कश्मीर घाटी में प्रधानमंत्री पुनर्वास पैकेज के तहत नियुक्त कश्मीरी पंडित कर्मचारियों को कथित तौर पर धमकी देने वाला एक नया पोस्टर सामने आने के बाद सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। कर्मचारियों के संगठन ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज फोरम ने जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव अतुल डुल्लू को पत्र लिखकर कार्यस्थलों, आवास और आने-जाने वाले मार्गों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने की मांग की है।

संगठन ने सोमवार को भेजे पत्र में कहा कि 23 अगस्त 2026 की तारीख वाला एक नया धमकी भरा पोस्टर सोशल मीडिया पर सामने आया है। यह पोस्टर कथित तौर पर यूनाइटेड लिबरेशन काउंसिल (ULC) नाम के आतंकी संगठन की ओर से जारी किया गया है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों ने अभी तक पोस्टर की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।

धमकी में नाम, पते और वाहन नंबर का दावा

कर्मचारी संगठन के मुताबिक, कथित पोस्टर में कश्मीरी पंडित प्रवासी कर्मचारियों को निशाना बनाते हुए कुछ लोगों के नाम, पते और वाहन नंबर जैसी निजी जानकारियों का उल्लेख किया गया है। संगठन ने कहा कि इस तरह संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी के साथ धमकी भरे पोस्टर और पत्रों का बार-बार सामने आना बेहद गंभीर चिंता का विषय है।

संगठन ने पत्र में कहा कि मामले की जानकारी संबंधित पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को दे दी गई है, ताकि पोस्टर की सत्यता की जांच की जा सके और आवश्यक कार्रवाई की जाए।

‘डर और असुरक्षा की गहरी भावना’

ऑल पीएम पैकेज एम्प्लॉइज फोरम ने कहा कि इन धमकियों के कारण कश्मीरी पंडित कर्मचारियों और उनके परिवारों के बीच ‘डर और असुरक्षा की गहरी भावना’ पैदा हुई है। संगठन ने नए धमकी भरे पोस्टर की तत्काल और पूरी जांच करने के साथ-साथ इसके पीछे मौजूद लोगों की पहचान करने की मांग की है।

कर्मचारियों ने खास तौर पर उन लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है, जिनके नाम, पते या वाहनों से जुड़ी जानकारी कथित धमकी में सामने आई है।

कार्यस्थल और घरों की सुरक्षा की समीक्षा की मांग

पत्र में कर्मचारियों ने सरकार से कार्यस्थलों के अलावा उनके आवास और रोजाना आने-जाने वाले रास्तों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा करने को कहा है। संगठन का कहना है कि संवेदनशील व्यक्तिगत जानकारी सार्वजनिक होने की स्थिति में संबंधित कर्मचारियों को तत्काल सुरक्षा और जरूरी सुरक्षा संबंधी दिशा-निर्देश दिए जाने चाहिए।

दो हफ्ते में दूसरी धमकी

यह घटना रविवार को कश्मीरी पंडित प्रवासियों को धमकी देने वाला एक और पत्र सामने आने के बाद हुई है। इससे करीब दो सप्ताह पहले भी इसी तरह का एक पत्र ऑनलाइन सामने आया था, जिसमें कश्मीर घाटी में काम कर रहे समुदाय के लोगों को कथित तौर पर ‘अपना तरीका बदलने’ की चेतावनी दी गई थी।

कर्मचारी संगठन के अनुसार, कई दशकों में यह पहली बार है जब इस तरह की धमकियों में कथित तौर पर प्रवासी कश्मीरी पंडितों की निजी जानकारियां इतनी विस्तार से सामने आई हैं, जिनमें घर का नंबर और सड़क का नाम तक शामिल होने का दावा किया गया है।

सरकार से ‘तत्काल कदम’ उठाने की अपील

कश्मीरी पंडित कर्मचारियों ने सरकार से पूरे मामले को गंभीरता से लेने और कर्मचारियों की सुरक्षा तथा उनके बीच विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल कदम उठाने की अपील की है। अब सुरक्षा एजेंसियों की जांच से यह स्पष्ट होना बाकी है कि सोशल मीडिया पर सामने आया धमकी भरा पोस्टर वास्तविक है या नहीं और इसके पीछे कौन लोग हैं।

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