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अलगाववादियों के सहारे कश्मीर में हिंसा करा रहा ISI, सरहद पार से अलगाववादी नेता को भेजे गए 70 लाख

चैनल ने दावा किया कि इस इन्वेस्टिगेशन के बाद से स्पष्ट है कि पाकिस्तान न सिर्फ क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है बल्कि भारत में 'आजादी आंदोलन' को प्रारम्भ करने के लिए अलगाववादियों को फंडिंग कर रहा है।
Author नई दिल्ली। | May 6, 2017 18:04 pm
कश्मीर घाटी में यह अशांति बुरहान वानी के मारे जाने के बाद से फैली हुई है।

जम्मू-कश्मीर के लगातार जारी हिंसा, तनाव और पत्थरबाजी के बीच खुलासा हुआ है कि घाटी के युवाओं को भड़काने और हिंसा के लिए प्रेरित करने का काम करने वाले अलगाववादियों को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों आईएसआई (ISI) द्वारा फंड भेजा रहा है। पिछले कुछ महीनों में 70 लाख रुपए भेजे गए हैं। न्यूज चैनल टाइम्स नाऊ ने प्राप्त दस्तावेजों का हवाला देते हुए जम्मू-कश्मीर में युवाओं को भड़काने के लिए पाकिस्तान और अलगाववादियों के बीच कनेक्शन का खुलासा किया है। इस पूरी साजिश कें केंद्र में हुर्रियत नेता शबीर अहमद शाह है। बताया जा रहा है कि घाटी में हिंसा और तनाव के लिए आईएसआई द्वारा शबीर शाह को भेजा गया है। टीवी रिपोर्ट के मुताबिक आईएसआई ने अहमद सागर के माध्यम से पैसे भेजे थे। सागर ने इस पैसे को शबीर शाह को ट्रांसफर किया। घाटी में हिंसा के लिए पाकिस्तान द्वारा 70 लाख रूपए भेजे गए थे।

चैनल ने दावा किया कि इस इन्वेस्टिगेशन के बाद से स्पष्ट है कि पाकिस्तान न सिर्फ क्रॉस-बॉर्डर आतंकवाद को बढ़ावा दे रहा है बल्कि भारत में ‘आजादी आंदोलन’ को प्रारम्भ करने के लिए अलगाववादियों को फंडिंग कर रहा है। कश्मीर में दुखद स्थिति को अलगाववादियों द्वारा भड़काऊ बयान ही नहीं बल्कि पाकिस्तान के एजेंट भी आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए रावलपिंडी से घाटी में हुर्रियत कार्यालयों को धन मुहैया करा रहे हैं। हाल ही में भारत में आईएसआई के एजेंटों को गिरफ्तार किया गया था। उनसे पूछताछ की जा रही है। बीजेपी के वरिष्ठ नेता और सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने इस पर प्रतिक्रिया दी। स्वामी ने तुरंत राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की।

गौरतलब है कि हिजबुल के कमांडर बुरहान वानी के सुरक्षाबलों द्वारा पिछले साल मार गिराए जाने के बाद से घाटी में हिंसक झड़प और तनाव शुरू हो गया था। बुरहान के समर्थन में कश्मीरी युवा सड़कों पर आ गए थे और सेना तथा सुरक्षाबलों पर पथराव कर रहे थे। पुलिस को उपद्रवियों को काबू करने के लिए बल प्रयोग करना पड़ा। बुरहान के मारे जाने के बाद के करीब 10 महीने बीत गए है, लेकिन हिंसा की घटनाएं अभी भी नहीं थमी है। कई बार जब सुरक्षा बल आंतकियों के साथ मुठभेड़ करते हैं तो स्थानीय लोग उनकी ढाल बनकर खड़े हा जाते हैं और पथराव करते हैं।

 

 

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  1. M
    manish agrawal
    May 6, 2017 at 7:42 pm
    bahut garibi hai Kashmir main! kewal 70 lakh rupees mai wahan terrorist generate kiye jaa sakte hain?Madhya Pradesh ko dekhiye! kitne Rich hain yahan ke log!Madhya Pradesh main Patwaari jese maamuli karmchaari ke yahan Income Tax ka raid hota hai to kamse kam 5-7 crore rupyaa nikalta hai ! Mehbooba Mufti Sahiba! aapko apne Kashmir se terrorism hataana hai to sabse pahale apne Govt Employees ko Rich banaaiye,aur Rich kese bane?iski training ke liye unko Madhya Pradesh bhej dijiye! phir Kashmir mai terrorism generate karne ke liye, stan ka kaam Rs70 lakh main nahi chalegaa balki usko billions of dollars kharch karne padenge aur itna paisa wo afford nahi kar sakta! natizaa!Kashmir main terrorism bhooli bisari baat ho jayegi !Madam Mehbooba! yadi terrorism khatm karna hai to Kashmir main Corruption ko promote kijiye ! Corruption, garibon ko mil sakane wale saare benefits khaa a! sabse badi baat Judiciary ki aankhon se sharm ka paani khaa a, to phir ye TERRORISM ki kya aukaat hai?
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