूपी के डॉ. कफील खान को निपाह वायरस के पीड़ितों के इलाज के लिए केरल आने से मना कर दिया है। डॉ. कफील उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज के निलंंबित बाल रोग विशेषज्ञ हैं। डॉ. कफील ने केरल सरकार के इस फैसले पर अफसोस जताया है। डॉ. कफील खान ने मीडिया से बातचीत में बताया,”मुझे केरल सरकार ने अपनी यात्रा रद करने के लिए कहा है। मैं असहाय हूं और ऐसे मुश्किल वक्त में भी मैं अपनी सेवाएं वहां नहीं दे पा रहा हूं, इसका मुझे अफसोस है। मुझे नहीं पता कि सरकार को अगले 11 घंटे में ही ये फैसला लेने के लिए किसने उकसाया है। मैं शुक्रवार शाम को इलाज के लिए उत्तरी केरल के कोझीकोड इलाके में जाना चाहता था। ये इलाका निपाह वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है।”

अचानक आने से कर दिया मना: डॉ. कफील खान सात महीने जेल में बिताने के बाद जमानत पर बाहर आए हैं। उनका नाम पिछले साल अगस्त में गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज में आॅक्सीजन की कमी के कारण हुई 30 बच्चों की मौत के बाद चर्चा में आया था। डॉ. कफील ने सोशल मीडिया पर नर्स लिनी को श्रद्धांजलि दी थी। लिनी वही नर्स हैं जो निपाह पीड़ित मरीजों की सेवा करते हुए खुद उसकी चपेट में आ गई थीं। तीन दिन पहले डॉ. कफील ने अपनी मदद का प्रस्ताव दिया था। प्रस्ताव पर केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने तुरंत ही जवाब दिया था। बाद में उन्होंने कफील को केरल की यात्रा करने से मना कर दिया।

मैं फैसले से हताश हूं: डॉ. कफील ने मीडिया से कहा,” मैंने गोरखपुर में जापानी इंसेफेलाइटिस के संक्रमण से पीड़ित हजारों मरीजों का इलाज किया है। मैं सोचता था कि मेरी सेवाओं की जरूरत वहां भी होगी। जब मैंने इलाज के लिए केरल जाने की घोषणा की थी मेरे परिवार के सदस्य बेहद परेशान हो गए थे। मैं उन्हें समझाने की कोशिश कर रहा था। लेकिन सरकार के फैसले के बाद मैं वाकई बेहद हताश हूं। मैं अभी भी फोन कॉल का इंतजार कर रहा हूं।”

विपक्ष की निंदा पर लिया फैसला ! : सूत्रों के मुताबिक, केरल सरकार ने भाजपा और विपक्षी दलों के द्वारा दूसरे राज्य में आरोपी डॉ. कफील को बुलाने पर की गई निंदा के कारण यूटर्न लिया है। कहा ये भी जा रहा है कि डॉ. कफील को वहां इलाज के लिए जाने से पहले राज्य के स्वास्थ्य विभाग से पहले इसकी अनुमति लेनी पड़ती। फिलहाल राज्य के ​संक्रमण ग्रस्त जिलों से अभी तक कोई नया मामला सामने नहीं आया है।

फिलहाल ऐसे हैं हालात: केरल में राज्य सरकार के मुताबिक निपाह वायरस के कुल 20 मामले सामने आए हैं। पीड़ितों में से 12 लोगों की मौत हो चुकी है, शेष आठ लोगों का इलाज आइसोलेशन वार्ड में चल रहा है। जबकि सात अन्य मरीज जिनके लक्षण निपाह वायरस पीड़ितों से मिलते-जुलते हैं, उनका विशेष वार्ड में इलाज चल रहा है। कम से कम 80 लोगों के खून के नमूने लैब जांच के लिए भेजे जा चुके हैं। ये सभी वह लोग हैं जो वायरस पीड़ितों और उनकी लाशों के संपर्क में आए थे। पिछले शुक्रवार को राज्य सरकार ने इस चुनौती से निपटने के लिए सर्वदलीय बैठक भी बुलाई थी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App