Arvind Kejriwal Latest News: दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया समेत कुल 23 लोगों को शराब नीति घोटाले मामले में बरी किया है। इसके बाद केजरीवाल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस करके प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह पर जमकर निशाना साधा। केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा षडयंत्र था। यह आम आदमी पार्टी को खत्म करने की साजिश थी, लेकिन जज ने बहुत हिम्मत दिखाई और एक बड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी और अमित शाह को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए।
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि न्यायालय ने बहुत ही ऐतिहासिक फैसला दिया है। मैं न्यायपालिका का और जज साहब का धन्यवाद करना चाहता हूं। आज जब सभी संस्थाओं को डराया जा रहा है, ऐसे में जज साहब ने बहुत हिम्मत दिखाई है। मैं उन सभी वकीलों का धन्यवाद देना चाहता हूं जिन्होंने हमारा पूरा साथ दिया। आप जान रहे हैं कि पिछले चार साल से ईडी और सीबीआई को इस्तेमाल करके हमारे ऊपर एक शराब घोटाला नाम का आरोप लगाया गया। सीबीआई और ईडी ने उसमें चार्जशीट दायर की। आज कोर्ट को इस पर फैसला लेना था क्या चार्जशीट में इतना मैटेरियल है कि मुकदमा चलाया जाए और कोर्ट ने लगभग 600 पेज के आदेश में कहा है कि इतने सबूत नहीं कि इसमें मुकदमा चलाया जाए। अगर मुकदमा चलाया जाता तो ये 15-20 साल चलता। कोर्ट ने इसे फर्जी केस बताया।
‘मोदी और शाह ने पूरा षडयंत्र रचा’
केजरीवाल ने कहा कि ये पूरा षड्यंत्र दो लोगों ने रचा था। नरेंद्र मोदी जी और अमित शाह जी। इन दोनों को पूरे देश से माफी मांगनी चाहिए। इन दोनों ने आम आदमी पार्टी को बर्बाद करने के लिए षड्यंत्र रचा। वो देख रहे थे कि आम आदमी पार्टी काम रही है, लोगों की भलाई कर रही है, लेकिन इन्होंने हमारी पार्टी को बर्बाद करने के लिए षड्यांत्र रचा। मैंने जिंदगी में केवल ईमानदारी कमाई है। एक पैसा नहीं कमाया। आज कोर्ट के ऑर्डर के बाद ये साबित हो गया कि केजरीवाल कट्टर ईमानदार है। मनीष सिसोदिया कट्टर ईमानदार है।
‘अगर भाजपा 10 सीटें भी जीतती है मैं राजनीति छोड़ दूंगा’
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि मैंने अपने जीवन में ईमानदारी और सम्मान के अलावा कुछ नहीं कमाया है। उन्होंने कहा कि वे देख सकते थे कि वे हमें दिल्ली में हरा नहीं सकते। वे जानते थे कि दिल्ली की जनता हमारे काम से खुश है और प्रदर्शन की राजनीति के मामले में उनके पास कोई आधार नहीं है। इसलिए उन्होंने साजिश रची। जनता जानती है कि केजरीवाल ईमानदार हैं, इसलिए उन्होंने मेरी ईमानदारी पर हमला किया। जनता जानती है कि आम आदमी पार्टी ईमानदार है, इसलिए उन्होंने पार्टी की विश्वसनीयता को निशाना बनाया। उन्होंने आम आदमी पार्टी को खत्म करने की साजिश रची और बार-बार कहा, ‘केजरीवाल बेईमान हैं, केजरीवाल बेईमान हैं।’ उन्होंने मुझ पर शराब घोटाले का, रिश्वत लेने का, 100 करोड़ रुपये की हेराफेरी का आरोप लगाया। मैंने अपने जीवन में ईमानदारी और सम्मान के सिवा कुछ नहीं कमाया। मैंने एक भी अवैध पैसा नहीं कमाया। मैं उनके जैसा नहीं हूं। मैंने सिर्फ ईमानदारी कमाई है, और यही वे नष्ट करना चाहते थे। इसीलिए उन्होंने यह साजिश रची।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चुनौती देते हुए केजरीवाल ने कहा कि मैं पीएम मोदी को दिल्ली में नए सिरे से चुनाव कराने की चुनौती देता हूं, अगर भाजपा 10 से ज्यादा सीटें जीतती है, तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।
केजरीवाल ने कहा, “मैं आपसे पूछता हूं कि केजरीवाल जेल गया, क्या रॉबर्ट वाड्रा जेल गया? संजय सिंह जेल गया, क्या राहुल गांधी जेल गया? मनीष सिसोदिया जेल गया, क्या सोनिया गांधी जेल गईं? कांग्रेसी किस मुंह से बात करते हैं, उन्हें शर्म नहीं आती?” वहीं, सीबीआई ने इस मामले को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में अर्जी दाखिल की है।
क्या है मामला?
दिल्ली शराब नीति घोटाले मामले में शुक्रवार को राउज एवेन्यू कोर्ट दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, उनके सहयोगी मनीष सिसोदिया और भारत राष्ट्र समिति (बीआरएसी) एमएलसी के. कविता को सभी आरोपों से बरी कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि आरोपों को तभी माना जाएगा जब उनके साथ ठोस और पर्याप्त सबूत मौजूद हों, जो इस मामले में जांच एजेंसी द्वारा प्रस्तुत नहीं किए जा सके।
राउज एवेन्यू कोर्ट ने सबसे पहले आबकारी विभाग के पूर्व कमिश्नर कुलदीप सिंह को बरी किया। इसके बाद पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया और आखिर में अरविंद केजरीवाल बरी किया। कोर्ट ने जांच एजेंसी के सबूतों को कमजोर और अपर्याप्त बताया और चार्जशीट में कई खामियों की भी बात कही।
इस पूरे मामले की शुरुआत 2022-23 की दिल्ली एक्साइज पॉलिसी से हुई थी। जिसमें सीबीआई और ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग और घोटाले के आरोप दर्ज किए थे। इस केस में कई नेता जेल भेजे गए थे। कोर्ट ने साफ कहा कि संवैधानिक पदाधिकारियों पर आरोप लगाने के लिए ठोस सबूत होना जरूरी है, केवल दावों से केस नहीं बनाया जा सकता।
केजरीवाल-सिसोदिया के बरी होने पर क्या बोली बीजेपी
बीजेपी सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में उनको बरी किया है। यह तकनीकी विषय है। यह बात भी सही है कि सैकड़ों की संख्या में सिम कार्ड और फोन सबूत के तौर पर नष्ट किए गए थे। अब वो किस भाव से सबूत नष्ट किए गए थे, उस कारण से सबूतों का अभाव उत्पन्न हुआ है। पूरी खबर पढ़ें।
