सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य को लेकर हाई कोर्ट के द्वारा चिंता जताए जाने के बाद जंतर-मंतर पर गहमा-गहमी बढ़ गई। वांगचुक के द्वारा संसद मार्च की तैयारियां तेज किए जाने के आह्वान से कार्यकर्ताओं में जोश दिखा। काकरोच जनता पार्टी (काजपा) के लोग प्रस्तावित संसद मार्च की तैयारी में नए सिरे से जुट गए।

सपा सांसद डिंपल यादव, कांग्रेस नेता शशि थरूर, आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षी नेताओं ने सोनम वांगचुक से मुलाकात की। कांग्रेस नेता शशि थरूर ने खुला पत्र लिखकर 27 दिनों से आंदोलनरत प्रदर्शनकारियों में हौसला भर दिया।

बुधवार को जो ‘मंच’ वागंचुक की सेहत और अदालत के निर्देशों को लेकर चिंतित था, वह गुरुवार को बदल चुका था। संगीतकार विशाल ददलानी, अभिनेता सयाजी शिंदे, अभिनेता अतुल कुलकर्णी और लेखिका शोभा डे के मिले समर्थन ने भी उनका उत्साह बढ़ा दिया।

आंदोलन को लगातार समर्थन मिल रहा है। किसान नेता राकेश टिकैत ने भी ‘चलो संसद’ मार्च में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है ताकि सरकार तक एक संदेश पहुंचाया जा सके। फिल्म ‘3 इडियट्स’ के अभिनेता ओमी वैद्य, अभिनेत्री जीनत अमान, सोनी राजदान, शबाना आजमी, सोनाक्षी सिन्हा, अनुराग कश्यप और अभय देओल ने समर्थन दिया है। सदन रहे कि राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों की अपील के बावजूद अपनी भूख हड़ताल खत्म करने से इनकार कर लोगों से 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने की अपील कर दी थी।

गुरुवार को जंतर मंतर पर जबरदस्त जोश दिखा। खुद सोनम वांगचुक ने सेहत को ठीक बताते हुए जैसे ही 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च में शामिल होने का देश से आह्वान किया, प्रदर्शनकारी संसद मार्च की तैयारी में जी जान से जुट गए। आंदोलन पर नजर रखने वाले कई लोगों का कहना था कि उन्हें सोनम वांगचुक की तबीयत बिगड़ने पर आंदोलन के अपने आप कमजोर पड़ने का अंदेशा था। वांगचुक के जोशीले संबोधन ने बाजी पलट दी।

अब वेबसाइट या मिस्ड काल से जोड़ने की मुहिम तेज हो गई है। काजपा के अभिजीत दिपके ने कहा कि लोगों से अभियान की वेबसाइट या मिस्ड काल सुविधा के जरिए संसद मार्च में पंजीकरण करने की की मुहिम और तेज किया जाएगा। काजपा ने दावा किया कि 20 जुलाई को होने वाले संसद मार्च में अब तक लगभग एक लाख से ज्यादा लोगों ने अपनी भागीदारी की पुष्टि की है इसे चार दिन में दोगुना करने का लक्ष्य है। हर कोई इसे सोशल मंचों के जरिए देश वासियों को जोड़ेगा।

जनमत संग्रह के नतीजे आए, प्रधान को हटाने की मांग

क्रांतिकारी युवा संगठन (केवाईएस) ने आज धर्मेंद्र प्रधान के केंद्रीय शिक्षा मंत्री बने रहने के मुद्दे पर कराए गए जनमत संग्रह (रेफरेंडम) का परिणाम घोषित किया। आनलाइन और जंतर-मंतर पर आफलाइन कराए गए जनमत संग्रह में हिस्सा लेने वाले लोगों ने प्रधान को नकार दिया है। आनलाइन जनमत संग्रह में, 83,679 प्रतिभागियों में से 90.7 फीसद ने प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से हटाए जाने का मत दिया। वहीं जंतर-मंतर पर हुए जनमत संग्रह में, 5,007 लोगों ने हिस्सा लिया और 4,832 ने प्रधान के शिक्षा मंत्री बने रहने को लेकर साफतौर पर ‘नहीं’ कहा। जनमत संग्रह का परिणाम जंतर-मंतर पर विख्यात अर्थशास्त्री, ज्यां ड्रेज और प्रख्यात राजनीतिक विज्ञानशास्त्री, अचिन वानाइक की उपस्थिति में घोषित किया गया।

सांसद शशि थरूर के खुले पत्र ने भरा उत्साह

सांसद शशि थरूर ने आंदोलन को लेकर खुला पत्र जारी किया है। मंच पर इसकी चर्चा है। युवाओं में उत्साह है। थरूर लिखते हैं-देश आपकी बात सुन रहा है। आप अकेले नहीं हैं। उन्होंने उपवास समाप्त करने का आग्रह के साथ वांगचुक से कहा कि आपने राष्ट्र की अंतरात्मा को जगाया है और उपवास का यही उद्देश्य होता है।

थरूर ने यह भी कहा कि सोमवार से संसद का सत्र फिर शुरू हो रहा है, इसलिए हमें अपने लोकतंत्र के सबसे बड़े मंच पर छात्रों के मुद्दों को उठाने का मौका मिलेगा। समस्या का समाधान वहीं होना चाहिए, न कि आमरण अनशन से।

‘चिंताओं को नजरअंदाज न करे सरकार’

जंतर मंतर पर लोगों से आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा कि केंद्र सरकार को युवाओं, छात्रों और वांगचुक की बात सुननी चाहिए। बार-बार होने वाले परीक्षा प्रश्नपत्र लीक को लेकर उनकी चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। इसकी कीमत युवाओं को चुकानी पड़ती है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से पद छोड़ने की मांग करते हुए कहा कि सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाया जाना चाहिए। अपने पुराने अनुभव को याद करते हुए केजरीवाल ने कहा कि आज यहां आते हुए मुझे चार अप्रैल 2011 की याद आ गई, जब भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन के दौरान मैं अन्ना हजारे के साथ इसी जगह बैठा था। तीन साल बाद वह सरकार सत्ता से बाहर हो गई, क्योंकि उसने लोगों की बात नहीं सुनी और जवाबदेही पर अहंकार को हावी होने दिया।

भीड़ कम, शोर ज्यादा…अभिजीत दीपके से हटकर सोनम वांगचुक पर केंद्रित हो चुका है कॉकरोच जनता पार्टी का विरोध प्रदर्शन

जब अभिजीत दीपके या उनके सहयोगी भाषण दे रहे थे तो उस दौरान मौजूद भीड़ में कई लोग नारे लगा रहे थे तो कुछ लोगों को मैंने कहते सुना मैं बस घूमने आया हूं और मुझे इससे कोई मतलब नहीं, लेकिन अभिजीत दीपके बार-बार यह जरूर कह रहे थे कि मैंने सोशल मीडिया पर तो क्रांति कर दी, अब धरातल पर क्रांति करने के लिए आप लोगों का सहयोग जरूरी है। पढ़ें पूरी खबर।