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यूपी सरकार के प्रोग्राम में अधूरी रह गई कथक डांसर की परफॉर्मेंस, अधिकारी बोले- कव्वाली नहीं चलेगी

कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी ने कहा, '25 सालों के करियर में मैंने करीब 35 देशों में परफॉर्म किया लेकिन कभी मुझे बीच में रोका या स्टेज से उतारा नहीं गया। मैं अपने डांस के जरिये गंगा-जमुनी तहजीब की बात करती रहूंगी।'

कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी (फोटो सोर्स: इंडियन एक्सप्रेस)

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में हो रहे एक कार्यक्रम में अजीबोगरीब स्थिति पैदा हो गई। दरअसल दिल्ली की रहने वाली कथक डांसर मंजरी चतुर्वेदी यहां एक सरकारी कार्यक्रम में परफॉर्म कर रही थीं। अचानक म्यूजिक रोक दिया गया और उन्हें परफॉर्मेंस के बीच में ही स्टेज से उतरना पड़ा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक उन्हें आयोजन से जुड़े सरकारी अधिकारियों ने कहा, ‘कव्वाली नहीं चलेगी, स्टेज पर कव्वाली नहीं होगी।’ इस रवैये से मंजरी नाराज हो गईं।

यूं बदला मंच का रंगः मंजरी पाकिस्तानी कव्वाल नुसरत फतेह अली खान की प्रसिद्ध कव्वाली ‘ऐसा बना संवरा मुबारक तुम्हें’ पर सूफी कथक ‘कलर्स ऑफ लव’ प्रस्तुत कर रही थीं। आयोजकों के इस कदम पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने शुक्रवार (17 जनवरी) को हैदराबाद में कहा, ‘पहले मुझे लगा कोई तकनीकी समस्या होगी, लेकिन कुछ देर वह स्टेज पर ही रहीं और दूसरे परफॉर्मर का नाम घोषित किया गया तो उन्हें अहसास हो गया।’

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मंजरी ने मंच से दी प्रतिक्रियाः उन्होंने कहा, ‘उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति विभाग की तरफ से आयोजित इस कार्यक्रम में अधिकारियों ने मुझसे कहा कि कव्वाली नहीं चलेगी, स्टेज पर कव्वाली नहीं होगी।’ कव्वाली के बाद स्टेज पर ‘राधा-कृष्णा’ और गौहर जान पर प्रस्तुति दी गई। चतुर्वेदी ने कहा कि उन्होंने तुरंत माइक लिया और कहा, ’25 सालों के करियर में मैंने करीब 35 देशों में परफॉर्म किया लेकिन कभी मुझे बीच में रोका या स्टेज से उतारा नहीं गया। मैं अपने डांस के जरिये गंगा-जमुनी तहजीब की बात करती रहूंगी।’

अधिकारियों ने दी यह सफाईः गौरतलब है कि इस कार्यक्रम में यूपी विधानसभा के अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित पहली पंक्ति में ही बैठे थे। अधिकारियों ने पहचान जाहिर न किए जाने की शर्त पर कहा, ‘म्यूजिक रोकने की वजह धार्मिक नहीं थी, समय की कमी के कारण ऐसा किया गया।’ मंजरी के मुताबिक संस्कृति विभाग के दो अधिकारियों ने स्टेज के पीछे उनसे कहा, ‘ऐसा नहीं होना चाहिए था लेकिन आपने स्थिति को शालीनता से संभाला।’

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