1990 में हुई कश्मीरी पंडित सर्वानंद कौल प्रेमी और उनके बेटे वीरेंद्र कौल की हत्या के मामले में राज्य जांच एजेंसी (एसआईए) ने बुधवार को कश्मीर में कई जगहों पर छापेमारी की है।

एजेंसी ने जम्मू-कश्मीर के राजौरी में छह, जम्मू में दो और कश्मीर में एक जगह पर छापेमारी की है। हत्या का मामला अनंतनाग के डुरू पुलिस थाने में दर्ज हुआ था और अब इसकी जांच एसआईए कर रही है।

पेड़ से लटके मिले थे शव

अनंतनाग के कोकरनाग जिले के सोआफ शाली गांव के रहने वाले प्रेमी और उनके बेटे को 29 अप्रैल, 1990 में उनके घर से अगवा किया गया, यातनाएं दी गईं और गोली मारकर हत्या कर दी गई। बाद में उनके शव एक पेड़ से लटके मिले।

प्रेमी राज्य के सम्मानित साहित्यकारों में से एक थे और उन्होंने राष्ट्रीय एकता, सांप्रदायिक सद्भाव और कश्मीर में अलग-अलग समुदायों के बीच भाईचारे के लिए अभियान चलाया था। प्रेमी भारत की आजादी की लड़ाई में भी शामिल रहे थे।

प्रेमी और उनके बेटे की हत्या के बाद कई दशकों तक इस मामले में कुछ भी पता नहीं चला लेकिन अब राज्य की जांच एजेंसी को इस मामले में कुछ सुराग मिले हैं। एजेंसी को प्रेमी और उनके बेटे की हत्या में शामिल अपराधियों और उनके सहयोगियों के बारे में जानकारी मिली है। एजेंसी को पता चला है कि किस तरह कश्मीरी पंडितों को निशाना बनाया गया और घाटी में आतंक फैलाने के मकसद से उनकी हत्या की गई।

प्रेमी के बेटे बोले- लोगों को न्याय मिले

सर्वानंद कौल प्रेमी के दूसरे बेटे राजेंद्र ने एजेंसी के द्वारा की गई छापेमारी का स्वागत किया है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि ऐसे सभी मामलों में लोगों को न्याय मिलना चाहिए और इन्हें जांच एजेंसी को सौंपा दिया जाना चाहिए।

इससे पहले जून, 2026 में जांच एजेंसी ने सरला भट की हत्या मामले में 737 पन्नों की चार्जशीट अदालत में दायर की थी। सरला भट के 1990 में अपहरण, यातना और हत्या के पीछे जेल में बंद यासीन मलिक को मुख्य साजिशकर्ता बताया गया था। यह मामला 34 वर्षों तक ठप पड़ा रहा और बाद में इसे फिर से खोला गया। सरला भट, उन कुछ कश्मीरी पंडित महिलाओं में से एक थीं जो घाटी में आतंकवाद के चरम पर पहुंचने के बावजूद ड्यूटी पर तैनात थीं।

18 अप्रैल, 1990 को ओमर कॉलोनी, मालबाग में सरला भट का अपहरण कर लिया गया, उन्हें यातनाएं दी गईं और गोली मारकर हत्या कर दी गई।

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कश्मीर घाटी में काम कर रहे कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को एक कथित धमकी भरा पत्र सामने आने के बाद कुछ समय के लिए घर पर रहने की सलाह दी गई है। यहां क्लिक कर पढ़ें पूरी खबर।