कश्मीर की खूबसूरत वादियां लंबे वक्त से बॉलीवुड को अपनी तरफ आकर्षित करती रही हैं। 60 के दशक में आई “कश्मीर की कली” से लेकर 70 के दशक में आई “कभी कभी” और हाल के वर्षों में आई “हाईवे (2014)” और “राजी (2018)” तक। कई फिल्मों की शूटिंग कश्मीर की हसीन वादियों में हुई है।
लेकिन अब कश्मीर को विश्व सिनेमा के मानचित्र पर पहचान दिलाने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। ऐसे में कश्मीर में पहली बार इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल आयोजित होने जा रहा है। इस फेस्टिवल का नाम “रंग-ए-सिनेमा” रखा गया है।
यह इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 7 से 10 सितंबर तक चलेगा। इसका आयोजन जम्मू-कश्मीर सरकार का सूचना एवं जनसंपर्क विभाग करेगा। सरकार का मकसद जम्मू-कश्मीर को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर फिल्म शूटिंग, सिनेमा, रचनात्मक सहयोग और सांस्कृतिक आदान-प्रदान का बड़ा केंद्र बनाना है।
अंतर्राष्ट्रीय महोत्सव से जुड़े एक अधिकारी ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य जम्मू-कश्मीर के सिनेमा से जुड़े ऐतिहासिक संबंधों को पुनर्जीवित करना है। इसका लक्ष्य स्थानीय प्रतिभाओं के लिए अवसर पैदा करना, फिल्म निर्माताओं को आकर्षित करना, फिल्म पर्यटन को बढ़ावा देना और जम्मू-कश्मीर को वैश्विक सिनेमाई मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करना भी है।
आयोजकों ने महोत्सव के लिए पांच सदस्यीय प्रतिष्ठित जूरी की घोषणा की है। इसमें मशहूर सिनेमैटोग्राफर और निर्देशक संतोष सिवन, फिल्म ‘स्लमडॉग मिलियनेयर’ के लिए मशहूर साउंड डिजाइनर और साउंड मिक्सर रेसुल पूकुट्टी, जर्मन फिल्म क्यूरेटर और पत्रकार डोरोथी वेनर, बैंग सिंगापुर की संस्थापक और सीईओ कीको बैंग और ‘शून्य स्वरूप’ फिल्म के लिए मशहूर निर्देशक हिमांशु शेखर खटुआ शामिल हैं।
फेस्टिवल से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हमें 80 से ज्यादा देशों से महोत्सव के लिए 1,100 से ज्यादा फिल्मों की एंट्री मिली थी। इनमें से 41 देशों की 135 फिल्मों को फेस्टिवल के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है।
भारत से 64 फिल्मों को शॉर्टलिस्ट किया गया है, जबकि फ्रांस से 13 और ईरान से आठ फिल्में इस अंतरराष्ट्रीय महोत्सव का हिस्सा होंगी। अन्य प्रतिभागी देशों में तुर्की, जर्मनी, रूस, स्वीडन, स्पेन, ब्राजील, कतर, अर्जेंटीना, संयुक्त राज्य अमेरिका, दक्षिण कोरिया, कोलंबिया और ताइवान शामिल हैं।
चयनित फिल्मों और कार्यक्रमों का प्रदर्शन श्रीनगर के शेरी कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (SKICC) और INOX PVR, जम्मू के वेव्स सिनेमा और गुलमर्ग हेल्थ रिसॉर्ट में किया जाएगा।
सरकार डल झील पर एक “फ्लोटिंग स्क्रीन” लगाने की भी योजना बना रही है ताकि शिकारा की सवारी का आनंद लेने वाले पर्यटक फिल्में देख सकें।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने उद्घाटन अंतरराष्ट्रीय महोत्सव में भाग लेने वाले अतिथियों और प्रतिनिधियों के लिए 50 सिविल सेवा अधिकारियों को संपर्क अधिकारी नियुक्त किया है। सरकार ने इन सभी अधिकारियों को सोमवार को सूचना निदेशक को अपने कर्तव्यों और जिम्मेदारियों के बारे में जानकारी देने के लिए उपस्थित होने का निर्देश दिया है।
सरकार ने फिल्म फेस्टिवल में 9 अवॉर्ड कैटेगरी के लिए कुल 96 लाख रुपये की पुरस्कार राशि घोषित की है।
सरकार ने नौ श्रेणियों में कुल 96 लाख रुपये की पुरस्कार राशि की घोषणा की है। सर्वश्रेष्ठ फिल्म पुरस्कार के लिए 25 लाख रुपये, सर्वश्रेष्ठ निर्देशक और सर्वश्रेष्ठ नवोदित निर्देशक (Debut Director) के लिए 15 लाख रुपये का पुरस्कार निर्धारित किया गया है। ‘सर्वश्रेष्ठ फिल्म – जम्मू-कश्मीर चयनित’ के लिए 10 लाख रुपये और सर्वश्रेष्ठ अभिनेता (पुरुष और महिला) के लिए 8 लाख रुपये का पुरस्कार दिया जाएगा। सरकार ने सर्वश्रेष्ठ छायांकन, सर्वश्रेष्ठ ध्वनि डिजाइन और सर्वश्रेष्ठ संपादन के लिए 5 लाख रुपये का पुरस्कार घोषित किया है।
- Best Film: ₹25 लाख
- Best Director: ₹15 लाख
- Best Debut Director: ₹15 लाख
- Best Film – J&K Select: ₹10 लाख
- Best Actor (Male): ₹8 लाख
- Best Actor (Female): ₹8 लाख
- Best Cinematography: ₹5 लाख
- Best Sound Design: ₹5 लाख
- Best Editing: ₹5 लाख
अधिकारी के मुताबिक, तीन दिवसीय फिल्म फेस्टिवल में विधु विनोद चोपड़ा, नम्रता राव, बेलोन फोंसेका, चित्रंजन त्रिपाठी, सुप्रियो सेन समेत फिल्म इंडस्ट्री के कई जाने-माने फिल्मकार और प्रोफेशनल हिस्सा लेंगे। फेस्टिवल में जम्मू-कश्मीर की हस्तशिल्प, हथकरघा, स्थानीय व्यंजन, संगीत, पारंपरिक कला और सांस्कृतिक विरासत को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को कहा कि भारत और उज्बेकिस्तान ने अपने संबंधों को व्यापक रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक बढ़ाने का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि इस साझेदारी के तहत 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार में 5 अरब डॉलर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। पढ़ें पूरी खबर।
