ताज़ा खबर
 

सुप्रीम कोर्ट ने माना- J&K की हालत ‘बेहद संवेदनशील’, सरकार को हालात सामान्य करने के लिए मिले पर्याप्त वक्त

न्यायालय ने कहा कि सरकार को राज्य में हालात सामान्य करने के लिये समुचित समय दिया जाना चाहिए। न्यायालय का जम्मू कश्मीर में संचार समेत कई पाबंदियों को हटाने संबंधी याचिका पर तत्काल दिशानिर्देश देने से इंकार कर दिया।

Author नई दिल्ली | August 13, 2019 2:22 PM
देश का सर्वोच्च न्यायालय। (फाइल फोटो)

उच्चतम न्यायालय ने ‘कश्मीर टाइम्स’ के संपादक से, मीडिया पर लगी पाबंदियों को हटाने की मांग करने वाली याचिका को तत्काल सूचीबद्ध करने के लिए रजिस्ट्रार को ज्ञापन देने को कहा। न्यायालय ने कहा जम्मू कश्मीर की मौजूदा स्थिति ‘बहुत ही संवेदनशील’ है और यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि वहां किसी की जान नहीं जाये। न्यायालय ने कहा कि सरकार को राज्य में हालात सामान्य करने के लिये समुचित समय दिया जाना चाहिए। न्यायालय का जम्मू कश्मीर में संचार समेत कई पाबंदियों को हटाने संबंधी याचिका पर तत्काल दिशानिर्देश देने से इंकार कर दिया।

वहीं, केंद्र ने न्यायालय को बताया कि जम्मू कश्मीर की स्थिति की रोजाना हालात समीक्षा की जा रही है। केंद्र ने आतंकवादी बुरहान वानी की मुठभेड़ में मौत के बाद कश्मीर में जुलाई 2016 में हुए विरोध प्रदर्शन का हवाला देते हुए न्यायालय को बताया कि हालात सामान्य होने में कुछ दिन का समय लगेगा। अटार्नी जनरल के के वेणुगोपाल ने कहा कि हमें यह सुनिश्चित करना है कि जम्मू कश्मीर में कानून व्यवस्था बनी रहे।

बता दें कि जम्मू कश्मीर को लेकर कथित तौर पर भारत विरोधी दुष्प्रचार करने के लिए चार ट्विटर हैंडल्स पर सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर रोक लगा दी गयी है। अधिकारियों ने सोमवार को बताया कि सुरक्षा एजेंसियों के अनुरोध पर ऐसा किया गया है। उन्होंने कहा कि इसी तरह की गतिविधियों में कथित रूप से शामिल रहने के लिए जल्द चार और खातों पर रोक लगाई जा सकती है।

संपर्क करने पर इस बारे में ट्विटर के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘‘हम निजता और सुरक्षा कारणों से लोगों के व्यक्तिगत खातों पर टिप्पणी नहीं करते। ट्विटर से किये गए कानूनी अनुरोधों को साल में दो बार ट्विटर परर्दिशता रिपोर्ट में प्रकाशित किया जाता है।’’ अधिकारियों ने कहा कि ट्विटर खातों के खिलाफ कार्रवाई की गयी क्योंकि वे कथित तौर पर जम्मू कश्मीर पर भारत के खिलाफ झूठा और बेबुनियाद प्रचार कर रहे थे। इसबीच जम्मू-कश्मीर पुलिस का कहना है कि वह राज्य में सुरक्षा बलों के बीच आपसी झड़प की फर्जी खबर का दावा करने वाले ट्विटर हैंडल के खिलाफ कार्रवाई के लिए सोशल मीडिया से संपर्क करेगी।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ लिंक्डइन पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

Next Stories
1 J&K में इस वक्त तैनात हैं बस ये दो महिला IAS और IPS अफसर, कर रहीं आम लोगों से लेकर वीवीआईपी की हिफाजत
2 NRC in Assam: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- छूट गए लोगों के नाम 31 अगस्त को ऑनलाइन करें प्रकाशित
3 पश्चिम बंगाल में BJP को रोकने के लिए TMC और कांग्रेस मिला सकते हैं हाथ