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केजरीवाल ईमानदार लेकिन साथ के कई लोग ठीक नहीं: अण्णा

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से निराश हैं। उनका कहना है कि भाजपा के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार ने घोषणाएं ज्यादा कर दीं पर किया कुछ नहीं।
Author रालेगण सिद्धि | January 4, 2016 01:05 am

प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता अण्णा हजारे केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार से निराश हैं। उनका कहना है कि भाजपा के नेतृत्व वाली मौजूदा सरकार ने घोषणाएं ज्यादा कर दीं पर किया कुछ नहीं। अण्णा की राय में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ईमानदार हैं। लेकिन साथ के लोगों के मामले में केजरीवाल का चुनाव सही नहीं रहा।

रालेगण सिद्धि में अण्णा इन दिनों एक तालाब बनाने के काम में जुटे हैं। सुबह से खड़े-खड़े तार्पोलीन बिछाने का काम देखने के बाद साढ़े तीन बजे उन्होंने भोजन किया और यादव बाबा मंदिर में थोड़ा-सा आराम। इसी मंदिर के जीर्णोद्धार से अण्णा ने 1975 में अपने सामाजिक कार्य की शुरुआत की थी। शाम को निर्माणाधीन तालाब के किनारे इस संवाददाता से बातचीत में उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार का आरोप था। उनके कई मंत्री भ्रष्ट थे। भ्रष्टाचार से महंगाई बढ़ी। महंगाई से जनता तंग आ गई। इन्होंने (भाजपा ने) कहा कि अच्छे दिन लाएंगे। लोगों ने इसीलिए उन्हें चुना। लेकिन (इस सरकार को) डेढ़ साल से ज्यादा हो गया। इन्होंने भ्रष्टाचार पर कुछ नहीं किया। लोकपाल का कुछ नहीं किया। लोकायुक्त की नियुक्तियां नहीं हुईं। घोषणाएं करते हैं पर किया कुछ नहीं। अण्णा ने कहा कि चुनाव के दौरान उन्होंने (नरेंद्र मोदी ने) कहा था कि भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को प्राथमिकता देंगे। पर अब कुछ बोलते नहीं।

मालूम हो कि रालेगण सिद्धि के संत अण्णा हजारे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक और पत्र लिखकर उन्हें उनके चुनावी वादों की याद दिलाई है और कहा कि उनकी सरकार और पूर्व की कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार के बीच कोई अंतर नजर नहीं आता। नए साल पर मोदी को शुभकामनाएं देते हुए अण्णा ने तीन पन्नों के अपने पत्र में प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा कि वे काला धन वापस लाने और भ्रष्टाचार मुक्त भारत बनाने जैसे 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान किए गए अपने वादे भूल गए हैं। यह पत्र शुक्रवार को प्रेस को जारी किया गया।

अपने पत्र में अण्णा ने किसानों को उनकीउपज के लिए लाभकारी कीमत दिया जाना सुनिश्चित करने को भी कहा है। मालूम हो कि किसानों की आत्महत्या की घटनाओं के मामले में महाराष्ट्र सर्वाधिक प्रभावित राज्य है। अण्णा हजारे महाराष्ट्र के किसानों के लिए और गांवों को स्वावलंबी बनाने के लिए सबसे अधिक काम कर रहे हैं।

लोकपाल आंदोलन से उभर कर दिल्ली की सत्ता तक पहुंचे अरविंद केजरीवाल को ईमानदार व्यक्ति बताते हुए अण्णा ने कहा कि आंदोलन के दौरान अरविंद ने बच्चों की तरफ ध्यान नहीं दिया, परिवार की परवाह नहीं की और समाज के काम में लगे रहे। अपना पूरा समय इसी काम में लगा दिया। बहुत मेहनती हैं। उन्होंने माना कि राजनीति में जाने के अपने इरादे के बारे में केजरीवाल ने उन्हें बताया था। तब उन्होंने (अण्णा ने) कहा कि पार्टी में ईमानदारों को खोजने का रास्ता नहीं है।

अण्णा ने माना कि सिसोदिया भी ईमानदार व्यक्ति हैं। लेकिन साथ के कई लोग ठीक नहीं। सही लोगों का चयन नहीं हो पाया। इसीलिए कई लोगों के खिलाफ आरोप सामने आए और जेल जाना पड़ा। यह पूछे जाने पर कि क्या केजरीवाल को अब लोकसभा की तरफ ध्यान देना चाहिए, उन्होंने अपनी ओर से कोई सुझाव दिए बिना कहा- कोशिश तो वे यही कर रहे हैं। बढ़ता प्रदूषण अण्णा हजारे की भी चिंता के केंद्र में है और इसी प्रदूषण के खिलाफ सड़कों पर वाहनों की संख्या कम करने के लिए कड़ा कदम उठाने वाले केजरीवाल की सरकार के कामकाज के बारे में उन्होंने कोई टिप्पणी नहीं की। इसकी जगह उल्टा इस संवाददाता से सवाल किया कि आप तो ज्यादा करीब (दिल्ली में) हैं, आप बताइए कि कैसा चल रहा है।

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