ताज़ा खबर
 

कश्मीर के सिविल सोसायटी समूह ने राष्ट्रपति से वार्ता शुरू करने की अपील की

जम्मू कश्मीर के एक सिविल सोसायटी समूह ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर अलगाववादियों समेत सभी पक्षों के साथ सीधी बातचीत करने तथा वार्ता शुरू करने से पहले विश्वास बहाली के तौर पर अफस्पा जैसे कानूनों को हटाने....

Author श्रीनगर | September 8, 2016 11:09 PM
पत्थरबाजी के आरोप में पुलिस ने एक लड़के को गिरफ्तार किया है। उसकी उम्र पर विवाद छिड़ा है। (Express File Photo)

जम्मू कश्मीर के एक सिविल सोसायटी समूह ने राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी को पत्र लिखकर अलगाववादियों समेत सभी पक्षों के साथ सीधी बातचीत करने तथा वार्ता शुरू करने से पहले विश्वास बहाली के तौर पर अफस्पा जैसे कानूनों को हटाने और पैलेट गनों के इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग की है।
सीधी वार्ता की वकालत करते हुए इस समूह ने ट्रैक टू पहल को खारिज कर दिया है ओर कहा कि ऐसी प्रक्रियाओं का शायद ही कोई नतीजा निकल पाता है। राष्ट्रपति को बुधवार (7 सितंबर) को भेजे पांच पृष्ठ के पत्र में पूर्व नौकरशाहों, न्यायाधीशों, शीर्ष पुलिस अधिकारियों, पत्रकारों एवं शिक्षाविदों के इस समूह ने कहा है, ‘‘महामहिम, हम आपसे उचित समय-सीमा के अंदर कश्मीर मुद्दे के स्थायी हल के वास्ते भारत सरकार को सभी पक्षों खासकर उन लोगों से, जिनसे 2004 और 2007 में ऐसी वार्ता की गयी थी, के साथ सीधी, तत्काल, सोद्देश्य और परिणामोन्मुखी वार्ता शुरू करने और उसकी घोषणा करने के लिए राजी करने हेतु हस्तक्षेप करने का आह्वान करते हैं। ’

HOT DEALS
  • Moto Z2 Play 64 GB Lunar Grey
    ₹ 14999 MRP ₹ 29499 -49%
    ₹2300 Cashback
  • Apple iPhone 6 32 GB Space Grey
    ₹ 27200 MRP ₹ 29500 -8%
    ₹4000 Cashback

संगठन ने कहा, ‘‘हमारा विश्वास है कि सभी पक्षों के साथ वार्ता के माध्यम से इस विवाद का स्थायी हल आम तौर पर इस उपमहाद्वीप और खास तौर पर जम्मू कश्मीर के लोगों के हित में होगा।’ उसने कहा, ‘‘एक बार जब प्रधानमंत्री इस विवाद के स्थायी हल के लिए इंसानियत, ऐसी धारणा जो किसी भी कानून और संविधान से भी उच्च्ंची है, के दायरे में वार्ता शुरू करने का इरादा प्रकट कर चुके हैं तो वार्ता के लिए कोई शर्त लगाने की कोई तुक नहीं है।’’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App