ताज़ा खबर
 

कश्मीरी शख्स का आरोप- आधी रात को घर से खींच कर ले गए फौजी, नंगा कर पीटा; सेना का ज्यादती से इनकार

शोपियां जिले के हीरपोरा गांव में साक्षात्कार में आबिद के हाथ कांप रहे थे। उन्होंने बताया कि आधी रात को सैनिक उनके घर में आए और उन्हें व भाई को घसीटकर घर से बाहर ले गए।

armyतस्वीर का इस्तेमाल केवल प्रतीकात्मक रूप से किया गया है।

जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद 370 के अधिकतर प्रावधान निरस्त होने के बाद केंद्र सरकार और सेना लगातार दावा करती रही हैं वहां हालात सामान्य हैं और धीरे-धीरे आम जन जीवन पटरी पर लौट रहा है। हालांकि इसके उलट कश्मीर के ही 26 वर्षीय आबिद खान ने भारतीय सुरक्षा बलों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। फ्रेंच न्यूज एजेंसी एएफपी को दिए साक्षात्कार में आबिद ने कहा कि उनके साथ बुरी तरह मारपीट की गई।

साक्षात्कार के दौरान उन्होंने अपने कूल्हों पर चोटों के निशान पर भी दिखाए। अंग्रेजी अखबार टेलीग्राफ ने अपनी एक खबर में यह तस्वीर शेयर की है, जो 12 सितंबर को खींची गई। शोपियां जिले के हीरपोरा गांव में न्यूज एजेंसी संग साक्षात्कार में आबिद के हाथ कांप रहे थे। उन्होंने बताया कि आधी रात को सैनिक उनके घर में आए और उन्हें व भाई को घसीटकर घर से बाहर ले गए। आबिद ने बताया, ‘चौगाम आर्मी कैंप ले जाया गया। जहां मुझे नंगा कर दिया। पैर और कलाई बांध दी गईं और रॉड से बुरी तरह पीटा गया।’

17 सितंबर को टेलिग्राफ में प्रकाशित खबर का स्क्रीनशॉट।

इसी बीच आर्मी कैंप के मेजर ने आबिद पर एक हालिया विवाह में हिजबुल मुजाहिदीन से लेकर रियाज नाइको को आमंत्रित करने का आरोप लगाया। आबिद ने इन आरोपों से इनकार कर दिया। कश्मीर में आर्मी के प्रवक्ता कर्नल राजेश कालिया ने एएफपी को बताया कि सभी आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन सबसे अधिक पेशेवर और लोगों के अनुकूल तरीके से किए जाते हैं। उन्होंने कहा कि सेना के खिलाफ लगाए गए मारपीट के आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।

उल्लेखनीय है कि सोमवार को कश्मीर से जुड़ी एक याचिका की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश ने केंद्र और जम्मू-कश्मीर प्रशासन से कहा कि घाटी में जल्द से जल्द हालात में सामान्य करें। सुप्रीम कोर्ट ने अधिकारियों को ‘चुनिंदा आधार’ पर जरुरी कदम उठाने के दौरान राष्ट्र हित को ध्यान में रखने के लिए कहा है। मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो वह स्वंय श्रीनगर जाएंगे और वह इस बारे में जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से बात भी करेंगे।

इससे पहले, मुख्य न्यायाधीश ने जम्मू कश्मीर में लोगों को राज्य के उच्च न्यायालय तक पहुंचने में कथित रूप से हो रही कठिनाइयों के दावों को ‘अत्यधिक गंभीर’ बताया। उच्चतम न्यायालय ने इस मामले में मुख्य न्यायाधीश से रिपोर्ट मंगाकर इन दावों का सत्यापन करने का फैसला लिया। बता दें कि घाटी में सोमवार को लगातार 43वें दिन भी जनजीवन प्रभावित रहा।

Hindi News के लिए हमारे साथ फेसबुक, ट्विटर, लिंक्डइन, टेलीग्राम पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News AppOnline game में रुचि है तो यहां क्‍लिक कर सकते हैं।

Next Stories
1 Chandrayaan 2 : चंद्रयान-2 पर बोले नोबेल विजेता वैज्ञानिक- समस्याएं और अप्रत्याशित घटनाएं देती हैं अनुसंधान को धार
2 जेईई एडवांस्ड का आयोजन 17 मई को होगा
3 बंगला खाली नहीं करने वाले सांसदों की बढ़ेंगी मुश्किलें
ये पढ़ा क्या?
X